कौन है अभय तिवारी, जिसके पोस्टर लेकर विधानसभा पहुंचे छात्र? गारंटीड सिलेक्शन से रिश्तेदारों की रैंक तक, जानिए पूरा मामला

Published : Aug 10, 2026, 06:33 PM ISTUpdated : Aug 10, 2026, 06:45 PM IST
Who is Abhay Tiwari

सार

Who is Abhay Tiwari: झारखंड छात्र आंदोलन में अभय तिवारी का नाम क्यों गूंज रहा है? JPSC-JSSC परीक्षा अनियमितता से जुड़े आरोप, CID जांच और पोस्टर के दावे, कौन है अभय तिवारी? जानिए पूरा मामला।

Jharkhand Student Protest: झारखंड में JPSC और JSSC परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर छात्रों का आंदोलन लगातार जारी है। प्रदर्शन के 17वें दिन छात्र विधानसभा का घेराव करने पहुंचे। इस दौरान उनके हाथों में एक नाम और तस्वीर बार-बार नजर आई, वह तस्वीर अभय कुमार तिवारी की थी। आखिर इस विरोध प्रदर्शन में अभय तिवारी का नाम इतना अहम क्यों हो गया है? छात्रों के आरोप और CID जांच में सामने आई जानकारी इस पूरे मामले को समझने की अहम कड़ी है। जानिए कौन है अभय तिवारी?

गोड्डा में BSO था अभय तिवारी

अभय कुमार तिवारी गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट में ब्लॉक सप्लाई ऑफिसर (BSO) के पद पर तैनात था। CID की जांच के मुताबिक, सरकारी सेवा में आने से पहले वह TRS-Data Processing Private Limited (TDPL) में मार्केटिंग मैनेजर के तौर पर काम कर चुका था। जांच से जुड़ी जानकारी में यह भी सामने आया कि TDPL को उत्तर प्रदेश में ब्लैकलिस्ट किया जा चुका था।

‘गारंटीड सिलेक्शन’ का दावा और 25 से 40 लाख रुपये का आरोप

जांच में अभय तिवारी पर अभ्यर्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं में चयन का भरोसा दिलाकर प्रभावित करने का आरोप सामने आया। आरोप है कि वह पहले अपनी सफलताओं का उदाहरण देकर उम्मीदवारों का विश्वास जीतता था। इसके बाद कथित तौर पर ‘गारंटीड सिलेक्शन’ का भरोसा दिलाकर उनसे 25 से 40 लाख रुपये तक लिए जाते थे। यही वजह है कि छात्रों के आंदोलन में अभय तिवारी का नाम अब एक बड़े सवाल के तौर पर उठाया जा रहा है।

ये भी पढ़ें- JPSC-JSSC Protest: वाटर कैनन से नहीं माने छात्र तो चलीं लाठियां, फिर आंसू गैस- WATCH

पोस्टर में रिश्तेदारों की रैंक का दावा

प्रदर्शनकारी छात्रों के पोस्टर में अभय तिवारी के कई रिश्तेदारों के अलग-अलग प्रतियोगी परीक्षाओं में चयन और रैंक का दावा किया गया है। पोस्टर के मुताबिक, उनके साले की JSSC CGL BSO में रैंक आई थी। ममेरे भाई के BSO में 51वीं रैंक और भाई के भी JSSC CGL BSO में रैंक हासिल करने का दावा किया गया है। पोस्टर में भौजाई, साली और मौसेरे भाई के JSSC CGL में रैंक हासिल करने की बात भी लिखी गई है। इसके अलावा चाचा के साढ़ू के बेटे की BSO में 68वीं रैंक और साले के मौसेरे भाई बिक्रम पांडे की 127वीं रैंक का दावा किया गया है। इन दावों को लेकर छात्र सवाल उठा रहे हैं और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहे हैं।

ये भी पढ़ें- Jharkhand: कौन हैं JPSC के पूर्व चेयरमैन खियांग्ते जिन्हें पुलिस ने किया गिरफ्तार, जानें क्यों हुए अरेस्ट

CID जांच में भी सामने आया नाम

छात्रों का आरोप है कि अभय तिवारी की भूमिका कथित परीक्षा अनियमितताओं से जुड़ी हो सकती है। हालांकि, किसी भी आरोप को अंतिम निष्कर्ष नहीं माना जा सकता, इसकी पुष्टि जांच और कानूनी प्रक्रिया से ही होगी। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, पुलिस जांच के दौरान अभय तिवारी का नाम सामने आया और उनके ठिकानों समेत कई स्थानों पर छापेमारी भी की गई। CID की पूछताछ में अभय तिवारी द्वारा पास की गई 12 लिखित और मुख्य परीक्षाओं की सूची सामने आने की बात भी कही गई है। आरोप है कि वह इन परीक्षाओं में अपनी सफलता का हवाला देकर दूसरे अभ्यर्थियों को प्रभावित करता था।

फिलहाल छात्रों के पोस्टर और उनके सवालों के केंद्र में यही नाम है। आंदोलनकारी चाहते हैं कि अभय तिवारी की भूमिका, उनसे जुड़े आरोपों और प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं के पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच हो, ताकि यह साफ हो सके कि आखिर इस मामले की असली तस्वीर क्या है।

PREV

Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।

AT
About the Author

Anita Tanvi

अनीता तन्वी। मीडिया जगत में 15 साल से ज्यादा का अनुभव। मौजूदा समय में ये एशियानेट न्यूज हिंदी के साथ जुड़कर एजुकेशन सेगमेंट संभाल रही हैं। इन्होंने जुलाई 2010 में मीडिया इंडस्ट्री में कदम रखा और अपने करियर की शुरुआत प्रभात खबर से की। पहले 6 सालों में, प्रभात खबर, न्यूज विंग और दैनिक भास्कर जैसे प्रमुख प्रिंट मीडिया संस्थानों में राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय, ह्यूमन एंगल और फीचर रिपोर्टिंग पर काम किया। इसके बाद, डिजिटल मीडिया की दिशा में कदम बढ़ाया। इन्हें प्रभात खबर.कॉम में एजुकेशन-जॉब/करियर सेक्शन के साथ-साथ, लाइफस्टाइल, हेल्थ और रीलिजन सेक्शन को भी लीड करने का अनुभव है। इसके अलावा, फोकस और हमारा टीवी चैनलों में इंटरव्यू और न्यूज एंकर के तौर पर भी काम किया है।Read More...
Read more Articles on

Recommended Stories

झारखंड में छात्रों पर हुआ लाठीचार्ज, आया राहुल गांधी का रिएक्शन, कहा- छात्रों की बात सुने सरकार
Jharkhand: कौन हैं JPSC के पूर्व चेयरमैन खियांग्ते जिन्हें पुलिस ने किया गिरफ्तार, जानें क्यों हुए अरेस्ट