मिडिल-ईस्ट में जारी युद्ध के बीच ईरान के नेता अली लारिजानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को चेतावनी दी है कि युद्ध कुछ ट्वीट से खत्म नहीं होगा। उन्होंने कहा कि जब तक अमेरिका अपनी गलती स्वीकार कर कीमत नहीं चुकाता, ईरान पीछे हटने वाला नहीं है।

Iran-US War Latest News: मिडिल ईस्ट में जारी भीषण संघर्ष के बीच ईरान की सर्वोच्च राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारिजानी ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कड़ी चेतावनी दी है। लारिजानी ने कहा कि युद्ध शुरू करना आसान हो सकता है, लेकिन इसे कुछ ट्वीट्स के जरिए खत्म नहीं किया जा सकता। उनका कहना है कि ईरान तब तक पीछे नहीं हटेगा, जब तक अमेरिका अपनी गलती स्वीकार नहीं करता और उसकी भारी कीमत नहीं चुकाता।

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ट्रंप के ‘जल्द जीत’ वाले दावे पर लारिजानी का जवाब

लारिजानी ने ट्रंप के उस बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि अमेरिका युद्ध को जल्दी खत्म कर सकता है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए लारिजानी ने लिखा, ट्रंप कहते हैं कि वे जल्दी जीत चाहते हैं। लेकिन युद्ध शुरू करना आसान है, जबकि इसे कुछ ट्वीट्स के जरिए खत्म नहीं किया जा सकता। हम आपको तब तक नहीं छोड़ेंगे, जब तक आप अपनी गलती स्वीकार कर उसकी कीमत नहीं चुका देते।

ट्रंप का दावा- ईरान में बड़े पैमाने पर हमले

बुधवार को ट्रंप ने दावा किया था कि अमेरिका ने ईरान में इतने बड़े पैमाने पर हमले किए हैं कि अब वहां निशाना बनाने के लिए बहुत कम टारगेट बचे हैं। अमेरिकी मीडिया प्लेटफॉर्म Axios को दिए एक टेलीफोन इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा था कि ईरान के कई सैन्य ठिकानों और रणनीतिक लक्ष्यों पर बड़े हमले किए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि वो जब चाहें तब इस युद्ध को खत्म कर सकते हैं और संघर्ष का अंत ज्यादा दूर नहीं है।

28 फरवरी से जारी है अमेरिका-ईरान और इजरायल युद्ध

28 फरवरी से शुरू हुआ ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच संघर्ष लगातार तेज होता जा रहा है। इस युद्ध में अब तक सैकड़ों लोगों की मौत हो चुकी है और कई सैन्य व ऊर्जा ठिकाने तबाह हो चुके हैं। हाल के दिनों में अमेरिकी और इजरायली हवाई हमलों में ईरान के कई महत्वपूर्ण ऊर्जा डिपो और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया है।

ऊर्जा आपूर्ति और मिडिल-ईस्ट की स्थिरता पर खतरा

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर यह टकराव लंबे समय तक चलता है तो इसका असर पूरे मिडिल ईस्ट और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर पड़ सकता है। ईरान की ओर से बार-बार यह संकेत दिया जा रहा है कि अगर उसके ऊर्जा ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचा, तो पूरे क्षेत्र में बिजली और ऊर्जा सप्लाई पर व्यापक असर पड़ सकता है।

युद्ध लंबा खींचने की रणनीति का संकेत

विश्लेषकों के अनुसार लारिजानी का बयान इस बात का संकेत है कि ईरान इस संघर्ष को लंबा खींचने के लिए तैयार है और अमेरिका पर दबाव बनाने की रणनीति अपना रहा है। ऐसे में आने वाले दिनों में मिडिल ईस्ट की स्थिति और तनावपूर्ण हो सकती है।