11 लोगों ने भारतीय पहलवान बनकर हंगरी का वीज़ा पाने की कोशिश की। इसके लिए उन्होंने भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) का नकली लेटरहेड इस्तेमाल किया। हंगरी दूतावास को शक हुआ और जांच में इस धोखाधड़ी का पर्दाफाश हो गया। इसके पीछे मानव तस्करी का शक जताया जा रहा है।

नई दिल्ली: भारतीय पहलवान बनकर 11 लोगों ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे हंगरी का वीज़ा अप्लाई किया। इस बड़ी धोखाधड़ी के सामने आने के बाद इसके पीछे मानव तस्करी का शक जताया जा रहा है।

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मामला यह है कि 15 से 22 मार्च तक बुडापेस्ट में एक अंतरराष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता होनी है। इसी में हिस्सा लेने के नाम पर 11 लोगों के लिए वीज़ा की अर्जी दी गई थी। इसके लिए भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के लेटरहेड का इस्तेमाल कर हंगरी दूतावास को एक सिफारिशी चिट्ठी भेजी गई थी।

लेकिन अर्जी में कुछ गलतियों की वजह से दूतावास के अधिकारियों को शक हो गया। उन्होंने सच्चाई जानने के लिए WFI को एक ईमेल भेजा। इसके जवाब में फेडरेशन के अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने साफ किया कि उनकी तरफ से ऐसी कोई चिट्ठी जारी नहीं की गई है।

संजय सिंह ने इस पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, 'यह मानव तस्करी से जुड़ा मामला हो सकता है। शक है कि इन लोगों ने फेडरेशन के नाम पर फर्जी कागजात बनाकर खिलाड़ी होने का नाटक किया और विदेश जाने की कोशिश की।'