ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका और इज़राइल के साथ जारी युद्ध को खत्म करने के लिए तीन शर्तें रखीं—ईरान के अधिकारों की मान्यता, युद्ध का हर्जाना और भविष्य में हमले के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय गारंटी। वहीं क्षेत्र में हमले और सैन्य कार्रवाई जारी है।

Iran-Israel War Day 13: मिडिल-ईस्ट में ईरान के साथ अमेरिका-इजराइल का युद्ध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा है। जंग के 13वें दिन यानी गुरुवार को ईरान के प्रॉक्सी संगठन हिजबुल्लाह ने इजराइल पर 150 मिसाइलें दागीं। इसी बीच, ईरान के राष्ट्रपति ने बुधवार को कहा कि हम युद्ध खत्म कर सकते हैं, लेकिन इसके लिए अमेरिका-इजराइल को कुछ शर्तें माननी होंगी।

ईरान ने जंग खत्म करने के लिए रखीं कौन-सी 3 शर्तें

ईरानी राष्ट्रपति के मुताबिक, युद्ध को खत्म करने के लिए हमारी तीन बड़ी शर्तें हैं। 

  • पहली, ईरान के कानूनी अधिकारों को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्यता दी जाए। 
  • दूसरी, युद्ध से हुए नुकसान का हर्जाना दिया जाए। 
  • तीसरी, भविष्य में ईरान पर हमले न हों, इसके लिए पक्की अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा गारंटी दी जाए। पेजेश्कियन ने कहा कि इन शर्तों के बिना युद्ध को रोकना संभव नहीं है।

पश्चिम एशिया में शांति की बात, लेकिन युद्ध जारी

पेजेशकियन ने यह भी कहा कि उन्होंने रूस और पाकिस्तान के नेताओं से बातचीत की है और इस दौरान वेस्ट एशिया में शांति के लिए ईरान की प्रतिबद्धता को दोहराया है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि यह युद्ध “ज़ायोनी शासन” और अमेरिका ने शुरू किया था। अपनी पोस्ट में उन्होंने कहा कि इस युद्ध को खत्म करने का एकमात्र रास्ता यही है कि ईरान के अधिकारों को स्वीकार किया जाए, नुकसान की भरपाई की जाए और भविष्य में हमले रोकने के लिए अंतरराष्ट्रीय गारंटी दी जाए।

बयान के बाद भी जारी रहे हमले

हालांकि, इन बयानों के बावजूद ईरान ने शिपिंग ट्रैफिक और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर अपने हमले जारी रखे। इन हमलों के कारण गुरुवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत लगभग 100 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गई। दूसरी ओर, इजराइल और अमेरिका ने भी ईरान के खिलाफ अपनी सैन्य कार्रवाई जारी रखी। लगभग दो हफ्ते से चल रहे इस युद्ध में फिलहाल तनाव कम होने के कोई संकेत नहीं दिख रहे हैं।

ईरान पर पड़ोसी देशों पर हमले का आरोप

रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान पर आरोप है कि उसने अपने पड़ोसी देशों पर हमला न करने से जुड़े UNGC के प्रस्ताव का उल्लंघन किया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कुवैत और यूएई में भी नए हमले किए गए हैं। ईरान ने इज़राइल की ओर कई मिसाइलें भी दागीं। इन मिसाइलों के कारण जेरूशलम में लोगों की नींद सायरन और धमाकों की आवाज से खुल गई। इजराइल का एयर डिफेंस सिस्टम इन मिसाइलों को रोकने की कोशिश कर रही है।

इजराइल का ईरान और लेबनान में बड़ा हमला

Israel Defense Forces ने दावा किया है कि उसने ईरान के अंदर बड़े पैमाने पर हमले शुरू कर दिए हैं। इसके साथ ही इजराइल ने लेबनान में भी हमले किए हैं। इजराइल का कहना है कि इन हमलों का निशाना ईरान समर्थित संगठन हिज्बुल्लाह के लड़ाके हैं।

डोनाल्ड ट्रंप बोले – काम खत्म करना है

इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी संकेत दिया कि अमेरिका फिलहाल पीछे हटने के मूड में नहीं है। केंटकी में एक कार्यक्रम के दौरान ट्रंप ने कहा, हम जल्द वापस नहीं जाना चाहते। हमें अपना काम पूरा करना है। उनके इस बयान से साफ है कि अमेरिका की ओर से फिलहाल सैन्य कार्रवाई रोकने की कोई योजना नहीं दिख रही है।