
नयी दिल्ली: उच्चतम न्यायालय में सोमवार को एक आवेदन दायर किया गया है जिसमें सबरीमला मंदिर के दर्शन के लिये आने वाली सभी आयु वर्ग की महिलाओं के लिये बिना किसी बाधा के सुरक्षित जाने की व्यवस्था करने का केरल सरकार को निर्देश देने का अनुरोध किया गया है। यह आवेदन अधिवक्ता और कानून की शिक्षक बिन्दु ने दायर की है। इसमें दावा किया गया है कि केरल सरकार शीर्ष अदालत के 2018 के फैसले का खुलकर उल्ल्ंघन करते हुये सभी आयु वर्ग की महिलाओं और लड़कियों को सबरीमला मंदिर में प्रवेश की इजाजत नहीं दे रही है।
मंदिर में प्रवेश करने वाली पहली महिला
आवेदन में राज्य सरकार को यह निर्देश देने का अनुरोध किया गया है कि वह मंदिर में महिलाओं के प्रवेश में व्यवधान डालने वाली भीड़ और व्यक्तियों को रोके। आवेदन में कहा गया है कि शीर्ष अदालत के 28 सितंबर, 2018 के फैसले के बाद सबरीमला मंदिर में प्रवेश करने वाली वह पहली महिला है। आवेदन के अनुसार, 'उन्होंने 26 नवंबर, 2019 को सबरीमला मंदिर जाने का फिर प्रयास किया था लेकिन एर्नाकुलम जिले के पुलिस आयुक्त के कार्यालय के सामने उस पर हमला किया गया। उसके चेहरे पर किसी रासायनिक पदार्थ से स्प्रे किया गया जिसकी वजह से शरीर में जलन हो रही थी।'
2018 के फैसले पर रोक नही
इस आवेदन में बिन्दु ने शीर्ष अदालत के 14 नवंबर के फैसले का भी जिक्र किया है। शीर्ष अदालत ने 14 नवंबर को 3:2 के बहुमत से सबरीमला मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं के प्रवेश के सवाल को मुस्लिम और पारसी महिलाओं के साथ होने वाले कथित भेदभाव के मसले के साथ सात सदस्यीय संविधान पीठ को सौंप दिया था। हालांकि, न्यायालय ने सबरीमला मंदिर में सभी आयु वर्ग की महिलाओं को प्रवेश की अनुमति देने वाले 28 सितंबर, 2018 के फैसले पर रोक नहीं लगायी थी।
बिन्दु ने अपने आवेदन में यह भी कहा है कि इस साल 18 जनवरी को शीर्ष अदालत ने केरल पुलिस को उसे और एक अन्य महिला को सुरक्षा प्रदान करने का निर्देश दिया था।
(यह खबर समाचार एजेंसी भाषा की है, एशियानेट हिंदी टीम ने सिर्फ हेडलाइन में बदलाव किया है।)
(फाइल फोटो)
Other Indian State News (अन्य राज्य समाचार) - Read Latest State Hindi News (अन्य राज्य की खबरें), Regional News, Local News headlines in Hindi from all over the India.