
Twisha Sharma Case: बुधवार, 27 मई 2026 को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने एक ऐसा ऐतिहासिक और सनसनीखेज फैसला सुनाया, जिसने देश के कानूनी और प्रशासनिक गलियारों में भूचाल ला दिया है। पूर्व मॉडल और एक्टर ट्विशा शर्मा की संदिग्ध मौत के मामले में हाई कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए आरोपी सास और पूर्व जज गिरिबाला सिंह की अग्रिम ज़मानत को पूरी तरह से रद्द कर दिया है। 12 मई को अपने ससुराल में फंदे से लटकी पाई गईं ट्विशा की मौत का सच उगलवाने के लिए अब सेंट्रल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (CBI) को खुली छूट मिल गई है, और ट्विशा के पति समर्थ सिंह पहले से ही सलाखों के पीछे हैं।
इस हाई-प्रोफाइल मामले में आखिर ऐसा क्या छिपा था कि खुद सुप्रीम कोर्ट को निष्पक्षता के लिए स्वतः संज्ञान लेना पड़ा? आइए जानते हैं जस्टिस देवनारायण मिश्रा के 17 पन्नों के उस आदेश के वे 7 खौफनाक और सस्पेंस भरे कारण, जिन्होंने पूर्व जज को ही कटघरे में खड़ा कर दिया:
हाई कोर्ट ने सबसे पहला और तीखा प्रहार भोपाल सेशंस कोर्ट के रुख पर किया। अदालत का मानना था कि 15 मई को 10वें अतिरिक्त सेशंस न्यायाधीश ने बिना दिमाग लगाए, बेहद यांत्रिक (mechanically) तरीके से FIR दर्ज होने के दिन ही गिरिबाला सिंह को अग्रिम ज़मानत की ढाल दे दी थी। सेशंस कोर्ट ने आरोपी के रसूख को तो देखा, लेकिन उनके खिलाफ लगे संगीन और गंभीर आरोपों की गहराई को पूरी तरह नज़रअंदाज़ कर दिया।
जस्टिस मिश्रा ने अपने आदेश में साफ कहा कि ट्रायल कोर्ट ने राहत देते समय केस डायरी में मौजूद अहम सबूतों को अनदेखा किया। मृतक ट्विशा के परिवार द्वारा लगाए गए गंभीर आरोपों और प्राथमिक गवाहों के बयानों पर पर्याप्त रूप से विचार ही नहीं किया गया, जिससे शुरुआती जांच की दिशा ही भटक गई थी।
#WATCH | Twisha Sharma death case | Twisha's mother-in-law, Giribala Singh, was spotted feeding a stray dog outside her residence in Bhopal, Madhya Pradesh, the morning after her anticipatory bail was quashed by the Jabalpur High Court. pic.twitter.com/lRP8efOMgP
— ANI (@ANI) May 28, 2026
सस्पेंस को गहरा करने वाला सबसे बड़ा वैज्ञानिक सबूत ट्विशा की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से सामने आया। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्विशा के शरीर पर मौत से पहले की (Antemortem) चोटों के 6 गहरे निशान थे। इनमें से 4 चोटें बाएं हाथ पर, एक अनामिका उंगली पर और एक सिर पर थी। हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया कि ये चोटें अस्पताल ले जाते समय या फंदे से उतारते समय नहीं लगी थीं, बल्कि मौत से पहले उनके साथ बर्बरता की गई थी।
शुरुआत में यह दिखाने की कोशिश की जा रही थी कि सारे आरोप केवल पति समर्थ सिंह पर हैं। लेकिन जब हाई कोर्ट ने ट्विशा के व्हाट्सऐप चैट्स और परिवार के बयानों को खंगाला, तो सस्पेंस से पर्दा उठ गया। चैट्स से यह साफ जाहिर होता है कि प्रताड़ना के इस खेल में समर्थ के साथ-साथ पूर्व जज गिरिबाला सिंह भी बराबर की हिस्सेदार थीं।
13 मई से दर्ज गवाहों के बयानों में एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ। ट्विशा के परिवार ने आरोप लगाया था कि शादी के समय दिए गए दहेज से असंतुष्ट होकर पति और सास लगातार उसे मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। हद तो तब हो गई जब गिरिबाला सिंह ने कथित तौर पर अपने बेटे के साथ मिलकर ट्विशा पर अपना गर्भ गिराने (Abortion) का जानलेवा दबाव भी बनाया था।
ज़मानत रद्द होने का एक बड़ा कारण गिरिबाला सिंह का खुद का असहयोगात्मक रवैया रहा। सीबीआई ने कोर्ट में दलील दी कि अग्रिम ज़मानत का सुरक्षा कवच मिलते ही पूर्व जज ने जांच एजेंसी को हल्के में लेना शुरू कर दिया। बयान दर्ज कराने के लिए उन्हें कई बार आधिकारिक नोटिस जारी किए गए, लेकिन उन्होंने जांच में सहयोग करने से साफ इनकार कर दिया।
हाई कोर्ट ने सीबीआई की इस दलील में भारी दम पाया कि इस हाई-प्रोफाइल मौत के पीछे कोई बहुत बड़ी साजिश छिपी है, जिसकी गहरी जांच जरूरी है। भारतीय न्याय संहिता (BNS, 2023) की धारा 80(2), 85, 3(5) और दहेज निषेध अधिनियम के तहत दर्ज इस मामले में अब सच का सामना करने के लिए गिरिबाला सिंह को हिरासत में लेकर पूछताछ (Custodial Interrogation) करना अनिवार्य हो गया है। इसी के साथ उनके बचने के सारे रास्ते बंद हो चुके हैं।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।