जमुई केस में मुख्य आरोपी नंदन यादव के पैर में गोली लगी, जबकि हरेराम यादव गिरफ्तार हुआ। दोनों ट्रैक्टर चालक हैं और बालू ढोने का काम करते थे।
बिहार के जमुई में नाबालिग लड़के-लड़की से दुर्व्यवहार और बदसलूकी के मामले में पुलिस ने सख्त एक्शन लेते हुए मुख्य आरोपी नंदन यादव और हरेराम यादव का एनकाउंटर किया है। जानकारी के मुताबिक, पुलिस मुठभेड़ में नंदन के पैर में गोली लगी, जबकि हरेराम के भी पांव में चोट आई है। दोनों को फिलहाल जमुई सदर अस्पताल ले जाया गया है।
क्या करते हैं मुख्य आरोपी नंदन-हरेराम यादव?
रिपोर्ट्स के मुताबिक, नंदन और हरेराम यादव ट्रैक्टर चालक हैं और बालू ढोने का काम करते हैं। दोनों जमुई सदर थाना क्षेत्र के प्रतापपुर गांव के रहने वाले हैं। मामले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने फुटेज और दूसरे साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान शुरू की थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कई जगह छापेमारी की।
मुठभेड़ में घायल हुए दोनों आरोपी
फरार चल रहे मुख्य आरोपी नंदन यादव की मंगलवार को पुलिस के साथ मुठभेड़ हुई। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नंदन ने पुलिस पर हमला करने की कोशिश की, जवाबी कार्रवाई में उसके पैर में गोली लगी। वहीं, हरेराम यादव को भी पैर में चोट आई है। दोनों आरोपियों को जमुई के सदर अस्पताल में एडमिट किया गया है। मामले में पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई और मुठभेड़ से जुड़ी परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है।
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क्या है पूरा मामला?
- पुलिस के मुताबिक, यह घटना 19 सितंबर की शाम करीब 7 बजे हुई थी।
- बताया गया कि नाबालिग लड़की अपने दोस्त के साथ फोटो खींचने के लिए पहाड़ी इलाके में गई थी।
- इसी दौरान कुछ युवकों ने दोनों को रोक लिया और उनके साथ दुर्व्यवहार करने लगे।
- घटना का वीडियो भी बनाया गया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हो गया।
- वीडियो सामने आने के बाद मामले ने तूल पकड़ा और पुलिस जांच शुरू हुई।
- पुलिस ने वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान करने के साथ-साथ पीड़ितों से भी घटना के संबंध में जानकारी ली थी।
नाबालिग पीड़िता का वीडियो वायरल करने वालों पर भी एक्शन
- इस मामले में पुलिस ने सिर्फ आरोपियों के खिलाफ ही कार्रवाई नहीं की है। नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करते हुए वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने वालों के खिलाफ भी एक्शन लिया जा रहा है।
- जमुई एसपी विश्वजीत दयाल के मुताबिक, करीब 120 अलग-अलग सोशल मीडिया प्रोफाइल यूजर्स के खिलाफ साइबर थाने में शिकायत दर्ज की गई है।
- पुलिस ने अपील की है कि नाबालिग पीड़िता से जुड़ा वीडियो डाउनलोड, शेयर या दोबारा सोशल मीडिया पर वायरल न करें।
- पीड़िता की पहचान उजागर करने वाले कंटेंट को फैलाने वालों पर भी कड़ा एक्शन लिया जाएगा।
SIT कर रही मामले की जांच
जमुई मामले की जांच के लिए पुलिस ने SIT का गठन भी किया है। टीम घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रही है और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस वायरल वीडियो, पीड़ितों के बयान और दूसरे उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ा रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी लगातार कार्रवाई की जा रही है।


