
रिलेशनशिप डेस्क. महाभारत के द्रौपदी और उनके पांच पतियों के बारे में सबने पढ़ा होगा। अर्जुन ने द्रौपदी से शादी की लेकिन ससुराल आते ही उनके चार और पति हो गए थे। इसके पीछे की कहानी तो सबको पता होगी। लेकिन ये परंपरा भारत के एक हिस्से में आज भी निभाई जाती है। उस जगह का नाम है किन्नौर जो हिमाचल प्रदेश में स्थित है। यहां आज भी एक महिला के कई पति होते हैं। यहां एक इंसान किसी एक लड़की को पसंद करता है लेकिन उसके साथ उसके जितने भी भाई होंगे वो विवाह करते हैं। (फोटो: कॉन्सेप्ट इमेज)
अज्ञातवास के दौरान पांडव द्रौपदी और मां कुंती के साथ निवास किए थे
जी हां, किन्नौर जिले में आज भी बहु पति विवाह किए जाते हैं। यहां एक महिला के कई पति होते हैं। ऐसा नहीं है कि उन्हें पति अलग-अलग परिवार के होते हैं। बल्कि वो एक ही घर के होते हैं। एक घर में जितने भाई होंगे वो उनकी पत्नी होती है। यहां के लोगों का कहना है कि महाभारत काल में किन्नर प्रदेश में पांडवों अपनी पत्नी द्रौपदी और मां कुंती के साथ एक गुफा में कुछ साल अज्ञातवास के दौरान बिताए थे। जिसके बाद लोग बहुपति की परंपरा को निभाते हैं।
कई पति और एक पत्नी के पीछे ये है कहानी
ये तो पौराणिक कहानी हो गई। लेकिन इसके पीछे भौगोलिक स्थिति भी है। दरअसल, किन्नौर में लोगों के जीवनयापन का एक मात्र स्त्रोत कृषि हैं। खेती लायक जमीन भी कम हैं। अगर यहां के भाइयों की अलग-अलग शादी होती है तो फिर खेतों में बंटवारा होगा। ऐसे में जमीन का टुकड़ा कम पड़ जाएगा और किसी का भी पेट नहीं भरेगा। इसलिए यहां एक लड़की से सारे भाई शादी करते हैं ताकि बंटवारा नहीं हो।
महिलाएं नहीं होती है विधवा
यहां की महिलाएं सुहागन रहती हैं। अगर कई पतियों में एक की भी मौत हो जाए तो उसे दुख नहीं मनाने दिया जाता है। वो रोती नहीं हैं। इतना ही नहीं जब यहां खेती का मौसम नहीं होता है तो कुछ भाई बाहर कमाने चले जाते हैं तो कुछ यहां रखकर घर की देखभाल करते हैं। जिससे इनका जीवन यापन होता है।
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