ईरान-इजराइल युद्ध के 12वें दिन ईरान ने बड़े मिसाइल हमले का दावा किया है। जंग में ईरान में 1255 लोगों की मौत और करीब 20 हजार इमारतें नष्ट हो चुकी हैं। वहीं, लेबनान में 7.8 लाख लोग बेघर हो गए हैं और खाड़ी देशों में अमेरिकी टेक कंपनियों के डेटा सेंटर भी संभावित निशाने पर हैं।
Iran-Israel War Day 12: अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जारी युद्ध अब और खतरनाक मोड़ लेता दिख रहा है। युद्ध के 12वें दिन ईरान ने दावा किया है कि उसने इजराइल के खिलाफ अब तक का सबसे बड़ा मिसाइल हमला शुरू कर दिया है। हालांकि, ईरान को भी इस लड़ाई में तगड़ा नुकसान हुआ है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान में अब तक जहां 1255 लोगों की मौत हो चुकी है, वहीं बम धमाकों से करीब 20,000 इमारतें धराशायी हो चुकी हैं।
ईरान में इन्फ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान
युद्ध के कारण आम नागरिकों के बुनियादी ढांचे को भारी नुकसान हुआ है। ईरान की रेड क्रेसेंट सोसाइटी के अनुसार अब तक करीब 19,734 नागरिक इमारतें हमलों में क्षतिग्रस्त हो चुकी हैं। संस्था के शुरुआती आकलन के मुताबिक, 77 मेडिकल सेंटर प्रभावित हुए हैं, 65 शैक्षणिक संस्थानों को नुकसान पहुंचा है, जबकि रेड क्रिसेंट के 16 राहत केंद्र भी हमलों की चपेट में आए हैं। इन राहत केंद्रों का इस्तेमाल मानवीय सहायता और आपदा राहत कार्यों के लिए किया जाता है।
मिडिल-ईस्ट में कहां-कितने लोग मारे गए?
इस जंग में ईरान के बाद सबसे ज्यादा लोग लेबनान में मारे गए हैं। वहां, 570 लोगों की जान जा चुकी है। इसके अलावा इजराइल में 13, इराक में 6, कुवैत-यूएई में 4-4, सऊदी अरब में 2, ओमान में 1 शख्स की जान गई है। इसके अलावा 8 अमेरिकी सैनिक भी इस जंग में मारे जा चुके हैं।
अब टेक कंपनियों के डेटा सेंटर ईरान के निशाने पर
ईरानी मीडिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान अब खाड़ी देशों में मौजूद अमेरिकी टेक कंपनियों के दफ्तरों और डेटा सेंटर्स को भी निशाना बना सकता है। संभावित टारगेट में, गूगल, अमेजॉन, माइक्रोसॉफ्ट, एनवीडिया, आईबीएम, और ओरकल कॉर्पोरेशन जैसी बड़ी टेक कंपनियों के ऑफिस निशाने पर हैं। इन सभी के दफ्तर दुबई और अबू धाबी में मौजूद हैं।
इजराइली हमलों के बाद लेबनान में 7.8 लाख लोग बेघर
लेबनान में इजराइल के हमले शुरू होने के बाद से अब तक 7.80 लाख लोग बेघर हो चुके हैं। लेबनान के सामाजिक मामलों के मंत्रालय के मुताबिक, इनमें से लगभग 1 लाख 20 हजार लोग सरकारी राहत शिविरों में रह रहे हैं।


