Halharini Amavasya 2026 Date: हिंदू पंचांग के अनुसार कृष्ण पक्ष की अंतिम तिथि अमावस्या होती है। एक साल में कुल 12 अमावस्या होती है। इन सभी का महत्व और नाम अलग-अलग है जो इन्हें खास बनाते हैं।
Hariyali Amavasya 2026 Kab Hai: सनातन धर्म में अमावस्या तिथि का विशेष महत्व माना गया है। सालभर में आने वाली हर अमावस्या का अपना धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व होता है। अमावस्या तिथि के स्वामी पितृ हैं, इसलिए इस तिथि पर पितरों की शांति के लिए विशेष उपाय किए जाते हैं। कुछ लोगों को अक्सर हलहारिणी और हरियाली अमावस्या को लेकर कन्फ्यूजन रहता है कि ये दोनों एक ही हैं या अलग-अलग? आगे दूर कीजिए अपना कन्फ्यूजन…
हर साल आषाढ़ मास में हलहारिणी अमावस्या का पर्व मनाया जाता है। ये वर्षा काल की शुरूआत में आती है। हलहारिणी अमावस्या के दिन किसान अपने हल व खेती में काम आने वाले अन्य चीजों की पूजा करते हैं। कुछ स्थानों पर हलहारिणी अमावस्या के दिन ही बोवनी करने की परंपरा भी है। इसलिए हलहारिणी अमावस्या का विशेष महत्व धर्म ग्रंथों में बताया गया है। इस बार हलहारिणी अमावस्या 14 जुलाई, मंगलवार को है।
हिंदू पंचांग के पांचवें महीने का नाम सावन है। इस महीने की अमावस्या को हरियाली अमावस्या कहते हैं। इस समय तक काफी वर्षा हो चुकी होती है और प्रकृति हरी-भरी दिखाई देती है, जिसके चलते ही इस अमावस्या का नाम हरियाली अमावस्या रखा गया है। इस दिन पौधारोपण विशेष रूप से किया जाता है, मान्यता है कि ऐसा करने से पितरो की आत्मा को शांति मिलती है। इस बार हरियाली अमावस्या 12 अगस्त, बुधवार को है।
44
क्यों खास है अमावस्या तिथि?
1. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार अमावस्या तिथि पर सूर्य व चंद्रमा एक ही राशि में होते हैं, ऐसा संयोग महीने में सिर्फ एक ही दिन देखने को मिलता है। 2. ऐसी मान्यता है कि अमावस्या तिथि पर निगेटिव शक्तियों जैसे भूत-प्रेत आदि का प्रभाव अधिक हो जाता है। 3. अमावस्या तिथि पर बाल कटवाना, नाखून काटना, मांस-मदिरा आदि का सेवन भी नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से जीवन में परेशानी आ सकती है। 4. जिन लोगों की कुंडली में पितृ दोष है, वे यदि अमावस्या तिथि पर खास उपाय करें तो उनकी परेशानियां कम हो सकती हैं। 5. अमावस्या तिथि पर जरूरतमंदों को दान करने का भी विशेष महत्व है।
Disclaimer इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।
धार्मिक परंपराओं, मंदिरों, त्योहारों, यात्रा स्थलों और आध्यात्मिक ज्ञान से जुड़ी खबरें पढ़ें। पूजा पद्धति, पौराणिक कथाएं और व्रत-त्योहार अपडेट्स के लिए Religion News in Hindi सेक्शन देखें — आस्था और संस्कृति पर सटीक और प्रेरक जानकारी।