
अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामला सामने आने के बाद अब श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ने व्यवस्था में बदलाव किया है। इस घटाले में चंपत राय का नाम सामने आने के बाद उन्होंने महासचिव पद से इस्तीफा दे दिया है। अब उनकी जगह इस पद पर रिटायर्ड IFS कृष्ण मोहन को यह जिम्मेदारी दी गई है। जो ट्रस्ट में समीति सदस्य है। बता दें कि कृष्ण मोहन वही हैं, जिन्होंने मंदिर की तरफ से चढ़ावा चोरी की सबसे पहली FIR कराई थी। तो आइए जानते हैं कौन हैं कृष्ण मोहन
73 बर्षीय कृष्ण मोहन 1977 बैच के IFS (भारती वन सेवा) अफसर हैं। वह मूलरूप से उत्तर प्रदेश के हरदोई के शाहाबाद के रहने वाले हैं। पिता धर्मवीर सिंह भारतीय रेलवे में काम करते थे। कृष्ण मोहन ने अपने करियर के शुरुआत परमाणु ऊर्जा विभाग में नौकरी करके की थी। हालांकि 1977 में उन्होंने भारतीय वन सेवा परीक्षा पास कर ली और वह आईएफस अधिकारी बन गए। उन्होंने लखनऊ यूनिवर्सिटी से जियोलॉजी में एमएससी तक पढ़ाई की है।
कृष्ण मोहन के पिता धर्मवीर सिंह भारतीय रेलवे में काम करते थे। जिनका निधन हो चुका है। वहीं उनके छोटे भाई महेंद्र सिंह लखनऊ के बलरामपुर हॉस्पिटल में डॉक्टर हैं। उनके एक बेटा और बेटी हैं, दोनों सरकारी नौकरी में हैं। बेटा सौरव लखनऊ में डाक विभाग में तैनात है। तो वहीं बेटी स्नेहा मोहन नोएडा में सरकारी डॉक्टर है।
सपा सरकार में पूर्व मंत्री रहे पवन पाडेय ने सबसे पहले 7 जून को राम मंदिर के दान पात्रों से करोड़ों रुपयों के गबन के लगाकर मामला उठाया था। इसके बाद मामला मीडिया में सामने आ गया और उत्तर प्रदेश सरकार ने जांच के लिए एक विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया। जिसमें 8 लोगों को गिरफ्तार जेल भेजा गया। इस विवाद में महासचिव चंपत राय का नाम भी सामने आया। जिसके बाद उन्होंने पद से इस्तीफा दिया। वहीं दूसरा सबसे बड़ा नाम अनिल मिश्रा का है, जिन्होंने भी ट्रस्टी से रिजाइन कर दिया। फिलहाल दोनों के खिलाफ जांच जारी है।
Asianet News Hindi पर पढ़ें देशभर की सबसे ताज़ा National News in Hindi, जो हम खास तौर पर आपके लिए चुनकर लाते हैं। दुनिया की हलचल, अंतरराष्ट्रीय घटनाएं और बड़े अपडेट — सब कुछ साफ, संक्षिप्त और भरोसेमंद रूप में पाएं हमारी World News in Hindi कवरेज में। अपने राज्य से जुड़ी खबरें, प्रशासनिक फैसले और स्थानीय बदलाव जानने के लिए देखें State News in Hindi, बिल्कुल आपके आसपास की भाषा में। उत्तर प्रदेश से राजनीति से लेकर जिलों के जमीनी मुद्दों तक — हर ज़रूरी जानकारी मिलती है यहां, हमारे UP News सेक्शन में। और Bihar News में पाएं बिहार की असली आवाज — गांव-कस्बों से लेकर पटना तक की ताज़ा रिपोर्ट, कहानी और अपडेट के साथ, सिर्फ Asianet News Hindi पर।