UP Dairy Export Growth: योगी सरकार की नीतियों का असर, डेयरी, अंडे और शहद के निर्यात में 10% से अधिक वृद्धि

Published : Mar 17, 2026, 09:13 AM IST
uttar pradesh dairy export growth

सार

उत्तर प्रदेश में पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को बढ़ावा देने के लिए योगी सरकार की पहल का असर निर्यात में वृद्धि के रूप में दिखाई दे रहा है। डेयरी उत्पाद, अंडे और प्राकृतिक शहद के निर्यात में 10.16% की वृद्धि दर्ज हुई है, जिससे किसानों और पशुपालकों की आय में भी बढ़ोतरी हो रही है।

लखनऊ। Yogi Adityanath के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए उठाए गए कदमों का असर अब निर्यात में बढ़ोतरी के रूप में दिखाई दे रहा है। पिछले एक से डेढ़ वर्ष के दौरान उत्तर प्रदेश से डेयरी और पशु-आधारित उत्पादों के निर्यात में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था और ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसरों को भी मजबूती मिली है।

डेयरी, अंडे और शहद के निर्यात में 10 प्रतिशत से अधिक वृद्धि

आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार “डेयरी उत्पाद, अंडे, प्राकृतिक शहद और खाद्य पशु-आधारित उत्पाद” श्रेणी में निर्यात लगातार बढ़ रहा है। अप्रैल 2023 से नवंबर 2024 के बीच इस श्रेणी के उत्पादों का निर्यात 444.10 करोड़ रुपये था। वहीं अप्रैल 2024 से नवंबर 2025 के दौरान यह बढ़कर 489.24 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। इस प्रकार इस अवधि में करीब 10.16 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है, जो लगभग 45 करोड़ रुपये की अतिरिक्त बढ़ोतरी को दर्शाती है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ी मांग से निर्यात को मिली रफ्तार

यह श्रेणी केवल डेयरी उत्पादों तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें अंडे, प्राकृतिक शहद और अन्य पशु-आधारित खाद्य उत्पाद भी शामिल हैं। इन उत्पादों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में बढ़ती मांग ने उत्तर प्रदेश के निर्यात को नई गति दी है। विभागीय अधिकारियों के अनुसार दूध, घी, पनीर, मक्खन और मिल्क पाउडर के साथ-साथ शहद और अंडों की गुणवत्ता में सुधार से प्रदेश की वैश्विक प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ी है। बेहतर पैकेजिंग, क्वालिटी कंट्रोल और सप्लाई चेन मैनेजमेंट के कारण भी निर्यात में सकारात्मक प्रभाव पड़ा है।

योगी सरकार की योजनाओं से डेयरी सेक्टर को मिला बल

प्रदेश सरकार ने पशुपालन और डेयरी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए कई महत्वपूर्ण पहल की हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर डेयरी प्रोसेसिंग यूनिट्स का विस्तार किया जा रहा है और कोल्ड चेन नेटवर्क को मजबूत बनाया जा रहा है। इसके साथ ही आधुनिक तकनीकों के उपयोग से उत्पादों की गुणवत्ता में सुधार हुआ है, जिससे निर्यात में वृद्धि संभव हो पाई है।

सरकार की ओर से पशुपालकों को बेहतर नस्ल के पशु, प्रशिक्षण, पशु स्वास्थ्य सेवाएं और वित्तीय सहायता भी उपलब्ध कराई जा रही है। इसके अलावा दुग्ध सहकारी समितियों और निजी डेयरी इकाइयों को भी प्रोत्साहन दिया जा रहा है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में संग्रहण और विपणन व्यवस्था मजबूत हुई है।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था और किसानों की आय पर सकारात्मक प्रभाव

डेयरी और पशु-आधारित उत्पादों के निर्यात में हुई यह वृद्धि प्रदेश की ग्रामीण अर्थव्यवस्था के लिए भी सकारात्मक संकेत है। इससे बड़ी संख्या में किसानों और पशुपालकों की आय में बढ़ोतरी हो रही है और रोजगार के नए अवसर भी बन रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि प्रोसेसिंग, ब्रांडिंग और अंतरराष्ट्रीय बाजारों में विस्तार पर इसी तरह ध्यान दिया जाता रहा, तो आने वाले समय में उत्तर प्रदेश इस क्षेत्र के निर्यात में और बड़ी उपलब्धि हासिल कर सकता है।

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