UP Health News: 81 मेडिकल कॉलेज, 12,700 MBBS सीटें और 55 हजार करोड़ का स्वास्थ्य बजट

Published : Feb 17, 2026, 06:42 PM IST
uttar pradesh health infrastructure

सार

उत्तर प्रदेश में पिछले नौ वर्षों में स्वास्थ्य ढांचे में बड़ा बदलाव हुआ है। 81 मेडिकल कॉलेज, 12,700 MBBS सीटें, 200 नई डायग्नोस्टिक यूनिट, 4,000 एम्बुलेंस और 55,000 करोड़ रुपये का बजट स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बना रहा है।

लखनऊ। पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्था में व्यापक और संरचनात्मक परिवर्तन देखने को मिला है। राज्य सरकार ने स्वास्थ्य इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, मेडिकल शिक्षा का विस्तार करने और ग्रामीण क्षेत्रों तक गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने को प्राथमिकता दी है। नए अस्पतालों के निर्माण, पुराने अस्पतालों के कायाकल्प और मेडिकल कॉलेजों की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि से प्रदेश की स्वास्थ्य तस्वीर बदली है।

81 मेडिकल कॉलेज संचालित, MBBS और PG सीटों में रिकॉर्ड बढ़ोतरी

वर्ष 2017 तक प्रदेश में 36 सरकारी मेडिकल कॉलेज संचालित थे। अब इनकी संख्या बढ़कर 81 हो चुकी है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन मेडिकल कॉलेज’ के विजन के तहत हर जिले में मेडिकल कॉलेज स्थापित करने की दिशा में कार्य किया जा रहा है। एमबीबीएस सीटों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। वर्ष 2017 में लगभग 4,690 सीटें थीं, जो अब बढ़कर 12,700 हो चुकी हैं। पीजी सीटों में भी दोगुने से अधिक वृद्धि हुई है, जिससे विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता बेहतर हुई है।

जिला अस्पतालों का आधुनिकीकरण और हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर का विस्तार

प्रदेश के 75 जिलों में जिला अस्पतालों को आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित किया गया है। कई अस्पतालों में आईसीयू, एनआईसीयू, डायलिसिस यूनिट, ट्रॉमा सेंटर और आधुनिक पैथोलॉजी लैब स्थापित की गई हैं। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) को हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर के रूप में विकसित किया जा रहा है। 1,500 से अधिक हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर क्रियाशील हैं, जहां मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, जांच और गैर-संचारी रोगों की स्क्रीनिंग जैसी सेवाएं उपलब्ध हैं। डिजिटल हेल्थ रिकॉर्ड और टेलीमेडिसिन सेवाओं के जरिए ग्रामीण क्षेत्रों को विशेषज्ञ डॉक्टरों से जोड़ा गया है।

200 से अधिक नई पैथोलॉजी और डायग्नोस्टिक यूनिट स्थापित

‘आरोग्य मंदिर’ की अवधारणा के तहत आयुष, योग, प्राकृतिक चिकित्सा और एलोपैथिक सेवाओं का समन्वय किया जा रहा है। कई जिलों में आयुष अस्पताल और वेलनेस सेंटर बनाए गए हैं। आयुष विश्वविद्यालय की स्थापना की दिशा में भी कदम बढ़ाए गए हैं। अब सभी जिलों में आरटी-पीसीआर लैब, ब्लड बैंक और डिजिटल एक्स-रे जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। कोविड-19 काल में विकसित लैब क्षमता को स्थायी रूप से मजबूत किया गया है। पिछले नौ वर्षों में 200 से अधिक नई पैथोलॉजी और डायग्नोस्टिक यूनिट स्थापित हुई हैं, जिससे जांच की गुणवत्ता और संख्या दोनों में सुधार हुआ है।

एम्बुलेंस नेटवर्क और स्वास्थ्य बजट में बढ़ोतरी

108 और 102 एम्बुलेंस सेवाओं का विस्तार किया गया है। वर्तमान में प्रदेश में 4,000 से अधिक एम्बुलेंस संचालित हैं, जिनमें एडवांस लाइफ सपोर्ट एम्बुलेंस भी शामिल हैं। गर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं के लिए विशेष सेवाएं उपलब्ध हैं। वित्तीय वर्ष 2026-27 में चिकित्सा शिक्षा, आयुष और स्वास्थ्य विभाग के लिए 55,000 करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया गया है। इसमें स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण के लिए 37,956 करोड़ रुपये, चिकित्सा शिक्षा के लिए 14,997 करोड़ रुपये और आयुष विभाग के लिए 2,867 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। यह राशि ढांचागत विकास, उपकरणों की खरीद, मानव संसाधन भर्ती और मेडिकल कॉलेज निर्माण पर खर्च की जाएगी।

आत्मनिर्भर स्वास्थ्य मॉडल की ओर प्रदेश

कोविड-19 महामारी के दौरान बढ़ाई गई ऑक्सीजन प्लांट, बेड क्षमता और आईसीयू सुविधाओं को स्थायी रूप से मजबूत किया गया है। लक्ष्य है कि प्रदेश मेडिकल शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बने और मरीजों को इलाज के लिए अन्य राज्यों पर निर्भर न रहना पड़े।

विशेषज्ञ की राय: गुणवत्ता और पहुंच दोनों में सुधार

पूर्व आईएएस अनुराग पटेल के अनुसार, पिछले नौ वर्षों में हुए बदलाव केवल संख्या वृद्धि तक सीमित नहीं हैं, बल्कि गुणवत्ता और पहुंच दोनों स्तरों पर प्रभावी हैं। मेडिकल कॉलेजों और सीटों में वृद्धि से भविष्य में विशेषज्ञ डॉक्टरों की उपलब्धता मजबूत होगी। जिला अस्पतालों के आधुनिकीकरण, हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर और डिजिटल सेवाओं ने ग्रामीण-शहरी अंतर को कम किया है। डायग्नोस्टिक सुविधाओं और एम्बुलेंस नेटवर्क के विस्तार से समय पर उपचार संभव हुआ है। लगातार बढ़ते बजट से स्पष्ट है कि राज्य स्वास्थ्य क्षेत्र को दीर्घकालिक निवेश और आत्मनिर्भरता के मॉडल के रूप में विकसित कर रहा है।

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

Read more Articles on

Recommended Stories

माथे पर भस्म लगाकर हिंदू लड़की संग उज्जैन आए जाफर खान को लोगों ने जमकर धोया-WATCH VIDEO
दुल्हन पर नोटों की भयंकर बरसात, दूल्हे के परिवार ने बहू पर उड़ा डाले 8.5 करोड़ के नोट-WATCH