
मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच टकराव और तीखा होता जा रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने एक बार फिर ईरान को सख्त चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर तय समय सीमा से पहले कोई समझौता नहीं होता, तो हालात इतने गंभीर हो सकते हैं कि “एक पूरी सभ्यता खत्म हो सकती है।”
ट्रंप ने यह बयान अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर दिया। उन्होंने लिखा कि वह ऐसा नहीं चाहते, लेकिन स्थिति तेजी से उस दिशा में बढ़ सकती है। उनका कहना है कि अगर हालात बदले तो यह दुनिया के इतिहास का अहम मोड़ साबित हो सकता है।
ट्रंप ने ईरान को समझौते के लिए मंगलवार रात 8 बजे (वॉशिंगटन समय) तक का समय दिया है। भारतीय समय के अनुसार यह डेडलाइन बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे तक है।इस बीच अमेरिका का कहना है कि अगर ईरान तय शर्तों पर बातचीत नहीं करता, तो उसके सैन्य और रणनीतिक ढांचे पर और कड़े कदम उठाए जा सकते हैं।
अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि युद्ध के सैन्य उद्देश्य काफी हद तक पूरे हो चुके हैं और अब यह देखना होगा कि आगे क्या फैसला लिया जाता है। वेंस के मुताबिक, ईरान की सैन्य क्षमताओं को काफी कमजोर किया गया है और फारस की खाड़ी में उसकी रणनीतिक ताकत पर भी असर पड़ा है। उनका कहना है कि अब यह फैसला ईरान के लोगों और उसके नेतृत्व पर निर्भर करेगा कि वह आगे किस रास्ते को चुनते हैं।
यह भी पढ़ें: ‘गुरुद्वारा समझकर घुस गया’… दिल्ली विधानसभा में घुसपैठ के आरोपी की अजीब दलील
रिपोर्ट्स के अनुसार अमेरिका और इजराइल ने ईरान के कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया है। इनमें Kharg Island भी शामिल है, जो ईरान का सबसे बड़ा तेल निर्यात केंद्र माना जाता है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, यहां 50 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए हैं। इन हमलों को ईरान पर दबाव बढ़ाने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
तनाव की एक बड़ी वजह Strait of Hormuz भी है। यह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का बड़ा हिस्सा गुजरता है। अमेरिका चाहता है कि इस मार्ग को खुला रखा जाए और समुद्री यातायात बाधित न हो। इसी मुद्दे को लेकर ईरान पर दबाव बढ़ाया जा रहा है।
हालांकि ईरान ने अमेरिका के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। साउथ अफ्रीका में स्थित ईरानी दूतावास ने ट्रंप की धमकी पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि अमेरिका और उसके सहयोगियों को ईरान की प्राचीन सभ्यता से ऐसा जवाब मिलेगा, जिसे वे भूल नहीं पाएंगे। ईरानी मीडिया के मुताबिक, हालिया धमकियों के बाद कई कूटनीतिक चैनल और अप्रत्यक्ष वार्ताएं भी रुक गई हैं।
तनाव के बीच ईरान ने संकेत दिया है कि अगर हमले जारी रहते हैं तो वह खाड़ी क्षेत्र में अपने विरोधियों के बुनियादी ढांचे को निशाना बना सकता है। रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल ही में एक जहाज और सऊदी अरब में कुछ औद्योगिक ठिकानों पर हमले किए गए हैं, जिनका संबंध अमेरिकी कंपनियों से बताया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और इजराइल के हमलों का मकसद ईरान पर दबाव बनाना है, ताकि वह जल्द किसी समझौते के लिए तैयार हो जाए। हालांकि ईरान फिलहाल सख्त रुख अपनाए हुए है और उसने साफ कर दिया है कि जब तक हमले नहीं रुकते, बातचीत संभव नहीं है। अब नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में हालात किस दिशा में जाते हैं। क्या तनाव और बढ़ेगा या कूटनीतिक बातचीत के जरिए कोई समाधान निकलेगा।
यह भी पढ़ें: उमा भारती ने सड़क किनारे हाथठेला पर बेचा पोहा-जलेबी, लगी भीड़...देखिए तस्वीरें
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।