नॉर्वे फुटबॉल टीम के वाइकिंग थीम वाले फोटोशूट पर विवाद क्यों खड़ा हो गया? आलोचकों ने इस फोटोशूट को नव-नाजी और कट्टर राष्ट्रवादी विचारधारा से कैसे जोड़ा? नॉर्वे के कोच स्टाले सोलबकेन ने इस पूरे विवाद पर क्या प्रतिक्रिया दी?
ओस्लो: फुटबॉल वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले ही नॉर्वे की टीम एक बड़े विवाद में फंस गई है। टीम के स्टार खिलाड़ी एर्लिंग हालैंड और उनके साथियों ने एक खास फोटोशूट करवाया, जो अब चर्चा का केंद्र बन गया है। इस फोटोशूट में सभी खिलाड़ी नॉर्वे की पारंपरिक 'वाइकिंग' योद्धाओं की वेशभूषा में नजर आ रहे हैं। लेकिन जैसे ही ये तस्वीरें सामने आईं, सामाजिक और राजनीतिक आलोचकों ने इस पर सवाल उठाने शुरू कर दिए। इन तस्वीरों पर नस्लीय भेदभाव और 'नव-नाजी' सोच को बढ़ावा देने के आरोप लग रहे हैं।

यह खास फोटोशूट अमेरिका में होने वाले वर्ल्ड कप के लिए रवाना होने से पहले ओस्लो के एक समुद्र तट पर किया गया था। इसे स्कॉटलैंड के मशहूर फोटोग्राफर डेविड यारो ने शूट किया। तस्वीरों में खिलाड़ी असली ढाल, धनुष और कुल्हाड़ी लिए हुए हैं और उनके पीछे वाइकिंग जहाज भी दिख रहे हैं। नॉर्वे फुटबॉल एसोसिएशन ने जैसे ही इन तस्वीरों को जारी किया, इस पर एक बड़ी बहस छिड़ गई।
विवाद की वजह क्या है?
आलोचकों का कहना है कि वाइकिंग्स, जो पुराने समय में यूरोप में लूटपाट, हमले और क्रूरता के लिए जाने जाते थे, उनकी संस्कृति का महिमामंडन करना गलत है। नॉर्वे के अखबार 'मॉर्गनब्लाडेट' के जाने-माने पत्रकार मार्कस स्लेथोम ने इस फोटोशूट की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि ये तस्वीरें कट्टर राष्ट्रवाद को बढ़ावा देती हैं और समाज के कुछ वर्गों को अलग-थलग करने वाली सोच को दर्शाती हैं। उन्होंने यहां तक कहा कि ये तस्वीरें उन विचारों की याद दिलाती हैं जो करीब 10 साल पहले यूरोप में 'नव-नाजी' समूह पेश किया करते थे।
इसके साथ ही, रिसर्चर जेन हॉग स्कोल्डली की नॉर्वे की वर्ल्ड कप जर्सी पर की गई हालिया टिप्पणी भी चर्चा में है। उन्होंने बताया था कि जर्सी के पीछे बने कुछ चिह्न फासीवादी और नव-नाजी आंदोलनों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली प्रतीकात्मक भाषा से मिलते-जुलते हैं, जो बेहद खतरनाक है। जब विवाद बढ़ा तो प्रेस कॉन्फ्रेंस में नॉर्वे के कोच स्टाले सोलबकेन से इस बारे में सवाल पूछे गए। हालांकि, उन्होंने इन सभी विवादों को सिरे से खारिज कर दिया। कोच ने कहा, "दुनिया में इससे भी बड़े और गंभीर मुद्दे हैं। मेरे पास ऐसी बातों के लिए समय बर्बाद करने की फुर्सत नहीं है।"
वहीं दूसरी तरफ, फुटबॉल एसोसिएशन के इंस्टाग्राम पेज पर इन तस्वीरों को फैंस का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। ज्यादातर फैंस का मानना है कि ये तस्वीरें नॉर्वे के इतिहास और परंपरा को दर्शाती हैं और टीम की एकता को दिखाती हैं। इस बार वर्ल्ड कप में नॉर्वे की टीम फ्रांस, सेनेगल और इराक के साथ एक मजबूत ग्रुप में है। एर्लिंग हालैंड और मार्टिन ओडेगार्ड जैसे खिलाड़ियों वाली इस 'सुनहरी पीढ़ी' से फैंस को बड़ी उम्मीदें हैं।
