US-India Trade Deal: पहले रूस से तेल आयात पर राहत, अब जगी रिफंड की उम्मीद; जानें कितना होगा फायदा

Published : Feb 10, 2026, 01:52 PM IST
tariff refund

सार

ट्रंप प्रशासन रूस से कच्चा तेल आयात करने पर भारत पर लगी 25% टैरिफ पेनल्टी का हिस्सा वापस कर सकता है। राहत कुछ चुनिंदा ट्रांजैक्शन पर मिलेगी। साथ ही भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड फ्रेमवर्क से टैरिफ 18% हो गया है।

नई दिल्ली। डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन भारत पर रूस से कच्चा तेल आयात करने से जुड़ी 25% टैरिफ पेनल्टी का एक हिस्सा वापस कर सकता है। यह राहत उन मामलों में मिल सकती है, जहां शिपमेंट 7 फरवरी के बाद हुए हैं। यह वही तारीख है, जब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का एग्जीक्यूटिव ऑर्डर लागू हुआ था। इस आदेश में रूस से तेल खरीद से जुड़े भारतीय आयात पर लगाए गए अतिरिक्त 25% शुल्क को हटाने का निर्देश दिया गया था। बता दें कि इस रिफंड से भारतीय कारोबारियों को करीब 40 हजार करोड़ रुपए की राहत मिल सकती है।

किन मामलों में मिल सकता है रिफंड?

मामले से जुड़े एक व्यक्ति ने बताया कि किसी भी संभावित रिफंड की सही राशि अभी तय नहीं है। रिफंड सिर्फ कुछ चुनिंदा ट्रांजैक्शन पर लागू होगा। ये वे मामले होंगे, जहां टैरिफ ऑर्डर लागू होने से पहले जमा कर दिया गया था, लेकिन असली आयात 7 फरवरी की आधी रात के बाद हुआ। इसे किसी बड़े पॉलिसी बदलाव के बजाय एक ट्रांजिशनल अरेंजमेंट माना जा रहा है।

रिफंड प्रोसेस को लेकर अभी भी असमंजस

अधिकारियों के मुताबिक, अमेरिका उस अवधि के दौरान जमा की गई ड्यूटी पर रिफंड की अनुमति देने का इरादा रखता है, लेकिन इसकी प्रक्रिया और टाइमलाइन अभी पूरी तरह साफ नहीं है। इसी अनिश्चितता की वजह से भारतीय एक्सपोर्टर्स के बीच चिंता बनी हुई है।

आगे से लागू होगा ड्यूटी हटाने का फैसला

ट्रेड एक्सपर्ट्स का कहना है कि ड्यूटी हटाने का फैसला सिर्फ आगे से लागू होगा। यानी 7 फरवरी को सुबह 12:01 बजे EST के बाद अमेरिका पहुंचने वाले भारतीय सामानों पर ही इसका असर होगा। कुछ मामलों में, जहां आदेश लागू होने के बाद भी ड्यूटी वसूली गई है, वहां इंपोर्टर्स रिफंड के लिए एलिजिबल हो सकते हैं।

भारत-अमेरिका अंतरिम ट्रेड फ्रेमवर्क का ऐलान

बीते शनिवार को भारत और अमेरिका ने एक अंतरिम ट्रेड फ्रेमवर्क की घोषणा की। इसके तहत अमेरिका जाने वाले भारतीय निर्यात पर कुल टैरिफ घटकर 18% हो गया है। इस व्यवस्था का मकसद एक व्यापक द्विपक्षीय ट्रेड एग्रीमेंट का रास्ता तैयार करना है। अंतरिम समझौता टैरिफ में कटौती और नॉन-टैरिफ बाधाओं को सुलझाने पर केंद्रित है, जबकि भविष्य का बड़ा समझौता सामान, सप्लाई चेन और डिजिटल ट्रेड को कवर कर सकता है।

रूसी तेल पर अतिरिक्त 25% टैरिफ खत्म

एक अलग एग्जीक्यूटिव ऑर्डर के ज़रिए अमेरिका ने 7 फरवरी से भारत पर रूसी तेल की खरीद को लेकर लगाया गया अतिरिक्त 25% टैरिफ खत्म कर दिया। हालांकि, अमेरिका ने यह भी साफ किया है कि वह इस बात पर नजर रखेगा कि भारत रूसी कच्चे तेल का डायरेक्ट या इनडायरेक्ट इंपोर्ट दोबारा शुरू करता है या नहीं।

ट्रंप प्रशासन का 6 फरवरी वाला एग्जीक्यूटिव ऑर्डर

6 फरवरी को जारी आदेश में ट्रंप प्रशासन ने कहा कि 7 फरवरी 2026 को ईस्टर्न स्टैंडर्ड टाइम के अनुसार रात 12:01 बजे या उसके बाद अमेरिका में उपभोग के लिए आने वाले भारतीय सामानों पर पहले लगाया गया अतिरिक्त 25% शुल्क लागू नहीं होगा। अगर इस आदेश के लागू होने के बावजूद कोई शुल्क वसूला गया है, तो ऐसे मामलों में रिफंड अमेरिकी कानूनों और यूएस कस्टम्स एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन की प्रक्रियाओं के अनुसार किया जाएगा।

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