
लखनऊ: उत्तर प्रदेश का सियासी माहौल 2027 की चुनावी चौसर बिछने से पहले ही गरमा चुका है, लेकिन इस बार असली मुकाबला ज़मीनी नारों के साथ-साथ डिजिटल स्क्रीन पर भी लड़ा जा रहा है। नेताओं के पुराने ज़माने के जुबानी हमले अब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से बनाए जा रहे हाई-टेक वीडियो में बदल चुके हैं। हाल ही में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (BJP) और मुख्य विपक्षी दल समाजवादी पार्टी (SP) के बीच एक बड़ा डिजिटल टकराव सामने आया है। सोमवार को सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की। वहां उन्होंने पत्रकारों के सामने एक विवादित AI वीडियो चला दिया। इस वीडियो के सामने आते ही सत्ता के गलियारों से लेकर सोशल मीडिया तक राजनीतिक भूचाल आ गया।
पहले भाजपा आई टी सेल द्वारा Ai से अखिलेश यादव पर यह वीडियो बनाया गया, उसके बाद जवाब में समाजवादी पार्टी ने CM योगी का चिलम पीते हुए Ai वीडियो सोशल मीडिया में वायरल किया गया। https://t.co/1mWfE5ZFo0 pic.twitter.com/MZUulnXwsN
— Abhimanyu Singh (@Abhimanyu1305) August 31, 2026
पूर्व मुख्यमंत्री और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह वीडियो चलाया। उन्होंने इससे पहले एक दूसरा वीडियो भी दिखाया, जिसे उन्होंने BJP का बताया और कहा कि उसमें उन्हें निशाना बनाया गया था। अखिलेश ने कहा कि उन्हें एक वीडियो भेजा गया था और यह समाजवादी पार्टी का बनाया हुआ वीडियो नहीं था। उनके मुताबिक, किसी व्यक्ति ने यह वीडियो उन्हें भेजा था। इसके बाद उन्होंने वह वीडियो मीडिया के सामने चलाया, जिसमें योगी आदित्यनाथ को लेकर आपत्तिजनक अंदाज में कटाक्ष किया गया था।
वीडियो में गेरुआ कपड़े पहने कुछ लोगों को मंदिर के दान पात्र से चोरी करते हुए दिखाया गया है। इसके साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की ऐसी AI तस्वीर भी दिखाई गई, जिसमें उन्हें धूम्रपान करते हुए दिखाया गया है। वीडियो में एक गाना भी चलता है, जिसके बोल योगी आदित्यनाथ को निशाना बनाते हैं। इसमें कहा गया है कि बाबा की वजह से उत्तर प्रदेश बदनाम हुआ है। यह वीडियो BJP समर्थक कुछ सोशल मीडिया हैंडल से प्रसारित उस म्यूजिक वीडियो के जवाब के तौर पर सामने आया, जिसमें अखिलेश यादव को उनके उपनाम ‘टीपू’ से संबोधित करते हुए उन पर हमला किया गया था। उस वीडियो के गाने में भी उत्तर प्रदेश के बदनाम होने का जिक्र करते हुए अखिलेश को निशाना बनाया गया था।
प्रिय प्रदेशवासियों, अब अखिलेश यादव ने अपना मुखौटा स्वयं उतारकर फेंक दिया है। अब उन्होंने लकीर भी खींच दी है और प्रदेश की जनता के सामने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि उनकी मूल विचारधारा क्या है।
प्रेस कॉन्फ्रेंस करके साधु-संतों, सनातन परंपरा और करोड़ों सनातनियों की आस्था का जिस… pic.twitter.com/oBuJpFXtJA— BJP Uttar Pradesh (@BJP4UP) September 1, 2026
वीडियो सामने आने के बाद BJP ने समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव पर तीखा हमला बोला। उत्तर प्रदेश BJP ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर लिखा कि अखिलेश यादव ने खुद अपना नकाब उतार दिया है। पार्टी ने आरोप लगाया कि अखिलेश ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए संतों, सनातन और करोड़ों सनातनियों की आस्था का अपमान किया है। BJP ने इसे समाजवादी पार्टी की सनातन विरोधी सोच का सार्वजनिक प्रदर्शन भी बताया। BJP का कहना है कि राजनीतिक विरोध अपनी जगह है, लेकिन संत और धार्मिक आस्था से जुड़े प्रतीकों को इस तरह दिखाना स्वीकार नहीं किया जा सकता।
BJP के वरिष्ठ नेता और सांसद जगदंबिका पाल ने भी अखिलेश यादव पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रह चुके हैं और उन्हें राजनीतिक मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए। जगदंबिका पाल ने सवाल उठाया कि क्या विपक्ष इतना नीचे चला जाएगा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को चिलम पीते हुए दिखाया जाए। उन्होंने कहा कि अखिलेश यादव की नजर में क्या साधु और संत की छवि सिर्फ चिलम पीने वाले व्यक्ति की है? BJP नेता ने दावा किया कि उत्तर प्रदेश की जनता 2027 के विधानसभा चुनाव में इस तरह की राजनीति का जवाब देगी।
BJP की आपत्ति के बाद समाजवादी पार्टी पीछे हटने के बजाय एक और वीडियो लेकर सामने आई। SP ने योगी आदित्यनाथ की उसी तरह की तस्वीर का इस्तेमाल करते हुए वीडियो जारी किया और लिखा कि उत्तर प्रदेश धुएं से दम घुटने की स्थिति में है। इस तरह BJP और SP के बीच AI वीडियो को लेकर चल रही राजनीतिक लड़ाई और तेज हो गई। दोनों दल एक-दूसरे के खिलाफ सोशल मीडिया कंटेंट के जरिए हमला कर रहे हैं और जवाब में नया वीडियो सामने आ रहा है।
उत्तर प्रदेश BJP के महासचिव सुब्रत पाठक ने भी समाजवादी पार्टी पर निशाना साधा। पाठक 2024 के लोकसभा चुनाव में कन्नौज सीट से अखिलेश यादव के खिलाफ चुनाव लड़ चुके हैं और उन्हें हार का सामना करना पड़ा था। उन्होंने कहा कि योगी आदित्यनाथ सिर्फ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री नहीं हैं, बल्कि एक संत भी हैं। उनके मुताबिक, इस AI वीडियो से यह पता चलता है कि समाजवादी पार्टी के मन में योगी के लिए कैसी सोच है। सुब्रत पाठक ने यह भी आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी किसी मुस्लिम धर्मगुरु को इस तरह नहीं दिखाएगी, चाहे वह मौलाना या मौलवी अपनी पत्नी का सार्वजनिक रूप से अपमान ही क्यों न करे।
उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव अभी दूर हैं, लेकिन BJP और SP के बीच राजनीतिक तापमान बढ़ता दिख रहा है। इस बार लड़ाई सिर्फ भाषणों और पोस्टरों तक सीमित नहीं है। AI से तैयार वीडियो, गाने और सोशल मीडिया कंटेंट भी राजनीतिक संदेश देने का माध्यम बन रहे हैं। अखिलेश यादव ने साफ कहा कि अगर BJP उन्हें निशाना बनाने के लिए AI का इस्तेमाल कर गाने बना रही है, तो समाजवादी पार्टी भी उन गानों का जवाब गानों से ही देगी। यानी आने वाले समय में उत्तर प्रदेश की सियासत में AI वीडियो और डिजिटल कंटेंट की भूमिका और बढ़ सकती है। BJP और SP के बीच यह डिजिटल वार 2027 के चुनावी माहौल में किस दिशा में जाता है, यह देखना अहम होगा।
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