
Pitru Paksha 2026 Start Date: इस बार पितृ पक्ष की शुरुआत 26 सितंबर से होगी और इसका समापन 10 अक्टूबर को होगा। इस दौरान लोग अपने पूर्वजों के लिए तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध करेंगे। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, पितरों के लिए श्रद्धा से किए गए कर्मों का विशेष महत्व माना गया है। लेकिन अक्सर यह सवाल उठता है कि अगर किसी व्यक्ति का बेटा न हो तो उसके पिता का श्राद्ध कौन कर सकता है। आइए जानते हैं इससे जुड़े 10 जरूरी सवालों के जवाब…
धार्मिक परंपरा के अनुसार, पिता का श्राद्ध पुत्र द्वारा किया जाता है। अगर परिवार में एक से ज्यादा बेटे हैं, तो आमतौर पर बड़े बेटे को इसकी जिम्मेदारी दी जाती है। बड़ा बेटा न रहे तो उससे छोटे बेटे को ये कार्य करना चाहिए।
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अगर किसी व्यक्ति का बेटा नहीं है, तो धार्मिक परंपरा में अन्य परिजनों को श्राद्ध करने का अधिकार बताया गया है। ऐसे में पहले भाई और उसके बाद परिवार के अन्य योग्य पुरुष सदस्य श्राद्ध कर सकते हैं।
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हां, धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बेटे के न होने पर भाई श्राद्ध कर सकता है। अगर भाई भी मौजूद न हो, तो भाई का बेटा यानी भतीजा श्राद्ध करने वाला अगला व्यक्ति माना जाता है।
अगर परिवार में कोई पुरुष सदस्य नहीं है, तो कुछ धार्मिक परंपराओं में समान गोत्र के पुरुष को श्राद्ध करने का अधिकार बताया गया है। यानी परिवार के गोत्र से जुड़े योग्य व्यक्ति यह कर्म कर सकते हैं।
हां, अगर पति का श्राद्ध करने के लिए परिवार में कोई योग्य पुरुष सदस्य मौजूद नहीं है, तो धार्मिक परंपरा के अनुसार पत्नी अपने पति का श्राद्ध कर सकती है। इसे ऐसी स्थिति में मान्य विकल्प माना गया है।
अगर पत्नी भी मौजूद नहीं है, तो कुछ परंपराओं के अनुसार बेटी का पति यानी दामाद अपने ससुर का श्राद्ध कर सकता है। इसके बाद बेटी का बेटा यानी नाती भी नाना का श्राद्ध कर सकता है।
हां, धार्मिक परंपरा में दत्तक पुत्र को भी श्राद्ध करने का अधिकार बताया गया है। इसलिए यदि किसी व्यक्ति का जैविक पुत्र नहीं है, तो दत्तक पुत्र उसके श्राद्ध कर्म कर सकता है।
हिंदू धर्म में श्राद्ध को हर व्यक्ति के लिए जरूरी कर्म बताया गया है। ऐसी मान्यता है कि जो व्यक्ति अपने पितरों की शांति के लिए श्राद्ध नहीं करता, उसके पितृ उससे नाराज रहते हैं और उसे पितृ दोष से संबंधित समस्याओं का सामना करना पड़ता है।
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इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।
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