
Anant Chaturdashi Vrat Rules: इस बार अनंत चतुर्दशी का पर्व 25 सितंबर, शुक्रवार को किया जाएगा। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा की जाती है। इस दिन व्रती (व्रत करने वाला स्त्री-पुरुष) पूजा के बाद अपने हाथों में अनंत सूत्र बंधवाते हैं। अनंत सूत्र को बहुत ही पवित्र माना जाता है। इसमें 14 गांठें लगी होती हैं। मान्यता है कि अनंत सूत्र बांधने से जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है। आगे जानिए अनंत सूत्र से जुड़ी कुछ खास बातें…
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार अनंत सूत्र में लगी 14 गांठें भगवान विष्णु के अनंत स्वरूप और उनसे जुड़े विभिन्न रूपों का प्रतीक मानी जाती हैं। इन्हें 14 लोकों से भी जोड़ा जाता है। हिंदू धर्म में 14 लोकों का उल्लेख मिलता है, इसलिए अनंत सूत्र की 14 गांठों को भी विशेष महत्व दिया जाता है। यह धागा भगवान विष्णु को समर्पित करके धारण किया जाता है। इसी वजह से इसे केवल सामान्य धागा नहीं माना जाता, बल्कि श्रद्धा और संकल्प का प्रतीक माना जाता है।
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परंपरा के अनुसार पुरुष अनंत सूत्र को दाहिने हाथ में और महिलाएं बाएं हाथ में धारण करती हैं। पूजा के दौरान भगवान विष्णु के अनंत रूप की आराधना करने के बाद इस सूत्र को हाथ में बांधा जाता है। कई परिवारों में इसे घर के बड़े सदस्य या पुरोहित द्वारा बांधने की परंपरा भी होती है।
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अनंत सूत्र को लेकर अलग-अलग क्षेत्रों में अलग परंपराएं देखने को मिलती हैं। कुछ लोग इसे लंबे समय तक हाथ में बांधकर रखते हैं, जबकि कुछ परंपराओं में इसे निर्धारित अवधि के बाद विधि के अनुसार उतारकर सुरक्षित स्थान पर रखने की मान्यता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार अनंत चतुर्दशी पर अनंत सूत्र धारण करने का उद्देश्य भगवान विष्णु से सुख, शांति और परिवार की समृद्धि की कामना करना है। इसलिए इसे बांधते समय श्रद्धा और नियमों का विशेष ध्यान रखा जाता है।
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