
Twisha Sharma Death Case: भोपाल के पॉश इलाके से सामने आए इस हाई-प्रोफाइल मामले ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। मॉडल और अभिनेत्री ट्विशा शर्मा की रहस्यमयी मौत को लेकर सस्पेंस कम होने के बजाय हर गुजरते दिन के साथ और गहराता जा रहा है। हालांकि शुरुआती पोस्टमार्टम रिपोर्ट इसे आत्महत्या बता रही है, लेकिन मृतका के परिवार के गंभीर आरोपों और जांच की कड़ियों में दिख रहे झोल ने पुलिस प्रशासन को कटघरे में खड़ा कर दिया है। 12 मई को भोपाल स्थित ससुराल में जिमनास्टिक रस्सी से लटकता मिला ट्विशा का शव आज भी AIIMS के मुर्दाघर में इंसाफ का इंतजार कर रहा है, क्योंकि परिवार ने ठोस कार्रवाई से पहले अंतिम संस्कार करने से साफ इनकार कर दिया है। इस रोंगटे खड़े कर देने वाले मामले में 7 ऐसे अनुत्तरित सवाल हैं, जो किसी बड़ी साजिश की तरफ इशारा कर रहे हैं:
केस की सबसे बड़ी पहेली घर में लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज से जुड़ी है। शाम करीब 7:20 बजे ट्विशा को सीढ़ियों से ऊपर छत की तरफ जाते देखा गया। इसके ठीक एक घंटे बाद उनका बेजान शरीर नीचे लाया गया। सवाल यह उठता है कि उस बंद कमरे में उन 60 मिनटों के दौरान आखिर क्या हुआ था? उस वक्त घर में कौन-कौन मौजूद था और अगर कोई अनहोनी हो रही थी, तो समय रहते मदद क्यों नहीं पहुंची?
ट्विशा के माता-पिता का सीधा आरोप है कि उनकी बेटी को अस्पताल ले जाने में जानबूझकर देरी की गई। हालांकि ससुराल पक्ष का दावा है कि उन्होंने सीढ़ियों की लैंडिंग पर ही ट्विशा को सीपीआर (CPR) देने की कोशिश की थी, जो नाकाम रही। लेकिन कानूनी जानकारों का मानना है कि इतनी गंभीर स्थिति में तुरंत एम्बुलेंस बुलाने या अस्पताल भागने के बजाय घर पर ही वक्त क्यों गंवाया गया? क्या इस दौरान कुछ छुपाने की स्क्रिप्ट लिखी जा रही थी?
मौत से ठीक कुछ दिन पहले ट्विशा ने अपनी मां को कई व्हाट्सएप मैसेज भेजे थे। इन चैट्स में उन्होंने अपने ससुराल वालों से गहरे मनमुटाव और भयानक मानसिक प्रताड़ना का जिक्र किया था। यह मैसेज इस बात का पुख्ता सबूत हैं कि वह किसी बड़े भावनात्मक दबाव में थीं। आखिर वह कौन सी बात थी जो ट्विशा को अंदर ही अंदर खाए जा रही थी?
सबूतों को संभालने के तरीके ने जांच पर सबसे बड़ा सवालिया निशान लगा दिया है। जांच अधिकारी उस नायलॉन की रस्सी को मेडिकल बोर्ड के सामने वक्त पर पेश करने में नाकाम रहे, जिससे ट्विशा का शव लटका मिला था। इसके चलते डॉक्टर्स फंदे की रस्सी और ट्विशा के गले पर आए निशानों की वैज्ञानिक तुलना (Ligature Mark Matching) नहीं कर पाए। क्या यह महज लापरवाही है या फॉरेंसिक सबूतों के साथ जानबूझकर की गई छेड़छाड़?
ट्विशा की सास गिरिबाला सिंह मध्य प्रदेश की एक रिटायर्ड जज हैं, जबकि उनके पति समर्थ सिंह (जो फिलहाल फरार हैं) भोपाल के नामी वकील हैं। परिवार का आरोप है कि इसी रसूख के दम पर जांच को प्रभावित किया जा रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की साफ वजहें सामने नहीं आ पाई हैं और शरीर की अंदरूची चोटों पर सस्पेंस बरकार है। हैरान करने वाली बात यह है कि अदालत ने परिवार की दूसरी पोस्टमार्टम (Re-postmortem) की मांग को भी ठुकरा दिया है।
ससुराल पक्ष ने दावा किया था कि ट्विशा ड्रग्स की आदी थीं और उनका मानसिक इलाज चल रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम की विसरा रिपोर्ट में किसी भी तरह के नशे के अंश नहीं मिले हैं। इस झूठ के बेनकाब होने के बाद अब यह सवाल सबसे बड़ा हो गया है कि क्या ट्विशा ने खुद अपनी जान ली, या फिर उन्हें एक ऐसे जाल में फंसाया गया जहां मौत के अलावा कोई रास्ता नहीं बचा था?
ट्विशा के परिवार ने सार्वजनिक तौर पर लगभग 46 फोन नंबरों की एक लिस्ट साझा की है। आरोप है कि ट्विशा की मौत के तुरंत बाद उनकी पूर्व-जज सास गिरिबाला सिंह ने ताबड़तोड़ कई कॉल किए थे। पुलिस डायरी में अभी तक यह साफ नहीं हुआ है कि ये रहस्यमयी नंबर किसके थे? आखिर मौत की खबर पुलिस को देने से पहले गिरिबाला सिंह किन प्रभावशाली लोगों से संपर्क साध रही थीं? इन कॉल रिकॉर्ड्स (CDR) का सच सामने आना अभी बाकी है।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।