
Guru Purnima Puja Vidhi: आषाढ़ मास की पूर्णिमा तिथि बहुत ही खास मानी गई है क्योंकि इसी तिथि पर द्वापर युग में महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था। उन्हीं के सम्मान में हर साल इस तिथि पर गुरु पूर्णिमा का पर्व मनाया जाता है। इस बार ये उत्सव 29 जुलाई, बुधवार को है। इस दिन गुरु की पूजा का विशेष महत्व है। गुरु पूर्णिमा पर गुरु की पूजा कैसे करें, कौन-सा मंत्र बोलें, आगे जानिए इसकी पूरी जानकारी…
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- सुबह 07:38 से 09:16 तक
- सुबह 10:55 से दोपहर 12:33 तक
- दोपहर 03:49 से शाम 05:28 तक
- शाम 05:28 से 07:06 तक
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- गुरु पूर्णिमा की सुबह स्नान आदि करने के बाद गुरु की पूजा का संकल्प लें और शुभ मुहूर्त से पहले गुरु के पास जाकर उनका आशीर्वाद प्राप्त करें।
- ऊपर बताए गए किसी भी शुभ मुहूर्त में आप गुरु की पूजा कर सकते हैं। सबसे पहले गुरु को पैरों को साफ जल से धोएं और चंदन लगाकर, फूल चढ़ाएं।
- इसके बाद गुरु के मस्तक पर कुमकुम से तिलक लगाएं। अपनी इच्छा अनुसार कपड़े, मिठाई, धन राशि आदि भेंट करें। इसके बाद पैर छूकर आशीर्वाद लें।
- पूजा करते समय मन में गुरु के प्रति श्रद्धा जरूर होनी चाहिए। पूजा के दौरान नीचे लिखा मंत्र भी बोलें-
गुरूर्ब्रह्मा गुरूर्विष्णुः गुरूर्देवो महेश्वरः।
गुरुः साक्षात् परं ब्रह्म तस्मै श्री गुरवे नमः॥
- पूजा करने के बाद एक थाली में दीपक लेकर गुरुदेव की आरती करें। इस तरह गुरु पूर्णिमा पर गुरुदेव की पूजा-आरती करनी चाहिए।
जय गुरुदेव अमल अविनाशी, ज्ञानरूप अन्तर के वासी,
पग पग पर देते प्रकाश, जैसे किरणें दिनकर कीं।
आरती करूं गुरुवर की॥
जब से शरण तुम्हारी आए, अमृत से मीठे फल पाए,
शरण तुम्हारी क्या है छाया, कल्पवृक्ष तरुवर की।
आरती करूं गुरुवर की॥
ब्रह्मज्ञान के पूर्ण प्रकाशक, योगज्ञान के अटल प्रवर्तक।
जय गुरु चरण-सरोज मिटा दी, व्यथा हमारे उर की।
आरती करूं गुरुवर की।
अंधकार से हमें निकाला, दिखलाया है अमर उजाला,
कब से जाने छान रहे थे, खाक सुनो दर-दर की।
आरती करूं गुरुवर की॥
संशय मिटा विवेक कराया, भवसागर से पार लंघाया,
अमर प्रदीप जलाकर कर दी, निशा दूर इस तन की।
आरती करूं गुरुवर की॥
भेदों बीच अभेद बताया, आवागमन विमुक्त कराया,
धन्य हुए हम पाकर धारा, ब्रह्मज्ञान निर्झर की।
आरती करूं गुरुवर की॥
करो कृपा सद्गुरु जग-तारन, सत्पथ-दर्शक भ्रांति-निवारण,
जय हो नित्य ज्योति दिखलाने वाले लीलाधर की।
आरती करूं गुरुवर की॥
आरती करूं सद्गुरु की
प्यारे गुरुवर की आरती, आरती करूं गुरुवर की।
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।
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