पत्नी के कैंसर इलाज के लिए बंदे ने मांगी मदद, मददगार ने भेज दिया 50 टन शकरकंद!

Published : Jan 07, 2026, 03:03 PM IST
पत्नी के कैंसर इलाज के लिए बंदे ने मांगी मदद, मददगार ने भेज दिया 50 टन शकरकंद!

सार

चीन में पत्नी के ब्लड कैंसर के इलाज हेतु पैसे जुटा रहे एक विक्रेता को अनजान शख्स ने 50 टन शकरकंद दान दिए। अब वह इन्हें बेचकर इलाज का खर्च जुटा रहा है। यह मदद उसे सोशल मीडिया पर कहानी साझा करने के बाद मिली।

त्नी के ब्लड कैंसर के इलाज के लिए पैसे जुटाने की कोशिश कर रहे एक शकरकंद बेचने वाले को किसी अनजान शख्स ने 50 टन शकरकंद तोहफे में दे दिए। साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक, यह अनोखी मदद चीन के एक व्यापारी को मिली जो अपनी पत्नी के इलाज के लिए परेशान था। 35 साल के जिया चांगलोंग चीन के शानडोंग प्रांत के जिनान में सड़क किनारे शकरकंद बेचते हैं और उनकी पत्नी को ब्लड कैंसर है।

पत्नी का इलाज

जिया चांगलोंग, उनकी पत्नी (सरनेम ली) और उनका आठ साल का बेटा यांताई में रहते हैं। जिया और ली शादी से पहले स्कूल में साथ पढ़ते थे। ली एक हाउसवाइफ हैं और जुलाई में उन्हें एक्यूट माइलॉयड ल्यूकेमिया होने का पता चला। शुरुआती इलाज के बाद, अब वह घर पर हैं और उनकी सेहत में सुधार हो रहा है।

ली के इलाज पर अब तक 3,50,000 युआन (करीब 38.70 लाख रुपये) खर्च हो चुके हैं। इलाज के दूसरे फेज, यानी बोन मैरो ट्रांसप्लांट सर्जरी के लिए 4,00,000 युआन (करीब 51.60 लाख रुपये) और चाहिए। लेकिन दवाइयों को मिलाकर कुल खर्च 20 लाख युआन तक पहुंच सकता है। अब तक के इलाज के लिए उन्होंने दोस्तों और रिश्तेदारों से पैसे उधार लिए थे। जिया का कहना है कि वह लगभग सभी जान-पहचान वालों से उधार ले चुके हैं और इलाज के लिए घर का कंप्यूटर तक बेच दिया। अब घर में बेचने के लिए कुछ भी नहीं बचा है।

50 टन शकरकंद

जब इलाज के लिए पैसे जुटाने का कोई और रास्ता नहीं दिखा, तो जिया ने अपनी कहानी सोशल मीडिया पर लिखी। उनकी पोस्ट तुरंत वायरल हो गई। इसके बाद कई लोगों ने जिया को छोटी-छोटी रकम भेजकर मदद की। लेकिन एक अनजान मैसेज ने जिया को हैरान कर दिया। यह मैसेज 50 साल के एक शख्स का था, जिनका सरनेम फांग था। उन्होंने जिया को 50 टन शकरकंद देने की पेशकश की और सलाह दी कि वह इसे बेचकर अपनी पत्नी के इलाज के लिए पैसे जुटा लें।

वैसे तो जिया खुद भी शकरकंद उगाते और बेचते हैं, लेकिन उनका काम बहुत छोटे पैमाने पर था। इसलिए, उन्हें इसे रखने के लिए एक बड़ी जगह ढूंढनी पड़ी। इसके बाद, 1,000 किलो के बैच में शकरकंद के ट्रक उन तक पहुंचने लगे। जिया ने बाजार के गेट पर "आभार चैरिटी सेल" का बोर्ड लगाया और अपनी कहानी भी लिखकर लगा दी। 25 दिसंबर तक, शकरकंद का पहला बैच बिक गया, जिससे उन्हें लगभग 5,000 युआन मिले। इसके बाद और भी स्टॉक आया, जिसे उन्होंने बिक्री के लिए रखा। जिया उस अनजान मददगार और अपनी दुकान पर आकर सामान खरीदने वाले सभी लोगों का शुक्रिया अदा करते हैं।

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