
UPPCL Smart Meter Update: गर्मी बढ़ रही है और बिजली की जरूरत भी। ऐसे वक्त में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक ऐसा फैसला लिया है, जिसने लाखों उपभोक्ताओं को बड़ी राहत दी है। राज्य में स्मार्ट मीटर को लेकर चल रही बहस के बीच अब सरकार ने फिलहाल इसके इंस्टॉलेशन पर रोक लगा दी है। इस फैसले के साथ ही उपभोक्ताओं के लिए कई नए नियम भी लागू किए गए हैं, जो सीधे तौर पर उनकी सुविधा से जुड़े हैं।
ऊर्जा मंत्री ए के शर्मा ने साफ किया है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर एक तकनीकी कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी स्मार्ट मीटर से जुड़े सभी पहलुओं की जांच करेगी। जब तक इसकी रिपोर्ट नहीं आ जाती, तब तक पूरे प्रदेश में नए स्मार्ट मीटर लगाने का काम बंद रहेगा। यह कदम उन शिकायतों के बाद उठाया गया है, जिनमें उपभोक्ताओं ने बिलिंग और बैलेंस को लेकर सवाल उठाए थे।
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सरकार ने उन उपभोक्ताओं को भी राहत दी है, जिनके घरों में पहले से स्मार्ट मीटर लगे हुए हैं। अब मीटर कन्वर्जन के लिए 45 दिनों की मोहलत दी गई है, जिसमें किसी का कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। अगर किसी का बैलेंस खत्म भी हो जाता है, तो भी कुछ समय तक बिजली चलती रहेगी, जिससे अचानक अंधेरा होने की परेशानी नहीं होगी। साथ ही रविवार और सरकारी छुट्टियों के दिन अब बिजली काटने पर रोक लगा दी गई है, ताकि उपभोक्ताओं को अतिरिक्त दबाव का सामना न करना पड़े।
सरकार ने एक नया 5-लेवल SMS अलर्ट सिस्टम शुरू करने का फैसला किया है। इसके तहत उपभोक्ताओं को समय-समय पर उनके बैलेंस की जानकारी मिलती रहेगी। जब बैलेंस कम होगा, खत्म होने वाला होगा या कनेक्शन कटने की स्थिति आएगी, तो पहले ही मैसेज के जरिए सूचना दे दी जाएगी। इससे उपभोक्ता पहले से सतर्क रह सकेंगे और अचानक बिजली कटने की समस्या से बचेंगे।
साधारण बिजली मीटर में हर महीने कर्मचारी घर आकर रीडिंग लेता है और उसके बाद बिल बनता है। वहीं स्मार्ट मीटर पूरी तरह डिजिटल होता है, जिसमें रीडिंग अपने आप विभाग तक पहुंचती रहती है। साधारण मीटर में पहले बिजली इस्तेमाल होती है और बाद में बिल जमा करना होता है, जबकि स्मार्ट मीटर मोबाइल रिचार्ज की तरह काम करता है, पहले बैलेंस डालिए, फिर बिजली का इस्तेमाल कीजिए।
स्मार्ट मीटर की खासियत यह है कि इसमें आप अपनी रोज की बिजली खपत मोबाइल ऐप पर देख सकते हैं। लेकिन इसकी सबसे बड़ी चिंता यह रही है कि बैलेंस खत्म होते ही बिजली तुरंत कट सकती है, जिसे लेकर लोगों में असंतोष देखने को मिला।
भीषण गर्मी को देखते हुए सरकार ने बिजली विभाग को साफ निर्देश दिए हैं कि सप्लाई में कोई कटौती न हो। खराब ट्रांसफार्मर को तुरंत बदला जाए और ढीले तार या स्पार्किंग जैसी समस्याओं को बिना देरी के ठीक किया जाए। जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन पहले कट चुके हैं, अधिकारियों को खुद उनसे संपर्क कर उनकी समस्याओं का समाधान करने को कहा गया है। ऊर्जा मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया है कि उपभोक्ताओं की संतुष्टि सरकार की प्राथमिकता है और किसी भी तरह की लापरवाही पर अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
सरकार के इस फैसले से यह साफ संकेत मिलता है कि बिना पूरी तैयारी और भरोसे के किसी भी नई व्यवस्था को लागू नहीं किया जाएगा। स्मार्ट मीटर को लेकर उठे सवालों के बीच यह रोक फिलहाल उपभोक्ताओं के लिए राहत लेकर आई है, लेकिन आगे की दिशा अब तकनीकी कमेटी की रिपोर्ट तय करेगी।
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