नरोत्तम मिश्रा का क्यों कटा टिकट, आशुतोष कैसे मोदी-शाह की बने पहली पसंद, जानिए 5 कारण

Published : Jul 11, 2026, 12:36 PM IST
Datia bypoll

सार

Datia bypoll  Ashutosh Tiwari VS Narottam Mishra : मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर 30 जुलाई को उपचुनाव के लिए वोटिंग होगी। लेकिन बीजेपी ने नरोत्तम मिश्रा की जगह आशुतोष तिवारी को टिकट देकर हड़कंप मचा दिया है। आइए जानते हैं इस चौंकाने वाले फैसले की वजह 

 

मध्य प्रदेश की दतिया विधानसभा सीट पर होने वाले उपचुनाव के लिए बीजेपी ने बड़ा फैसला लेते हुए पूर्व गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटकर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। यह सीट कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती को अयोग्य ठहराए जाने के बाद खाली हुई थी। लेकिन दतिया से लेकर भोपाल तक सियासी गलियारों और आम आदमी के मन में एक ही सवाल है कि आखिर इतने बड़े कद्दावार नेता नरोत्तम की जगह आशुतोष को क्यों उतारा गया। वह कौनसी बात है जो आलाकामान ने इतना बड़ा फैसला किया।

1. फीडबैक के आधार पर नरोत्तम का नाम कटा

सूत्रों को मुताबिक, एमपी प्रदेश भाजपा और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की सहमति के बाद दतिया सीट के लिए केंद्रीय लीडरशिप को डॉ. नरोत्तम मिश्रा का सिंगल नाम भेजा था। जिसको लेकर दिल्ली में बैठे आलाकामान और सेंट्रल टीम को डाउट हुआ। हाईकमान ने नरोत्तम मिश्रा का फीडबैक लिया। साथ ही संगठन की भी राय ली गई, जिसमें सभी की एक मत नहीं बना तो पार्टी ने चुनावी रणनीति को देखते हुए आखिरी समय में आशुतोष पर फैसला किया।

2. जीतते तो पावरफुल बनते नरोत्तम

टिकट कटने पर राजनीतिक जानकारों का यह भी कहना है कि अगर नरोत्तम मिश्रा विधायक का चुनाव जीतते तो उन्हें मंत्रालय में कोई बड़ा पद देना पड़ता। जिससे वह पावरफुल बनते और साथ ही मध्य प्रदेश में नया पावर सेंटर बन जाते। क्योंकि वह मिश्रा शिवराज सरकार में नंबर-2 की भूमिका वाले नेताओं में रहे हैं। ऐसे में पार्टी नहीं चाहती है कि सरकार में गुटबाजी हो। क्योंकि पहले से ही कई बड़े कैलाश विजयवर्गीय, प्रहलाद पटेल और नरेंद्र सिंह तोमर जैसे नेता सरकार में मौजूद हैं। ऐसे में पार्टी ने नए चेहरे यानि आशुतोष को मैदान में उतारा है।

3. क्षेत्र में नरोत्तम का विरोध

सूत्रों के मुताबिक, नरोत्तम मिश्रा भले ही, बीजेपी कार्यकर्ताओं में पहली पसंद बने हो, लेकिन सेंट्रल ने किए सर्वे के मुताबिक, वह दतिया में जीतने वाले कैंडिडेट नहीं हैं। यानि दतिया की जनता में उनका विरोध है। खासकर ब्राह्मण उनको पसंद नहीं करते हैं। दतिया में 30 हजार से ज्यादा ब्राह्मण मतदाता हैं। इसलिए सेंट्रल ने ब्राह्मण वोट बैंक साधने के लिए आशुतोष तिवारी पर दांव लगाया है

4. युवा के सर्वे में नरोत्तम फेल

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी अब युवा लीडरशिप चाहती है, इस लिहाज सेक भी नरोत्तम मिश्रा का टिकट काटा गया है। क्योंकि दतिया में 18 से 23 साल के बीच करीब 11 प्रतिशत युवा वोटर हैं। जबकि आशुतोष नरोत्तम की अपेक्षा अभी युवा हैं और उनकी छबि साफ-सुथरी है। इस वजह से और उनको टिकट दिया गया है।

5. संघ की पहली पसंत बने आशुतोष

बताया जाता है कि आशुतोष की बीजेपी संगठन से लेकर आरएसएस तक गहरी पैठ है। वह लोकल दतिया जिले के निवासी के साथ साथ पार्टी के लिए लंबे समय से काम कर रहे हैं। सर्वे के मुताबिक, संघ के किए गए सर्वे में आशुतोष दिग्गज नेता नरोत्तम से ऊपर निकले। तो आलाकामान ने चौंकाने वाला फैसला कर दिया।

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