ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई, इजरायल-अमेरिकी हमले के डर से खुफिया बंकर में छिपे हैं। वह इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों से दूर, केवल हाथ से लिखी चिट्ठियों से संवाद कर रहे हैं, जिससे कूटनीतिक वार्ता में देरी हो रही है।

तेहरान: ईरान के नए सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई को लेकर एक चौंकाने वाली खबर सामने आई है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, वो एक बेहद सुरक्षित खुफिया बंकर में छिपे हुए हैं। बताया जा रहा है कि उन्हें डर है कि इजरायल या अमेरिका उन पर जानलेवा हमला कर सकता है। इसलिए उन्होंने मोबाइल, रेडियो जैसे सभी कम्युनिकेशन डिवाइस से दूरी बना ली है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया का दावा है कि वो सरकार के बड़े अधिकारियों से सिर्फ हाथ से लिखी चिट्ठियों के जरिए बात कर रहे हैं, जो उनके भरोसेमंद दूत लेकर जाते हैं। खुफिया एजेंसियों के हवाले से आई रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि खामेनेई ठीक वैसी ही सावधानी बरत रहे हैं, जैसी अल-कायदा सरगना ओसामा बिन लादेन अपने खुफिया ठिकाने पर बरतता था।

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इसी साल 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल ने एक जॉइंट एयरस्ट्राइक की थी, जिसमें मुज्तबा के पिता और तत्कालीन सुप्रीम लीडर आयतोल्लाह अली खामेनेई मारे गए थे। खबरों के मुताबिक, इस हमले में मुज्तबा भी घायल हुए थे। पिता की मौत के बाद मुज्तबा खामेनेई को ईरान का सुप्रीम लीडर बनाया गया। मार्च में सत्ता संभालने के बाद से वो एक बार भी जनता के सामने नहीं आए हैं। इजरायली जासूसी एजेंसियों की निगरानी के डर से वो टेलीफोन या कोई दूसरा इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं। वो हाथ से लिखे खतों को खुफिया दूतों के जरिए भेजकर ही काम चला रहे हैं।

खामेनेई के इस तरह छिपे रहने का सीधा असर ईरान और पश्चिमी देशों के बीच चल रही कूटनीतिक बातचीत पर पड़ रहा है। अमेरिका से आने वाले प्रस्तावों और समझौतों को मुज्तबा खामेनेई तक पहुंचने और उन पर जवाब आने में हफ्तों लग जाते हैं। ईरान के बड़े अधिकारियों तक को यह नहीं पता कि वो कहां रह रहे हैं या उनसे संपर्क कैसे किया जाए। बातचीत में शामिल ईरान के प्रतिनिधियों को अक्सर अपने लीडर के निर्देशों के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है।

ऐसी भी खबरें हैं कि वो इस वक्त ईरान के पवित्र शहर कोम (Qom) के किसी अंडरग्राउंड बंकर में अपना इलाज करा रहे हैं। देश के कई दूसरे बड़े अधिकारी भी इजरायल के ड्रोन हमलों के डर से अंडरग्राउंड ठिकानों में चले गए हैं। खामेनेई की सुरक्षा की पूरी जिम्मेदारी ईरान रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के सीनियर कमांडरों के हाथ में है।