
वाराणसी। बोलीविया की प्रशासनिक राजधानी लापाज़ और मेक्सिको के बाद अब काशी दुनिया का तीसरा ऐसा शहर बनने जा रहा है, जहां पर्यटक और स्थानीय लोग अर्बन पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे के जरिए यात्रा कर सकेंगे। यह देश का पहला और दुनिया का तीसरा अर्बन रोपवे होगा।
काशी में यातायात व्यवस्था को सुगम और तेज बनाने के लिए योगी सरकार लगातार प्रयास कर रही है। इसके तहत- फ्लाईओवर निर्माण, रिंग रोड, सड़कों का चौड़ीकरण, आधुनिक पार्किंग स्थल जैसी परियोजनाओं के साथ-साथ अब अर्बन पब्लिक ट्रांसपोर्ट रोपवे का निर्माण भी किया जा रहा है।
रोपवे के निर्माण, संचालन और सुरक्षा में अंतरराष्ट्रीय मानकों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। इसका निर्माण सेंट्रल यूरोपियन नार्म्स (CEN) के अनुसार किया जा रहा है, जो रोपवे के सुरक्षित निर्माण, संचालन और रखरखाव के लिए वैश्विक दिशानिर्देश तय करता है।
पहले चरण के पहले सेक्शन में रोपवे का इंस्टॉलेशन और रोप पुलिंग का कार्य विदेशी इंजीनियरों द्वारा किया गया है। रोपवे निर्माण की विशेषज्ञ कंपनी के एक्सपर्ट्स ही इसका ट्रायल रन भी कर रहे हैं, जिससे तकनीकी और सुरक्षा मानकों की पूरी जांच हो सके।
रोपवे का निर्माण स्विट्जरलैंड की कंपनी बर्थोलेट द्वारा किया जा रहा है। पहले चरण के पहले सेक्शन में कैंट रेलवे स्टेशन से रथयात्रा तक रोपवे को स्विस इंजीनियरों ने वाराणसी में रहकर इंस्टॉल किया है। वहीं, ऑस्ट्रिया की एक्सपर्ट कंपनी “रोप एक्सपर्ट्स” के इंजीनियरों ने रोप पुलिंग का कार्य किया। इसके लिए यूरोप से विशेष ड्रोन और आधुनिक उपकरण आयात किए गए थे।
यह रोपवे परियोजना वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया चौराहे तक बनाई जा रही है। इस रूट पर कुल पांच स्टेशन होंगे-
रोपवे की कुल लंबाई 3.85 किलोमीटर है। कैंट रेलवे स्टेशन से गोदौलिया पहुंचने में यात्रियों को लगभग 16 मिनट का समय लगेगा, जिससे ट्रैफिक जाम से बड़ी राहत मिलेगी।
इस रोपवे पर कुल 148 ट्रॉली कार (गंडोला) चलेंगी।