हरतालिका तीज की पूजा सुबह हो गई, लेकिन शाम को फिर पूजा करनी है क्या? जानें क्या है मान्यता

Published : Sep 14, 2026, 03:39 PM IST
Hartalika Teej

सार

Hartalika Teej Evening Puja Rules: हरतालिका तीज की सुबह पूजा के बाद क्या शाम को फिर पूजा करनी चाहिए? जानिए प्रदोष काल की पूजा का नियम, आरती का महत्व और आसान विधि।

Hartalika Teej Puja Rules: हरतालिका तीज पर सुबह शिव-पार्वती की पूजा करने के बाद अब कई महिलाओं के मन में एक सवाल है, क्या शाम को भी दोबारा पूजा करनी होगी? खासकर इस बार तीज की तिथि सुबह ही खत्म हो गई, इसलिए सुबह पूजा करने के बाद शाम की पूजा को लेकर कंफ्यूजन और बढ़ गया है। अगर आपने सुबह पूजा कर ली है और इसी उलझन में हैं, तो आइए जानते हैं कि शाम को दोबारा पूजा को लेकर क्या मान्यता है और आपको क्या करना चाहिए...

तीज पर सुबह की पूजा कर ली है तो क्या शाम को फिर पूजा जरूरी है?

हरतालिका तीज की पूजा को लेकर अलग-अलग जगहों पर परिवार और स्थानीय परंपराएं देखने को मिलती हैं। इस बार हरतालिका तीज आज 14 सितंबर को मनाई जा रही है और तृतीया तिथि सुबह करीब 7:06 बजे तक रही। कई पंचांगों में इसी वजह से सुबह के समय पूजा को मुख्य पूजा माना गया है। लेकिन हरतालिका तीज कोई साधारण व्रत नहीं है, इसे 'अहोरात्र' व्रत यानी पूरे दिन और पूरी रात चलने वाला व्रत कहा जाता है। इसलिए शाम की पूजा भी जरूरी मानी जाती है।

शाम को दोबारा पूजा क्यों करनी चाहिए?

प्रदोष काल का महत्व

भगवान शिव की पूजा का सबसे शक्तिशाली समय शाम का 'प्रदोष काल' यानी सूर्यास्त के आसपास का समय माना जाता है। सुबह की पूजा संकल्प और स्थापना की होती है, लेकिन शाम की पूजा भोलेनाथ को रिझाने का मुख्य वक्त माना जाता है।

चार प्रहर की पूजा का नियम

शास्त्रों में तीज की रात चार पहर पूजा का विधान है। अगर आप पूरी रात जागकर चार बार पूजा नहीं भी कर पाती हैं, तो शाम की संध्या आरती और भोग लगाना जरूरी माना जाता है ताकि व्रत अधूरा न रहे।

अखंड ज्योति का ध्यान

सुबह जलाई गई अखंड ज्योत या चौकी की देखरेख शाम को दोबारा पूजा-अर्चना के जरिए ही पूरी होती है। मान्यता है कि इससे मां पार्वती और भगवान शिव प्रसन्न होते हैं और मनचाहा फल देते हैं।

अगर सुबह पूजा हो चुकी है, तो शाम को क्या करें?

  • सुबह पूजा करने के बाद शाम की पूजा आसान तरीके से कर सकती हैं।
  • शाम को स्नान करना जरूरी नहीं, बस हाथ-पैर और चेहरा धोकर साफ कपड़े पहन लें या साड़ी ठीक कर लें।
  • चौकी के सामने घी का ताजा दीया और अगरबत्ती जलाएं।
  • भगवान शिव और माता पार्वती को ताजे फल, मिठाई या जो भी आपने घर पर बनाया हो, उसका भोग लगाएं।
  • अगर सुबह हरतालिका तीज की कथा नहीं सुनी थी, तो शाम को जरूर सुनें या पढ़ें। इसके बाद पूरे परिवार के साथ मिलकर शिव जी और माता पार्वती की आरती करें।
  • आरती के बाद हाथ जोड़कर दिनभर में हुई किसी भी भूल-चूक के लिए क्षमा मांगें और अखंड सौभाग्य की कामना करें।

तीज पर रातभर जागना मुश्किल हो तो क्या करें?

हर महिला की सेहत एक जैसी नहीं होती है। अगर आपकी तबीयत ठीक नहीं रहती या आप पूरी रात जागरण (चारों प्रहर की पूजा) नहीं कर सकती हैं, तो बिल्कुल परेशान न हों। शाम की आरती के बाद भगवान के सामने हाथ जोड़कर अपनी असमर्थता बता दें। भक्ति में भाव सबसे बड़ा होता है, नियम का बोझ नहीं। बस मन में 'ॐ नमः शिवाय' का जाप करती रहें। अगली सुबह स्नान के बाद विधिवत विसर्जन करके ही पारण करें।

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में दी गई जानकारी धार्मिक मान्यताओं, लोक परंपराओं और सामान्य जानकारियों पर आधारित है। हमारा उद्देश्य सिर्फ सूचना पहुंचाना है। किसी भी व्रत, पूजा विधि या नियम का पालन करने से पहले अपने पारिवारिक रीति-रिवाजों और किसी योग्य पुरोहित या धर्म विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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