Adhik Maas 2026: अधिक मास में दुर्लभ संयोग, कब से शुरू होगा ये महीना? जानें पूरी डिटेल

Published : Apr 04, 2026, 10:05 AM IST
Adhik Maas 2026

सार

Adhik Maas 2026 Mein Kab Hai :हर 3 साल में एक बार अधिक मास आता है। धर्म ग्रंथों में अधिक मास को बहुत ही पवित्र माना गया है। इसे पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं यानी भगवान विष्णु का महीना। इस बार ज्येष्ठ का अधिक मास रहेगा।

Kab Se shuru Hoga Adhik Maas: अंग्रेजी कैलेंडर की तरह हिंदू कैलेंडर में भी 12 महीने होते हैं। लेकिन हर तीसरे साल 13 महीनों का साल हो जाता है। इस एक अतिरिक्त महीने को अधिक मास कहा जाता है। धर्म ग्रंथों में इसका विशेष महत्व बताया गया है। इसे पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं। पुराणोंमें अधिक मास से जुड़े अनेक नियम, मान्यताएं और परंपराएं बताई गई हैं। साल 2026 में ज्येष्ठ के अधिक मास का संयोग बन रहा है। आगे जानिए कब से शुरू होगा ज्येष्ठ के अधिक मास और इसका महत्व…

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कब से शुरू होगा ज्येष्ठ का अधिक मास?

पंचांग के अनुसार इस बार ज्येष्ठ का अधिक मास 17 मई, रविवार से शुरू होगा जो 15 जून सोमवार तक रहेगा। इस महीने में कई व्रत त्योहार मनाए जाएंगे। 26 मई को गंगा दशहरा, 27 मई और 11 जून को कमला एकादशी का व्रत-उत्सव रहेगा। अधिक मास के अंतिम दिन 15 जून को अमावस्या और सोमवार का संयोग होने से सोमवती अमावस्या का दुर्लभ संयोग बनेगा।

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क्यों आता है अधिक मास?

ज्योतिषियों के अनुसार चंद्रमा को पृथ्वी के 12 चक्कर लगाने में 355 दिन का समय लगता है और पृथ्वी को सूर्य का चक्कर लगाने में 365 दिन का। इस तरह हर साल चंद्र वर्ष और सूर्य वर्ष में 10 दिनों का अंतर आ जाता है। इसी अंतर को दूर करने के लिए हर तीसरे साल अधिक मास की व्यवस्था की गई। अधिक मास के कारण ही सभी हिंदू व्रत-त्योहार निश्चित ऋतुओं में मनाए जाते हैं।

अधिक मास को क्यों कहते हैं पुरुषोत्तम मास?

अधिक मास के स्वामी भगवान विष्णु हैं। भगवान विष्णु का एक नाम पुरुषोत्तम भी है। इसलिए अधिक मास को पुरुषोत्तम मास भी कहते हैं। इस मास में भगवान विष्णु की पूजा करने का विशेष महत्व है। इस महीने में लोग भगवान विष्णु की कृपा पाने के लिए श्रीमद् भागवत की कथा व अन्य उपाय भी करते हैं। अधिक मास से जुड़ी अनेक मान्यताएं हैं जो इसे और भी खास बनाती है।


 

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