बेंगलुरु के बनशंकरी मंदिर में LPG की कमी से अन्नप्रसादम सेवा पर संकट। वैश्विक तनाव के कारण सप्लाई बाधित है। सिलेंडर खत्म होने पर हजारों भक्तों के लिए मुफ्त भोजन की व्यवस्था शुक्रवार से बंद हो सकती है।

बेंगलुरु: शहर के मशहूर बनशंकरी मंदिर पर भी अब ग्लोबल टेंशन का असर दिखने लगा है। ईरान और इजरायल के बीच तनाव के चलते देश के कई हिस्सों में LPG सिलेंडर की सप्लाई में कमी आई है। अब इसका असर राजधानी बेंगलुरु के धार्मिक स्थलों पर भी पड़ रहा है, जिससे मंदिरों में भक्तों को बंटने वाले अन्नप्रसादम में रुकावट आ रही है। बेंगलुरु के प्रसिद्ध बनशंकरी मंदिर में हर दिन हजारों भक्तों के लिए अन्नप्रसादम की व्यवस्था होती है। आम दिनों में यहां करीब 3 से 4 हजार भक्त प्रसाद लेते हैं। मंगलवार और शुक्रवार को तो यह संख्या 4 से 5 हजार तक पहुंच जाती है। मंदिर में भक्तों के लिए सुबह, दोपहर और शाम, तीनों वक्त प्रसाद तैयार किया जाता है।

हर दिन 1-2 कमर्शियल सिलेंडर की जरूरत

सुबह के वक्त पोंगल, पुलियोगरे और राइसबाथ जैसा प्रसाद बनता है। दोपहर में भक्तों को चावल और सांभर परोसा जाता है। शाम को भी प्रसाद की व्यवस्था रहती है। इतनी बड़ी मात्रा में प्रसाद बनाने के लिए मंदिर को हर दिन कम से कम एक से दो कमर्शियल गैस सिलेंडर की जरूरत पड़ती है।

लेकिन, हाल के दिनों में LPG सिलेंडर की सप्लाई घटने से मंदिर मैनेजमेंट के लिए रसोई चलाना मुश्किल हो गया है। अधिकारियों का कहना है कि मंदिर में अभी सिर्फ चार कमर्शियल सिलेंडर ही बचे हैं। इनसे बस आज और कल शाम तक ही खाना बनाया जा सकता है।

मंदिर के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर कृष्णप्पा (Krishnappa) ने बताया कि अगर सिलेंडर की सप्लाई ऐसे ही बंद रही तो शुक्रवार से भक्तों के लिए अन्नप्रसादम की सेवा अस्थायी रूप से बंद करनी पड़ सकती है। उन्होंने मीडिया से कहा कि जब तक मौजूदा सिलेंडर चलेंगे, तभी तक प्रसाद बांटा जाएगा।

सिर्फ होटल और PG ही नहीं, मंदिर भी परेशान

दूसरी तरफ, सिलेंडर की कमी के चलते मंदिर में पहले से ही कम मात्रा में प्रसाद बनाया जा रहा है। मंदिर के मैनेजर देवराज (Devaraj) ने बताया कि अब आम दिनों के मुकाबले सिर्फ आधा प्रसाद ही भक्तों को बांटा जा रहा है। देश में LPG की कमी का असर सिर्फ होटलों और PG पर ही नहीं, बल्कि धार्मिक केंद्रों पर भी पड़ रहा है। मंदिरों में हर दिन हजारों भक्तों को मुफ्त अन्नप्रसादम दिया जाता है, इसलिए गैस की कमी का सीधा असर उनकी सेवाओं पर पड़ रहा है।

इस वजह से मंदिर आने वाले भक्तों और गरीबों को मुफ्त भोजन से वंचित होना पड़ सकता है। भक्त सरकार से मांग कर रहे हैं कि इस समस्या को फौरन हल किया जाए और मंदिरों के लिए गैस सिलेंडर सप्लाई की कोई वैकल्पिक व्यवस्था की जाए।

कुल मिलाकर, मिडिल ईस्ट में छिड़ी जंग का असर दूर बेंगलुरु के मंदिरों तक पहुंचना एक बड़ी बात है। अगर गैस सप्लाई जल्द ही नॉर्मल नहीं हुई, तो शहर के कई और मंदिरों में भी अन्नप्रसादम सेवा अस्थायी रूप से बंद हो सकती है।