Ganesh Visarjan 2026: गणेश विसर्जन में कौन-सा मंत्र बोलें, कैसे करें पूजा? जानें विधि-मुहूर्त और आरती

Published : Sep 24, 2026, 11:15 AM IST
Ganesh Visarjan 2026

सार

Ganesh Visarjan Vidhi: हर साल गणेश उत्सव समाप्त होने के बाद गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन सम्मान पूर्वक किया जाता है। महाराष्ट्र आदि प्रदेशों में इस दिन भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है और वे नम आंखों से बाप्पा को विदाई देते हैं।

Ganesh Visarjan 2026 Shubh Muhurat: गणेश उत्सव के 10 दिनों तक बप्पा की पूजा-अर्चना करने के बाद अनंत चतुर्दशी के दिन गणेश प्रतिमा का विसर्जन किया जाता है। इस दिन विधि-विधान से पूजा करने के बाद भक्त भगवान गणेश की प्रतिमा को जल में प्रवाहित करते हैं। इस बार गणेश प्रतिमा विसर्जन 25 सितंबर, शुक्रवार को किया जाएगा। आगे जानिए गणेश विसर्जन की पूजा विधि, मुहूर्त और सहित पूरी डिटेल…

गणेश प्रतिमा विसर्जन 2026 शुभ मुहूर्त

- सुबह 11:54 से दोपहर 12:42 तक (अभिजीत मुहूर्त)
- दोपहर 01:49 से शाम 06:28 तक
- शाम 06:28 से 07:55 तक
- रात 10:49 से 12:17 तक

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गणेश प्रतिमा विसर्जन की पूजा विधि

- 25 सितंबर, शुक्रवार को विसर्जन से सबसे पहले भगवान गणेश की विधि-विधान से पूजा करें। बप्पा को कुमकुम से तिलक लगाएं और शुद्ध घी का दीपक जलाएं।

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- इसके बाद गणेश जी को फूलों की माला पहनाएं। पूजा में अबीर, गुलाल, चंदन, सिंदूर, जनेऊ, इत्र और नारियल सहित अन्य सामग्री अर्पित करें।
- भगवान गणेश को लाल वस्त्र और दूर्वा अर्पित करें। बाप्पा को भोग लगाएं। इसके बाद घर की सुख-शांति और समृद्धि की कामना करते हुए इन 10 नामों का जाप करें।
ऊं गणाधिपतये नमः।
ऊं उमापुत्राय नमः।
ऊं विघ्ननाशनाय नमः।
ऊं विनायकाय नमः।
ऊं ईशपुत्राय नमः।
ऊं सर्वसिद्धिप्रदाय नमः।
ऊं एकदन्ताय नमः।
ऊं इभवक्त्राय नमः।
ऊं मूषकवाहनाय नमः।
ऊं कुमारगुरवे नमः।
- इस मंत्र का जाप करने के बाद भगवान गणेश की आरती करें। बप्पा की प्रतिमा को सम्मानपूर्वक विसर्जन स्थल तक ले जाएं और विसर्जन करें। विसर्जन के समय ये मंत्र बोलें-
यान्तु देवगणाः सर्वे पूजामादाय मामकीम्।
इष्टकामसमृद्ध्यर्थं पुनरपि पुनरागमनाय च॥
अर्थ: हे देवगण, हमारी पूजा को स्वीकार करके अपने स्थान पर प्रस्थान करें। हमारी मनोकामनाएं पूरी करने के लिए आप दोबारा हमारे घर पधारें।
- इस तरह पूजा और विसर्जन श्रद्धा से करने पर भगवान गणेश का आशीर्वाद मिलता है और घर-परिवार में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।

गणेशजी की आरती लिरिक्स हिंदी में (Ganesh Aarti Lyrics In Hindi)

जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
माता जाकि पार्वती पिता महादेवा।।
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
एक दन्त दयावंत चार भुजा धारी।
माथे सिंदूर सोहे मूसे की सवारी।।
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
अन्धन को आंख देत कोढिऩ को काया।
बांझन को पुत्र देत निर्धन को माया।।
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
हार चढ़े फुल चढ़े और चढ़े मेवा।
लड्डूवन का भोग लगे संत करे सेवा।।
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
दीनन की लाज रखो, शंभू पुत्र वारी।
मनोरथ को पूरा करो, जय बलिहारी।।
जय गणेश जय गणेश जय गणेश देवा।
माता जाकि पार्वती पिता महादेवा।।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

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