
Dasha Mata Aarti Lyrics In Hindi: हिंदू धर्म में किसी भी देवी-देवता की पूजा के बाद आरती जरूर की जाती है। बिना आरती के पूजा संपूर्ण नहीं मानी जाती। हर साल चैत्र मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि पर दशा माता की पूजा करने की परंपरा है। इस व्रत से जुड़ी कईं मान्यताएं भी हैं। इस बार ये व्रत 13 मार्च, शुक्रवार को किया जाएगा। इस दिन दशा माता की पूजा के बाद आरती भी की जाती है। बिना आरती के ये पूजा अधूरी मानी जाती है। आगे जानिए कैसे करें दशा माता की आरती और लिरिक्स हिंदी में…
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दशा माता की पूजा करने के बाद शुद्ध घी के दीपक से आरती करें। सबसे पहले दशा माता के चित्र के चरणों से 4 बार आरती घुमाएं, इसके बाद 2 बार नाभि से, 1 बार चेहरे पर से और 7 बार पूरे शरीर से। इस तरह 14 बार आरती की थाली घूमानी चाहिए। शास्त्रों में आरती की यही विधि बताई गई है।
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आरती श्री दशा माता की ।
जय सत-चित्त आनंद दाता की।
भय भंजनि अरु दशा सुधारिणी ।
पाप -ताप-कलि कलुष विदारणी।
शुभ्र लोक में सदा विहारणी ।
जय पालिनी दिन जनन की ।
आरती श्री दशा माता की ।
अखिल विश्व- आनंद विधायिनी ।
मंगलमयी सुमंगल दायिनी ।
जय पावन प्रेम प्रदायिनी ।
अमिय-राग-रस रंगरली की ।
आरती श्री दशा माता की ।
नित्यानंद भयो आह्लादिनी ।
आनंद घन आनंद प्रसाधिनी।
रसमयि रसमय मन- उन्मादिनी ।
सरस कमलिनी विष्णुआली की ।
आरती श्री दशा माता की ।
दशा माता व्रत का महत्व अनेक धर्म ग्रंथों में बताया गया है। ये व्रत जो भी लोग करते हैं उनके जीवन में सभी तरह के सुख मिलते हैं। अगर किसी व्यक्ति को लगातार परेशानियों का सामना करना पड़ रहा हो और वह ये व्रत करे तो निश्चित रूप से उसे इसका शुभ फल मिलता है। वैसे तो ये व्रत महिला प्रधान है लेकिन पुरुष भी ये व्रत कर सकते हैं। इस व्रत में एक समय फलाहार कर सकते हैं।
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