Ghat Sthapana Muhurat 2026: सुबह 8 से रात 10 बजे तक घट स्थापना के कितने मुहूर्त? नोट करें सभी का टाइम

Published : Oct 11, 2026, 07:57 AM IST
Shardiya Navratri 2026 Ghat Sthapana Muhurat

सार

Shardiya Navratri 2026: इस बार शारदीय नवरात्रि का पर्व 11 से 20 अक्टूबर तक मनाया जाएगा। नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना की जाती है जिसे कलश स्थापना भी कहते हैं। ये काम शुभ मुहूर्त देखकर किया जाता है।

Shardiya Navratri 2026 Ghat Sthapana Muhurat: इस बार शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 11 अक्टूबर, रविवार से हो रही है। नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना के साथ मां दुर्गा की पूजा शुरू की जाती है। इस बार कलश स्थापना के लिए अभिजीत मुहूर्त और स्थिर लग्न के अलावा चौघड़िया मुहूर्त भी रहेंगे। ऐसे में जो लोग सुबह से लेकर रात तक घट स्थापना के शुभ समय की जानकारी चाहते हैं, वे सभी मुहूर्त यहां नोट कर सकते हैं। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. मितेष पाण्डे के अनुसार, 11 अक्टूबर को घट स्थापना के लिए ये शुभ समय बताए गए हैं…

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11 अक्टूबर 2026 को घट स्थापना के विशेष शुभ मुहूर्त

नवरात्रि के पहले दिन घट स्थापना के लिए तीन विशेष मुहूर्त बताए गए हैं। श्रद्धालु अपनी सुविधा और स्थानीय पंचांग के अनुसार इनमें से किसी समय कलश स्थापना कर सकते हैं।

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वृश्चिक स्थिर लग्न: सुबह 9:12 से 11:30 बजे तक
अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:50 से दोपहर 12:37 बजे तक
कुंभ स्थिर लग्न: दोपहर 3:17 से शाम 4:45 बजे तक

11 अक्टूबर 2026 को घट स्थापना के चौघड़िया मुहूर्त

11 अक्टूबर को चौघड़िया के अनुसार भी घट स्थापना के लिए 7 शुभ मुहूर्त बताए गए हैं। इनका समय इस प्रकार है-

सुबह 7:55 से 9:18 बजे तक
सुबह 9:18 से 10:46 बजे तक
सुबह 10:46 बजे से दोपहर 12:14 बजे तक
दोपहर 1:41 से 3:09 बजे तक
शाम 6:04 से 7:36 बजे तक
शाम 7:36 से रात 9:09 बजे तक
रात 9:09 से 10:41 बजे तक

नवरात्रि में घट स्थापना क्यों करते हैं?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना करके देवी शक्ति का आह्वान किया जाता है। कलश को सुख-समृद्धि, शुभता और सकारात्मकता का प्रतीक माना जाता है। इसे स्थापित करने के बाद मां दुर्गा की पूजा-अर्चना शुरू की जाती है। ऐसी मान्यता है कि कलश के अंदर जो जल होता है उसमें सभी देवताओं का वास होता है, इसलिए एक बार स्थापित करने के बाद इस कलश को हिलाया नहीं जाता।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

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