PoK-अक्साई चिन भारत के नक्शे में, अमेरिका से ट्रेड डील के बाद क्यों वायरल हो रहा MAP

Published : Feb 07, 2026, 05:00 PM ISTUpdated : Feb 07, 2026, 05:01 PM IST
USTR New Map

सार

भारत-अमेरिका अंतरिम व्यापार समझौते के बाद USTR ने भारत का मैप जारी किया, जिसमें पूरा जम्मू-कश्मीर, PoK और अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाया गया। इस कदम ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा तेज कर दी है।

भारत और अमेरिका ने शुक्रवार को एक अंतरिम व्यापार समझौते (Interim Trade Deal) का फ्रेमवर्क घोषित किया। इस घोषणा के साथ ही अमेरिकी ट्रेड प्रतिनिधि कार्यालय (USTR) ने भारत का एक आधिकारिक मैप शेयर किया। इस मैप में पूरा जम्मू-कश्मीर क्षेत्र भारत का हिस्सा दिखाया गया है। इसमें पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और अक्साई चिन (जो चीन के कब्जे में है) भी शामिल हैं। यह मैप सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और इसे लेकर काफी चर्चा शुरू हो गई।

पहले विवादित इलाकों को अलग दिखाता था अमेरिका

इससे पहले अमेरिका अपने आधिकारिक नक्शों में PoK को अलग तरीके से दिखाता रहा है। अंतरराष्ट्रीय मंचों और पश्चिमी देशों के सरकारी नक्शों में भी विवादित इलाकों को अलग रंग या डॉटेड लाइन के जरिए दर्शाया जाता है।

ट्रम्प प्रशासन के मैप ने खींचा ध्यान

इस बार ट्रम्प प्रशासन द्वारा शेयर किए गए मैप में भारत की सीमाओं को पूरी तरह मान्यता दी गई है। यह जानबूझकर किया गया कदम था या अनजाने में हुई चूक, इसे लेकर अभी साफ जानकारी नहीं है। बता दें कि भारत हमेशा से जम्मू-कश्मीर को अपना अभिन्न अंग मानता आया है।

पीओके विवाद: भारत-पाकिस्तान के बीच पुराना मुद्दा

पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) को लेकर भारत और पाकिस्तान के बीच 1947 से विवाद चला आ रहा है। यह विवाद कई युद्धों, लंबे तनाव और परमाणु टकराव की आशंका की वजह भी बन चुका है। दरअसल, 1947 में भारत के विभाजन के समय जम्मू-कश्मीर एक रियासत थी। इसके शासक महाराजा हरि सिंह हिंदू थे, जबकि आबादी का बड़ा हिस्सा मुस्लिम था। नियमों के अनुसार, रियासत भारत, पाकिस्तान या आजाद रहने का विकल्प चुन सकती थी।

1947-48: पहला भारत-पाकिस्तान युद्ध

पाकिस्तान समर्थित कबायली लड़ाकों ने कश्मीर पर हमला किया। इसके बाद महाराजा हरि सिंह ने भारत से मदद मांगी और 26 अक्टूबर 1947 को विलय पत्र (Instrument of Accession) पर हस्ताक्षर किए। इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर भारत का हिस्सा बन गया। भारत ने सेना भेजी, लेकिन युद्ध के दौरान पाकिस्तान ने पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों पर कब्जा कर लिया, जिसे आज PoK कहा जाता है।

1949: युद्धविराम और नियंत्रण रेखा

इसके बाद तत्कालीन प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू इस विवाद को संयुक्त राष्ट्र में ले गए। 1949 में संयुक्त राष्ट्र की मध्यस्थता से युद्धविराम हुआ। इसके बाद सीजफायर लाइन बनाई गई, जिसे बाद में लाइन ऑफ कंट्रोल (LoC) कहा गया। यह दोनों देशों के नियंत्रण वाले इलाकों को अलग करती है।

भारत का पक्ष क्या है?

भारत का कहना है कि पूरा जम्मू-कश्मीर, जिसमें PoK भी शामिल है, उसका अभिन्न अंग है, क्योंकि वैध रूप से विलय भारत के साथ हुआ था। 2019 में अनुच्छेद 370 हटाने के बाद जम्मू-कश्मीर का पूर्ण एकीकरण किया गया। भारत PoK को पाकिस्तान के अवैध कब्जे वाला क्षेत्र मानता है और उसे वापस लेने की बात करता रहा है।

पाकिस्तान का दावा क्या है?

पाकिस्तान का दावा है कि कश्मीर मुस्लिम बहुल इलाका है, इसलिए उसे पाकिस्तान का हिस्सा होना चाहिए। पाकिस्तान PoK को ‘आजाद कश्मीर’ कहता है और वहां अपनी समर्थित सरकार चलाता है। वह संयुक्त राष्ट्र के पुराने प्रस्तावों का हवाला देता है, जिनमें जनमत संग्रह की बात कही गई थी।

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