देश में LPG संकट को लेकर केंद्र सरकार ने राज्यों को सप्लाई पर नजर रखने और कालाबाजारी रोकने के निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि घरेलू गैस की कोई कमी नहीं है, लेकिन कमर्शियल सिलेंडरों का संकट बना हुआ है। विपक्ष ने इस मुद्दे पर संसद में हंगामा किया।

नई दिल्ली: देश में LPG संकट से निपटने के लिए केंद्र सरकार ने राज्यों को कई निर्देश जारी किए हैं। केंद्र ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों से LPG सप्लाई पर नजर रखने को कहा है। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है कि कहीं भी गैस की कालाबाजारी या जमाखोरी न हो। उन्होंने यह भी कहा कि सिलेंडर की बिक्री और डिस्ट्रिब्यूशन के दौरान कानून-व्यवस्था बनी रहनी चाहिए।

ये निर्देश आज दोपहर 3 बजे हुई एक वर्चुअल मीटिंग में दिए गए। मीटिंग में गृह सचिव ने चेतावनी दी कि कालाबाजारी और जमाखोरी से LPG की किल्लत बढ़ सकती है। मीटिंग में ईंधन की कमी से जुड़ी अफवाहों को रोकने के लिए भी कदम उठाने को कहा गया। इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कहा है कि LPG संकट को लेकर घबराने की कोई जरूरत नहीं है। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की।

संकट नहीं है: केंद्र सरकार

केंद्र सरकार ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया है कि देश में घरेलू रसोई गैस की सप्लाई में कोई संकट नहीं है। पेट्रोलियम मंत्रालय ने बताया कि LPG की कमी से बचने के लिए जरूरी कदम उठाए गए हैं और बुकिंग के ढाई दिन के अंदर सिलेंडर घरों तक पहुंच जाएंगे। वहीं, इस मुद्दे को संसद में उठाते हुए विपक्ष ने आरोप लगाया कि यह संकट केंद्र सरकार की नाकामी की वजह से पैदा हुआ है।

सरकार का कहना है कि घरेलू LPG सप्लाई को लेकर चिंता करने की कोई बात नहीं है और सभी जरूरी इंतजाम कर लिए गए हैं। लोगों को घबराहट में बुकिंग करने की जरूरत नहीं है। फिलहाल, LPG के उत्पादन में 25 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। मंत्रालय ने यह भी बताया कि LNG के दो कार्गो जहाज जल्द ही भारत पहुंचेंगे। सरकार ने इस बात की भी पुष्टि की है कि एक सिलेंडर बुक करने के बाद अगला सिलेंडर बुक करने की समय-सीमा 21 दिन से बढ़ाकर 25 दिन कर दी गई है।

हालांकि, कमर्शियल सिलेंडरों को लेकर संकट अभी भी बना हुआ है। उत्तर भारत में कई गैस डिस्ट्रिब्यूशन सेंटरों पर खाली सिलेंडर लेकर पहुंचे लोगों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। कई होटलों ने अपने मेन्यू में डिशेज की संख्या कम कर दी है। सांसद पी. संतोष कुमार और शाफी परम्बिल समेत कई सांसदों ने इस मुद्दे पर चर्चा के लिए आज संसद के दोनों सदनों में नोटिस दिया। संसद के बाहर प्रियंका गांधी समेत कई नेताओं ने धरना देकर विरोध प्रदर्शन किया।