
मनामा/वाशिंगटन: पश्चिम एशिया (वेस्ट एशिया) से इस वक्त की सबसे बड़ी और खौफनाक खबर आ रही है, जिसने पूरी दुनिया को तीसरे विश्व युद्ध के मुहाने पर लाकर खड़ा कर दिया है। पिछले ही हफ्ते अमेरिका और ईरान के बीच 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद हुए पहले ऐतिहासिक समझौता ज्ञापन (MOU) के तहत जो नाजुक युद्धविराम लागू हुआ था, वह पल भर में नेस्तनाबूत हो चुका है। कूटनीति के सारे रास्ते बंद हो चुके हैं और अब बंदूकों तथा मिसाइलों ने मोर्चा संभाल लिया है।
विवाद की शुरुआत तब हुई जब होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजर रहे एक कमर्शियल शिपिंग टैंकर पर ईरान द्वारा संदिग्ध ड्रोन हमला किया गया। ऊर्जा की बढ़ती कीमतों और कुछ ही महीनों में होने वाले अमेरिकी मध्यावधि चुनावों के दबाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पर बेहद सख्त रुख अपनाया। अमेरिकी सेना ने बिना वक्त गंवाए आधी रात को ईरान के मिसाइल और ड्रोन ठिकानों के साथ-साथ तटीय रडार साइटों पर ताबड़तोड़ जवाबी हवाई हमले शुरू कर दिए। इन हमलों के तुरंत बाद एक बयान में डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को बेहद कड़े शब्दों में चेतावनी देते हुए कहा, "अब बातचीत का समय खत्म हो गया है। कूटनीति खत्म हो चुकी है। देखिए आगे क्या होता है।"
🚨#BREAKING GUY'S 💥🚀
The red line has been crossed. Iran strikes the US Fifth Fleet headquarters in Bahrain with heavy missiles.
From this hour on, the talking is over. Diplomacy is dead. Watch what happens next. 🗺️💥 pic.twitter.com/guNVtWLQHD— American power (@AmericanpowerUs) June 27, 2026
अमेरिका के इन हवाई हमलों ने ईरान को पूरी तरह से भड़का दिया। इसके जवाब में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने घोषणा की कि उन्होंने क्षेत्र में "अमेरिकी आतंकवादी सेना" के ठिकानों को निशाना बनाया है। देखते ही देखते बहरीन की धरती जोरदार धमाकों से दहल उठी। ईरान ने बहरीन में स्थित अमेरिकी नौसेना के सबसे महत्वपूर्ण और रणनीतिक ठिकाने-पांचवें बेड़े (Fifth Fleet) के हेडक्वार्टर-पर भारी मिसाइलों और कई आत्मघाती ड्रोन्स से सीधा हमला बोल दिया। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए दावा किया कि ईरान के इस दुस्साहस के बावजूद अमेरिका का पलड़ा भारी है और वह 'हर हाल में' जीतेगा।
ईरान के इस सीधे और दुस्साहसिक सीमा-पार हमले के बाद बहरीन के विदेश मंत्रालय ने एक आपातकालीन औपचारिक बयान जारी किया है। बहरीन ने इन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए इसे देश की संप्रभुता का उल्लंघन और 'नागरिकों तथा निवासियों की सुरक्षा के लिए खुली धमकी' करार दिया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि बहरीन पर दागे गए "कई ड्रोन्स" और होर्मुज जलडमरूमध्य में एक अन्य जहाज पर हुए हमलों में फिलहाल किसी के हताहत होने या बड़े नुकसान की तुरंत कोई आधिकारिक खबर सामने नहीं आई है।
🚨 Multiple Iranian rockets in the skies of Bahrain pic.twitter.com/jQFpWpY398
— Wajiha Tamseel Mirza (@WajihaTamseel) June 28, 2026
दोनों देशों के बीच हुआ यह ऐतिहासिक समझौता 60 दिनों के लिए एक नाजुक शांति की उम्मीद लेकर आया था, ताकि स्थायी शांति के लिए बातचीत की जा सके। लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य के व्यापारिक रास्ते पर नियंत्रण को लेकर जारी गतिरोध ने इस उम्मीद को पूरी तरह दफन कर दिया है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक शिपिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और तेल के इस सबसे बड़े रूट पर शुरू हुई यह जंग यहीं रुकने वाली नहीं है। दोनों ओर से जारी जवाबी हमलों के सिलसिले ने साफ कर दिया है कि वेस्ट एशिया इस वक्त तबाही के एक ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहां से वापसी का कोई रास्ता नजर नहीं आता।
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