यूपी में 2 करोड़ वोटर गायब? सपा का आरोप- चुनाव आयोग और बीजेपी की मिलीभगत

Published : Apr 10, 2026, 10:14 PM IST
up voter list 2026 sir revision akhilesh yadav election commission controversy

सार

UP voter list 2026: उत्तर प्रदेश में SIR के बाद फाइनल वोटर लिस्ट जारी हुई, जिसमें 2.06 करोड़ नाम कटे और 84 लाख नए जुड़े। सपा ने चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। जानिए पूरी खबर और 2027 चुनाव पर इसका क्या असर पड़ सकता है।

उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। चुनाव आयोग ने जैसे ही फाइनल वोटर लिस्ट जारी की, वैसे ही आंकड़ों से ज्यादा इस पर उठ रहे सवाल चर्चा में आ गए। कहीं वोटर बढ़े हैं, तो कहीं बड़ी संख्या में नाम कटे हैं, और अब इसी को लेकर सियासी घमासान शुरू हो गया है।

फाइनल वोटर लिस्ट जारी, आंकड़ों ने चौंकाया

उतार प्रदेश में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी कर दी गई है। राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिनवा के मुताबिक, अब प्रदेश में कुल 13 करोड़ 39 लाख 84 हजार 792 वोटर दर्ज किए गए हैं।

  • 84,28,767 नए वोटर जुड़े
  • करीब 2.06 करोड़ नाम कटे
  • यह अभियान 166 दिन तक चला

यह भी पढ़ें: "तुम काले हो..." तानों से शुरू हुई नफरत, फिर प्रेमी संग रची साजिश- होश उड़ा देगा MP का ये केस

किन जिलों में बढ़े वोटर?

चुनाव आयोग के मुताबिक कुछ जिलों में मतदाताओं की संख्या में अच्छी बढ़ोतरी हुई है, जिनमें शामिल हैं:

  • प्रयागराज 
  • लखनऊ 
  • जौनपुर

हालांकि कई जिलों में बड़ी संख्या में नाम कटने से सवाल भी उठ रहे हैं।

सपा ने उठाए सवाल, आयोग को दिया ज्ञापन

समाजवादी पार्टी ने वोटर लिस्ट को लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं।

पार्टी ने मांग की है कि:

  • कटे हुए नामों की पूरी सूची दी जाए
  • डुप्लीकेट, मृतक और शिफ्टेड वोटरों का डेटा सार्वजनिक हो
  • फॉर्म-6 और फॉर्म-8 से जुड़े बदलावों की पूरी जानकारी साझा की जाए

सपा का कहना है कि मतदाता सूची में “लॉजिकल एरर” और “नो-मैपिंग” जैसी समस्याएं हैं।

अखिलेश यादव का तीखा हमला

सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने इस मुद्दे पर खुलकर हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग बीजेपी के साथ मिलकर काम कर रहा है। उनका कहना है कि SIR प्रक्रिया के दौरान फर्जी तरीके से सपा समर्थकों के वोट काटे गए। उन्होंने यहां तक कहा कि उपचुनाव में “वोटों की लूट” हुई, लेकिन इसके बावजूद 2027 के विधानसभा चुनाव में बीजेपी को हराया जाएगा।

चुनाव आयोग क्या कहता है?

चुनाव आयोग का कहना है कि यह पूरी प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की गई है और इसमें नियमों का पालन किया गया है। SIR अभियान के तहत मृतक, स्थानांतरित और डुप्लीकेट वोटरों को हटाया गया, जबकि नए योग्य मतदाताओं को जोड़ा गया है।

सियासत क्यों गरमाई?

मतदाता सूची चुनाव की बुनियाद होती है। ऐसे में जब लाखों-करोड़ों नाम जुड़ते या कटते हैं, तो राजनीतिक दलों की नजरें इस पर टिक जाती हैं। एक तरफ चुनाव आयोग प्रक्रिया को सही बता रहा है, तो दूसरी तरफ विपक्ष इसे चुनाव को प्रभावित करने की कोशिश बता रहा है।

यूपी में जारी यह वोटर लिस्ट सिर्फ आंकड़ों की कहानी नहीं है, बल्कि आने वाले 2027 विधानसभा चुनाव की दिशा तय करने वाला बड़ा मुद्दा बन सकती है। अब देखना होगा कि चुनाव आयोग इन आरोपों पर क्या जवाब देता है और क्या विपक्ष की मांगों पर कोई कार्रवाई होती है या नहीं।

यह भी पढ़ें: US-Iran की पीस डील टूटने के कगार पर है? 4 संकेत ने बढ़ाई दुनिया की टेंशन

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

Nora Fatehi के गाने ‘सरके चुनर’ ने सिर्फ गंध मचाया और कुछ नहीं...छोड़ेंगे नहीं: वकील वासु रंजन
Tejashwi Yadav का कमेंट, 'नीतीश कुमार ने PM पद की थपथ थोड़े ही ले ली है'