
Twisha Sharma Death Case: नोएडा की रहने वाली 33 वर्षीय पूर्व ब्यूटी पेजेंट विजेता ट्विशा शर्मा की भोपाल के कटारा हिल्स स्थित ससुराल में हुई संदिग्ध मौत ने अब एक बेहद कड़वी और बदसूरत कानूनी जंग का रूप ले लिया है। दिसंबर 2025 में भोपाल के हाई-प्रोफाइल वकील समर्थ सिंह से शादी करने वाली ट्विशा महज 5 महीने बाद, 12 मई की रात फंदे से लटकी मिली थीं। ट्विशा तो अब इस दुनिया में नहीं हैं, लेकिन उनकी मौत के बाद दोनों परिवारों के बीच आरोपों का एक ऐसा घिनौना खेल शुरू हो चुका है जिसने सबको झकझोर कर रख दिया है। एक तरफ जहां पीड़ित माता-पिता अपनी मृत बेटी के हक के लिए दर-दर भटक रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ रसूखदार ससुराल पक्ष मृतका की मानसिक स्थिति पर ही कीचड़ उछालने में जुट गया है।
इस पूरे मामले में ट्विशा के परिवार ने जो सबूत कोर्ट और मीडिया के सामने रखे हैं, वे रोंगटे खड़े कर देने वाले हैं। अभियोजन पक्ष के मुताबिक, मौत से महज तीन दिन पहले यानी 9 मई को ट्विशा ने अपनी मां को कई वॉट्सऐप मैसेज भेजे थे। एक मैसेज में ट्विशा ने रोते हुए गुहार लगाई थी, "मां, प्लीज़ कल आप मुझे यहां से लेने आ जाओ।" दूसरे मैसेजेस में उसने अपनी शादीशुदा जिंदगी को "नरक" बताते हुए लिखा था कि उसके पति ने उससे बात करना पूरी तरह बंद कर दिया है।
इससे भी ज्यादा चौंकाने वाला आरोप यह है कि ट्विशा दो महीने की गर्भवती थीं, लेकिन उनके पति समर्थ सिंह ने होने वाले बच्चे के पिता होने पर ही घटिया सवाल खड़े कर दिए। परिवार का दावा है कि समर्थ ट्विशा के साथ बेरहमी से मारपीट करता था और उसी ने दबाव बनाकर ट्विशा का जबरन गर्भपात (Medical Termination of Pregnancy - MTP) करवाया था।
ट्विशा के भाई, मेजर हर्षित शर्मा ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान भोपाल पुलिस और अपनी सास, रिटायर्ड सेशन जज गिरिबाला सिंह के आचरण पर कई गंभीर विसंगतियां उजागर की हैं। हर्षित का दावा है कि घटना के बाद पुलिस को पहली कॉल ससुराल वालों ने नहीं, बल्कि खुद उनके परिवार ने नोएडा से की थी। उन्होंने एक रहस्यमयी वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि जब घर में ट्विशा की लाश लटकी थी, तब पूर्व जज गिरिबाला सिंह वीडियो में "बेहद शांत भाव से टहलती हुई" दिख रही थीं। भाई ने सवाल उठाया कि जब पुलिस स्टेशन घर के बिल्कुल पास था, तो तुरंत मदद क्यों नहीं बुलाई गई? परिवार का आरोप है कि रसूख के दम पर एफआईआर दर्ज करने में जानबूझकर देरी की गई और सबूतों को नष्ट करने की कोशिश की गई।
दूसरी तरफ, आरोपी पक्ष और ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह ने समाचार एजेंसी एएनआई (ANI) के सामने आकर एक हैरान करने वाला दावा किया है। उन्होंने दहेज और प्रताड़ना के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ट्विशा गंभीर मानसिक बीमारी से जूझ रही थीं। सास का आरोप है कि ट्विशा को ऐसी हैवी दवाएं दी जा रही थीं जो आमतौर पर 'सिज़ोफ्रेनिया' (Schizophrenia) के मरीजों को दी जाती हैं। उन्होंने दावा किया कि दवा छोड़ने के कारण ट्विशा के हाथ कांपते थे और मूड स्विंग्स होते थे। इतना ही नहीं, सास ने ट्विशा के पिता पर निशाना साधते हुए कहा कि वे विदेश में फार्मास्यूटिकल सेक्टर में काम करते हैं और संभवतः वे ही इन दवाओं का जरिया थे। इस पर ट्विशा की मां रेखा शर्मा ने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि चूंकि उनकी बेटी अब अपना बचाव करने के लिए जिंदा नहीं है, इसलिए उस पर ये मनगढ़ंत आरोप मढ़े जा रहे हैं।
यह मामला अब मध्य प्रदेश से निकलकर देश की राजधानी दिल्ली तक पहुंच चुका है। ट्विशा के दोस्तों और रिश्तेदारों ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर कैंडल मार्च और प्रदर्शन करते हुए इस पूरे मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) से कराने की मांग की है। परिवार का कहना है कि भोपाल में हुए पहले पोस्टमॉर्टम में भारी गड़बड़ियां की गई हैं, इसलिए शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम AIIMS दिल्ली में स्वतंत्र डॉक्टरों की देखरेख में कराया जाए।
पिता नवनिधि शर्मा ने भावुक होते हुए कहा कि पुलिस ने खुद कोर्ट में माना था कि आरोपी बेहद प्रभावशाली हैं और सबूत मिटा सकते हैं, फिर भी पूर्व जज गिरिबाला सिंह को अग्रिम जमानत दे दी गई, जो न्याय प्रणाली पर एक बड़ा सवाल है। फिलहाल, मुख्य आरोपी पति समर्थ सिंह कोर्ट से झटका लगने के बाद से ही फरार है। भोपाल पुलिस ने उस पर 10,000 रुपये का नकद इनाम घोषित किया है और छह विशेष टीमें उसकी तलाश में खाक छान रही हैं, लेकिन रसूख के इस खेल में इंसाफ की डगर अब भी धुंधली नजर आ रही है।
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