Ganesh Chaturthi 2026: गणपति लाने से पहले जान लें ये जरूरी बात, इस समय चांद देखना है वर्जित

Bimla Kumari   | CMS
Published : Sep 12, 2026, 09:15 AM IST
Ganesh Chaturthi 2026

सार

Ganesh Chaturthi 2026: गणेश चतुर्थी 2026 इस बार 14 सितंबर को मनाई जाएगी। गणपति स्थापना और पूजा के लिए सुबह 11:02 से दोपहर 1:31 बजे तक शुभ मुहूर्त रहेगा। वहीं, चतुर्थी पर सुबह 9:01 से रात 8:08 बजे तक चंद्र दर्शन से बचने की मान्यता है।

Ganesh Chaturthi 2026 Date: गणेश चतुर्थी भगवान गणेश के जन्मोत्सव के रूप में मनाया जाने वाला प्रमुख पर्व है। साल 2026 में गणेश चतुर्थी 14 सितंबर, सोमवार को मनाई जाएगी। भाद्रपद शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि पर होने वाले इस पर्व के लिए लोग पहले से घर की सफाई, पूजा स्थल की सजावट और गणपति स्थापना की तैयारियां शुरू कर देते हैं।

गणेश चतुर्थी 2026 की तारीख और पूजा मुहूर्त

14 सितंबर को चतुर्थी तिथि सुबह 7:06 बजे से शुरू होगी और 15 सितंबर को सुबह 7:44 बजे तक रहेगी। गणेश पूजन के लिए मध्याह्न का समय विशेष माना जाता है। 2026 में मध्याह्न गणेश पूजा मुहूर्त सुबह 11:02 बजे से दोपहर 1:31 बजे तक रहेगा।

गणपति स्थापना के लिए क्या रखें तैयारी?

गणपति स्थापना से पहले पूजा स्थल और घर की अच्छी तरह सफाई कर लें। चौकी पर लाल या पीला कपड़ा बिछाकर फूल, रंगोली, तोरण और दीपों से सजावट की जा सकती है। पूजा के लिए दुर्वा, फूल-माला, मोदक, फल, दीपक, कपूर, रोली-कुमकुम, अक्षत, कलश, नारियल और पंचामृत जैसी सामग्री पहले से तैयार रखें।

कैसी गणेश प्रतिमा घर लाएं?

घर में गणपति स्थापित करने के लिए प्रतिमा का आकार उपलब्ध स्थान के अनुसार चुनना बेहतर रहता है। पर्यावरण को ध्यान में रखते हुए प्राकृतिक मिट्टी से बनी गणेश प्रतिमा को प्राथमिकता दी जा सकती है। विसर्जन के लिए घर पर या निर्धारित स्थान पर उचित व्यवस्था पहले से तय कर लेने से अंतिम समय की परेशानी से बचा जा सकता है।

चतुर्थी पर चंद्र दर्शन क्यों माना जाता है वर्जित?

गणेश चतुर्थी के दिन चंद्रमा को देखने से जुड़ी एक पारंपरिक मान्यता भी है। इसके अनुसार चतुर्थी तिथि पर चंद्र दर्शन करने से मिथ्या कलंक या मिथ्या दोष लगने का भय माना जाता है। 2026 में चंद्र दर्शन से बचने का समय सुबह 9:01 बजे से रात 8:08 बजे तक बताया गया है।

पूजा से पहले इन बातों का रखें ध्यान

स्थापना के दिन पूजा सामग्री और प्रतिमा को मुहूर्त से पहले तैयार रखें। स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहनें और पूजा स्थल को व्यवस्थित रखें। मध्याह्न पूजा के समय जल्दबाजी न हो, इसके लिए सजावट से लेकर प्रसाद और विसर्जन की योजना पहले ही बना लेना बेहतर रहेगा। इससे गणेश उत्सव की शुरुआत श्रद्धा और सुकून के साथ की जा सकेगी।

PREV

धार्मिक परंपराओं, मंदिरों, त्योहारों, यात्रा स्थलों और आध्यात्मिक ज्ञान से जुड़ी खबरें पढ़ें। पूजा पद्धति, पौराणिक कथाएं और व्रत-त्योहार अपडेट्स के लिए Religion News in Hindi सेक्शन देखें — आस्था और संस्कृति पर सटीक और प्रेरक जानकारी।

Read more Articles on

Recommended Stories

थाली में जूठा दही छोड़ना क्यों माना जाता है अशुभ? जानें इसके पीछे की धार्मिक मान्यता
Ganesh Chaturthi 2026: गणेश चतुर्थी पर क्यों नहीं देखते चांद? जानें चंद्र दर्शन से जुड़ी कथा और उपाय