क्या DK शिवकुमार की शपथ के साथ कर्नाटक की सत्ता में बड़ा शक्ति-संतुलन बदलने वाला है? 13 मंत्रियों की संभावित सूची में कौन-कौन हैं और आखिरी वक्त पर किसका नाम कट सकता है? क्या जी. परमेश्वर अकेले डिप्टी CM बनेंगे या सामने आएगा नया राजनीतिक समीकरण? सिद्धारमैया के हटने के बाद क्या कांग्रेस ने कर्नाटक में भविष्य की रणनीति का बड़ा दांव खेल दिया है?
Karnataka CM Oath Ceremony: कर्नाटक की राजनीति में आज एक ऐसा ऐतिहासिक और निर्णायक मोड़ आने जा रहा है, जिसकी गूंज पूरे देश के राजनीतिक गलियारों में सुनाई दे रही है। महीनों से चले आ रहे कयासों, बंद कमरों की बैठकों और हाई-प्रोफाइल ड्रामे के बाद आखिरकार 'संकटमोचक' कहे जाने वाले डी.के. शिवकुमार (DK Shivakumar) कर्नाटक के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के पद छोड़ने के बाद, राज्य में आधिकारिक तौर पर "DKS युग" का शंखनाद होने जा रहा है।

ज्योतिषीय सलाह और ग्लास हाउस में अंतिम समय का सस्पेंस
यह शपथ ग्रहण समारोह केवल सत्ता परिवर्तन नहीं, बल्कि कई मायनों में बेहद दिलचस्प और रहस्यों से भरा हुआ है। 64 वर्षीय कांग्रेस नेता डी.के. शिवकुमार आज शाम 4:05 बजे लोक भवन के ग्लास हाउस में पद और गोपनीयता की शपथ लेंगे।
इस समारोह का सबसे बड़ा सस्पेंस तब सामने आया जब परंपरा से हटकर, ग्लास हाउस में मुख्य मंच की दिशा को पश्चिम से बदलकर अचानक पूर्व की ओर कर दिया गया। सूत्रों के मुताबिक, शिवकुमार ने विशेष ज्योतिषीय सलाह के बाद पूर्व की ओर मुख करके शपथ लेने की इच्छा जताई थी। इस अंतिम समय के बदलाव के कारण प्रशासन को बैठने की व्यवस्था, VIP एंट्री और सुरक्षा के पूरे रूट को रातों-रात बदलना पड़ा। सुरक्षा कारणों और भारी भीड़ को देखते हुए बेंगलुरु में आधे दिन की सरकारी छुट्टी भी घोषित की गई है।
कैबिनेट का फॉर्मूला: कौन इन और कौन आउट?
शिवकुमार की इस नई पारी में उनके मंत्रियों की टोली कौन होगी, इसको लेकर सस्पेंस अभी भी बरकरार है। सूत्रों के अनुसार लगभग 13 नेताओं को मंत्री पद की शपथ दिलाई जा सकती है। संभावित नामों में जी. परमेश्वर, एमबी पाटिल, सतीश जारकीहोली, प्रियंका खड़गे और दिनेश गुंडू राव जैसे वरिष्ठ नेता शामिल बताए जा रहे हैं। हालांकि अंतिम सूची को लेकर अभी भी सस्पेंस बरकरार है।
कौन है सबसे चौंकाने वाला नाम?
संभावित मंत्रियों की इस लिस्ट में सबसे चौंकाने वाला नाम यतींद्र का है, जो निवर्तमान मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के बेटे हैं। जातिगत समीकरणों को साधने के लिए लंबे समय से कई डिप्टी सीएम बनाने की चर्चा चल रही थी, लेकिन अब कयास लगाए जा रहे हैं कि वरिष्ठ दलित नेता जी. परमेश्वर अकेले 'डिप्टी सीएम' की कमान संभाल सकते हैं, जबकि एच.के. पाटिल को विधानसभा स्पीकर बनाया जा सकता है।
सिद्धारमैया को दिल्ली का बुलावा: नई राजनीतिक बिसात
जैसे ही शिवकुमार बेंगलुरु की गद्दी संभालने जा रहे हैं, वैसे ही कांग्रेस आलाकमान ने सिद्धारमैया के राजनीतिक भविष्य को लेकर एक बड़ा दांव चल दिया है। शपथ ग्रहण से ठीक एक दिन पहले, उन्हें कांग्रेस की सर्वोच्च नीति-निर्धारक इकाई-कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) में नियुक्त कर दिया गया है।
क्या बदल जाएगी कर्नाटक की राजनीतिक तस्वीर?
पार्टी का यह कदम कर्नाटक सरकार और दिल्ली नेतृत्व के बीच तालमेल बनाए रखने की एक बड़ी कोशिश माना जा रहा है। कयास यह भी हैं कि उन्हें राज्यसभा भेजने की तैयारी है, हालांकि सिद्धारमैया राज्य की राजनीति में ही अपनी पकड़ बनाए रखना चाहते हैं। इस बीच, राहुल गांधी, सोनिया गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे सहित 'INDIA' गठबंधन के कई बड़े नेताओं की मौजूदगी में होने वाला यह शपथ ग्रहण समारोह आगामी आम चुनावों से पहले विपक्ष की एकजुटता का भी एक बड़ा गवाह बनने जा रहा है।


