
लखनऊ। प्रदेश सरकार ने मुजफ्फरनगर के मोरना स्थित गंगा किसान सहकारी चीनी मिल की पेराई क्षमता बढ़ाने और नई तकनीक से मिल के आधुनिकीकरण का बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी दी गई।
कैबिनेट के फैसले के अनुसार मिल की वर्तमान 2500 टी.सी.डी. पेराई क्षमता को पहले 3500 टी.सी.डी. और बाद में 5000 टी.सी.डी. तक बढ़ाया जाएगा। जर्जर प्लांट और पुरानी तकनीक के कारण अब तक किसानों को अपेक्षित लाभ नहीं मिल पा रहा था। नई आधुनिक मशीनरी लगने से उत्पादन बढ़ेगा और संचालन अधिक कुशल होगा।
नई तकनीक से पेराई क्षमता बढ़ने का सीधा लाभ गन्ना किसानों को मिलेगा। इससे किसानों की आय बढ़ाने और समय पर गन्ना मूल्य भुगतान सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। यह कदम किसानों को मजबूत बनाने, सहकारी मिल व्यवस्था को सशक्त करने और कृषि अर्थव्यवस्था को गति देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
नई आधुनिक मिल की स्थापना से क्षेत्र में किसानों का भरोसा बढ़ेगा। उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे, जिससे क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
योगी सरकार ने बहराइच जिले के राजस्व ग्राम भरथापुर के आपदा प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बसाने के लिए बड़ा निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री की घोषणा के क्रम में गुरुवार को कैबिनेट ने 136 परिवारों के पुनर्वास की योजना को स्वीकृति दी। नई बसाई जाने वाली बस्ती का नाम मुख्यमंत्री की अनुमति से तय किया जाएगा।
भरथापुर गांव एक ओर गेरुआ नदी और दूसरी ओर कौड़ियाल नदी से घिरा है। उत्तर दिशा में वन्य जीव क्षेत्र और नेपाल सीमा है। सड़क मार्ग न होने के कारण ग्रामीणों को नाव से आवागमन करना पड़ता था, जिससे हमेशा दुर्घटना का खतरा बना रहता था।
29 अक्टूबर 2025 को कौड़ियाल नदी में नाव पलटने से 9 लोगों की मौत हो गई थी। इस दर्दनाक हादसे के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 2 नवंबर 2025 को गांव का हवाई सर्वेक्षण किया और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थान पर बसाने की घोषणा की थी। अब कैबिनेट ने इस घोषणा को औपचारिक मंजूरी दे दी है।
प्रभावित परिवारों को ग्राम पंचायत सेमरहना, तहसील मिहींपुरवा (मोतीपुर) में बसाया जाएगा। इसके लिए लगभग 1.70 हेक्टेयर भूमि राजस्व विभाग को निःशुल्क हस्तांतरित की जाएगी। भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया जिलाधिकारी बहराइच द्वारा पूरी की जाएगी।
पुनर्वास योजना के तहत सभी 136 परिवारों को अलग-अलग आवासीय प्लॉट दिए जाएंगे। इन्हें मुख्यमंत्री आवास योजना या प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के मकान उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि परिवार सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी सकें। नई बस्ती में सड़क, नाली, सीसी रोड, इंटरलॉकिंग टाइल्स, ग्रीन बेल्ट, एलईडी स्ट्रीट लाइट और पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं विकसित की जाएंगी। यह कार्य लोक निर्माण विभाग, ग्राम्य विकास विभाग और जल जीवन मिशन के माध्यम से कराया जाएगा। भूमि आवंटन की जिम्मेदारी उपजिलाधिकारी मिहींपुरवा को दी गई है। सभी सुविधाएं विकसित होने के बाद बस्ती ग्राम पंचायत को सौंप दी जाएगी।
जो परिवार पहले ही अपनी पुरानी भूमि वन विभाग या अन्य विभागों को सौंप चुके हैं, उन्हें वन विभाग के पैकेज के अतिरिक्त इस पुनर्वास योजना का लाभ भी दिया जाएगा।
उत्तर प्रदेश सरकार वर्ष 2026-27 का बजट 11 फरवरी को प्रस्तुत करेगी। यह फैसला मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में लिया गया। साथ ही यह तय किया गया कि विधानमंडल का बजट सत्र 9 फरवरी से शुरू होगा।
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि 9 फरवरी को राज्यपाल आनंदीबेन पटेल का अभिभाषण होगा। 10 फरवरी को सदन में दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि दी जाएगी। 11 फरवरी को पूर्वाह्न 11 बजे बजट पेश किया जाएगा। सरकार का ध्यान विकास, जनकल्याण, बुनियादी ढांचे और आर्थिक मजबूती पर केंद्रित रहेगा।
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