मुलायम सिंह यादव की दुलारी पोती, जिनके नाम पर मचा है सियासी संग्राम, कौन हैं अदिति यादव?

Published : Jun 14, 2026, 06:07 PM IST
Who Is Aditi Yadav Education Achievements and Her Growing Role in Samajwadi Party Politics

सार

Who Is Aditi Yadav: आखिर कौन हैं अदिति यादव और समाजवादी पार्टी के संस्थापक मुलायम सिंह यादव से उनका क्या संबंध है? अदिति यादव की शिक्षा, खेल उपलब्धियां और अब तक का सार्वजनिक जीवन कैसा रहा है? क्या अदिति यादव भविष्य में सक्रिय राजनीति में उतरकर अखिलेश यादव की राजनीतिक विरासत संभाल सकती हैं?

समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की बेटी अदिति यादव इन दिनों राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा का केंद्र बनी हुई हैं। सोशल मीडिया पर उनके खिलाफ की गई कथित अभद्र टिप्पणियों और आपत्तिजनक पोस्टों के बाद यह मामला राजनीतिक रंग ले चुका है। कई जगहों पर विरोध प्रदर्शन हुए हैं और पुलिस में शिकायतें भी दर्ज कराई गई हैं।

लेकिन इस विवाद के बीच एक सवाल तेजी से लोगों के मन में उठ रहा है, आखिर अदिति यादव कौन हैं? क्या वह सिर्फ एक राजनीतिक परिवार की सदस्य हैं या फिर समाजवादी राजनीति की अगली पीढ़ी का चेहरा भी बन सकती हैं?

नेताजी के परिवार की वह बेटी, जिसे कहा जाता था 'लक्ष्मी'

समाजवादी पार्टी के संस्थापक और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के परिवार में लंबे समय तक कोई बेटी नहीं थी। परिवार के करीबी लोगों के अनुसार, जब अदिति यादव का जन्म हुआ तो नेताजी ने उन्हें बेहद स्नेह दिया और उन्हें 'लक्ष्मी' कहकर पुकारा।

सैफई के लोगों और परिवार के करीबियों का कहना है कि अदिति बचपन से ही नेताजी की सबसे प्रिय पोतियों में शामिल थीं। सार्वजनिक कार्यक्रमों में भी वह अक्सर उनके साथ दिखाई देती थीं। परिवार के लोगों के मुताबिक मुलायम सिंह यादव को अदिति से विशेष लगाव था।

मेदांता अस्पताल का भावुक पल

साल 2022 में जब मुलायम सिंह यादव गंभीर रूप से बीमार थे और अस्पताल में भर्ती थे, तब अदिति उनसे मिलने पहुंची थीं। परिवार से जुड़े लोगों के अनुसार, मुलायम सिंह यादव ने अपने अंतिम दिनों में अदिति को पढ़ाई पर ध्यान देने और परिवार का नाम रोशन करने की सलाह दी थी। यह घटना आज भी परिवार और समर्थकों के बीच भावनात्मक रूप से याद की जाती है।

पढ़ाई में अव्वल, खेलों में भी शानदार प्रदर्शन

राजनीतिक परिवार से आने के बावजूद अदिति यादव की पहचान केवल राजनीति तक सीमित नहीं है। उन्होंने अपनी स्कूली शिक्षा लखनऊ के प्रतिष्ठित स्कूल से पूरी की और 12वीं की परीक्षा में करीब 98 प्रतिशत अंक हासिल किए। इसके बाद वह उच्च शिक्षा के लिए ब्रिटेन चली गईं और University College London से पॉलिटिक्स और इंटरनेशनल रिलेशंस विषय में ग्रेजुएशन किया। शिक्षा के साथ-साथ खेलों में भी उनकी सक्रियता उल्लेखनीय रही है।

  • घुड़सवारी में हासिल किए मेडल: मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अदिति ने घुड़सवारी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया और कई पदक भी जीते हैं। यह खेल अनुशासन, संतुलन और आत्मविश्वास की मांग करता है, जिसमें उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई।
  • बैडमिंटन में भी दिखाया दम : अदिति यादव बैडमिंटन में राज्य और राष्ट्रीय स्तर तक प्रतियोगिताओं में भाग ले चुकी हैं। खेलों के प्रति उनका झुकाव उन्हें युवा पीढ़ी के बीच एक अलग पहचान दिलाता है।

राजनीति में बढ़ती सक्रियता

पिछले कुछ वर्षों में अदिति यादव की राजनीतिक गतिविधियों में लगातार बढ़ोतरी देखी गई है। इसी वजह से उन्हें समाजवादी पार्टी की अगली पीढ़ी के प्रमुख चेहरों में गिना जाने लगा है।

मैनपुरी उपचुनाव से मिली पहचान

साल 2022 में नेताजी के निधन के बाद मैनपुरी लोकसभा सीट पर उपचुनाव हुआ। इस चुनाव में उनकी मां डिंपल यादव उम्मीदवार थीं। यहीं से अदिति पहली बार बड़े राजनीतिक मंच पर सक्रिय नजर आईं। उन्होंने चुनाव प्रचार में हिस्सा लिया, महिलाओं के बीच पहुंचीं और जनसंपर्क अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा बनीं।

2024 लोकसभा चुनाव में बढ़ी भूमिका

लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान अदिति यादव ने अपने पिता Akhilesh Yadav के समर्थन में कन्नौज में प्रचार किया। उनकी नुक्कड़ सभाओं और युवाओं से संवाद ने काफी ध्यान आकर्षित किया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इसी दौर में उनकी राजनीतिक समझ और जनसंपर्क क्षमता खुलकर सामने आई।

संसद में पहली मौजूदगी और बढ़ीं अटकलें

अप्रैल 2025 में अदिति यादव पहली बार अपनी मां Dimple Yadav के साथ संसद पहुंचीं। इसके बाद उनके सक्रिय राजनीति में आने की चर्चाएं और तेज हो गईं। हालांकि अभी तक उन्होंने औपचारिक रूप से किसी चुनावी राजनीति में प्रवेश की घोषणा नहीं की है, लेकिन उनकी बढ़ती सार्वजनिक उपस्थिति लगातार संकेत दे रही है कि वह राजनीति को करीब से समझ रही हैं।

अखिलेश यादव ने क्या कहा?

एक सार्वजनिक कार्यक्रम में जब अखिलेश यादव से अदिति की राजनीतिक सक्रियता को लेकर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि नई पीढ़ी को लोकतंत्र और राजनीति को समझना चाहिए। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी बेटी को लोगों के बीच जाने, गांवों में समय बिताने और समाज की समस्याओं को समझने की स्वतंत्रता दी है। उनके मुताबिक राजनीति केवल सत्ता नहीं, बल्कि समाज को समझने और लोगों की समस्याओं से जुड़ने का माध्यम भी है।

क्या अदिति यादव होंगी समाजवादी राजनीति का अगला बड़ा चेहरा?

फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि अदिति यादव भविष्य में समाजवादी पार्टी की औपचारिक राजनीतिक उत्तराधिकारी बनेंगी या नहीं। लेकिन उनकी शिक्षा, सार्वजनिक छवि, राजनीतिक सक्रियता और परिवार के भीतर उनकी बढ़ती भूमिका ने उन्हें चर्चा के केंद्र में जरूर ला दिया है।

सोशल मीडिया विवाद के बीच भले ही उनका नाम सुर्खियों में आया हो, लेकिन अदिति यादव की कहानी केवल एक राजनीतिक परिवार की बेटी की नहीं, बल्कि उस नई पीढ़ी की भी है जो आधुनिक शिक्षा, खेल और राजनीति तीनों क्षेत्रों में अपनी पहचान बनाने की कोशिश कर रही है।

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