भारतीय भारोत्तोलन महासंघ ने किया चाइनीज उपकरणों के बहिष्कार की मांग, कहा- खराब हैं उपकरण

Published : Jun 23, 2020, 06:17 PM IST
भारतीय भारोत्तोलन महासंघ ने किया चाइनीज उपकरणों के बहिष्कार की मांग, कहा- खराब हैं उपकरण

सार

पूर्वी लद्दाख में हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवानों के शहीद होने के एक सप्ताह बाद चीन से आने वाले उपकरणों को खराब बताते हुए भारतीय भारोत्तोलन महासंघ ने सोमवार को चीनी खेल उपकरणों के बहिष्कार की मांग की। 

स्पोर्ट्स डेस्क. पूर्वी लद्दाख में हिंसक झड़प में 20 भारतीय जवानों के शहीद होने के एक सप्ताह बाद चीन से आने वाले उपकरणों को खराब बताते हुए भारतीय भारोत्तोलन महासंघ ने सोमवार को चीनी खेल उपकरणों के बहिष्कार की मांग की। महासंघ ने चीनी कंपनी ZKCसे पिछले साल चार भारोत्तोलन सेट मंगवाए थे। महासंघ ने कहा कि उपकरण खराब निकले और भारोत्तोलक उनका इस्तेमाल नहीं कर रहे हैं।

महासंघ के महासचिव सहदेव यादव ने कहा, हमें चीनी उपकरणों का बहिष्कार करना चाहिए। महासंघ ने फैसला लिया है कि हम चीन में बने किसी उपकरण का इस्तेमाल नहीं करेंगे। महासंघ ने भारतीय खेल प्राधिकरण (साई) को लिखे पत्र में इसकी सूचना दे दी है। उन्होंने कहा कहा, भविष्य में भी हम चीनी सेटों का इस्तेमाल नहीं करेंगे। हम भारतीय या अन्य कंपनियों के सेटों का प्रयोग करेंगे लेकिन चीन के नहीं।

खराब निकले सेट 
राष्ट्रीय कोच विजय शर्मा ने बताया कि ये सेट खराब निकले। उन्होंने कहा, ‘कोरोना वायरस लॉकडाउन में रियायत मिलने के बाद भारोत्तोलकों ने इनका प्रयोग शुरू किया लेकिन ये खराब निकले। हम इनका इस्तेमाल नहीं कर सकते। कैंप में शामिल सभी वेटलिफ्टर चीन के खिलाफ हैं। उन्होंने टिकटॉक जैसे चीनी ऐप का इस्तेमाल भी बंद कर दिया है। ऑनलाइन सामान खरीदते समय भी देख रहे हैं कि कहीं वह चीनी तो नहीं है। इस सवाल के जवाब में कि ये सेट ऑर्डर ही क्यों किए, शर्मा ने कहा कि कोई और विकल्प नहीं था क्योंकि तोक्यो ओलिंपिक में चीनी उपकरण ही इस्तेमाल किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि चीन से पहली बार उपकरण खरीदे गए थे। भारतीय टीम फिलहाल स्वीडन में बने उपकरणों के साथ अभ्यास कर रही है। यादव ने कहा कि चीनी उपकरणों के विकल्प मौजूद है।
 

PREV

Recommended Stories

Kuldeep Yadav Haldi: हल्दी सेरेमनी में होनेवाली दुल्हन संग जमकर नाचे कुलदीप यादव, जानें कब लेंगे 7 फेरे
Visa Scam: पहलवान बनकर हंगरी जाना चाहते थे 11 लोग, WFI के फर्जी लेटर से खुली पोल