
Holika Dahan Time: हर साल फाल्गुन मास की पूर्णिमा पर होलिका दहन किया जाता है और इसके अगले दिन धुरेड़ी (होली) पर्व मनाया जाता है। लेकिन इस बार होलिका दहन की डेट को लेकर कन्फ्यूजन की स्थिति बन रही है। इसके पीछे एक नहीं कईं कारण हैं जैसे फाल्गुन पूर्णिमा 2 दिन रहेगी, जिसमें चंद्र ग्रहण का संयोग भी बनेगा। साथ ही भद्रा का प्रभाव भी होलिका दहन पर होगा। ऐसी स्थिति में होलिका दहन कब करें, ये बात हर व्यक्ति जानना चाहता है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. नलिन शर्मा से जानिए क्या है होलिका दहन की सही डेट और शुभ मुहूर्त…
ये भी पढ़ें-
Chandra Grahan 2026: 2 या 3 मार्च, कब है साल 2026 का पहला चंद्र ग्रहण?
ज्योतिषाचार्य पं. शर्मा के अनुसार, होलिका दहन फाल्गुन मास की पूर्णिमा तिथि पर किया जाता है। 2 मार्च, सोमवार की शाम को 5 बजकर 55 मिनिट से फाल्गुन मास की पूर्णिमा शुरू होगी जो अगले दिन यानी 3 मार्च, मंगलवार की शाम 5 बजकर 08 तक ही रहेगी। यानी पूर्णिमा तिथि का संयोग 2 दिन बन रहा है। ऐसे में सवाल ये उठता है कि होलिका दहन किस दिन करना चाहिए।
ये भी पढ़ें-
Holashtak Kab Se Hai: होलाष्टक अशुभ क्यों, इसमें कौन से काम न करें?
ज्योतिषाचार्य पं. शर्मा के अनुसार, होलिका दहन के लिए रात्रिकालीन फाल्गुन पूर्णिमा तिथि और भद्रारहित समय का होना जरुरी है। विशेष परिस्थिति में भद्रा के पूच्छ काल में होलिका दहन किया जा सकता है क्योंकि ये कम दोषपूर्ण स्थिति है। चूंकि 2 मार्च, सोम सोमवार को रात्रि में फाल्गुन पूर्णिमा तिथि का संयोग बन रहा है और भद्रा का पूच्छ काल भी रहेगा तो इसी समय होलिका दहन करना श्रेष्ठ रहेगा।
पं. शर्मा के अनुसार, 2 मार्च, सोमवार की रात 12 बजकर 50 मिनट से 2 बजकर 32 मिनट के बीच भद्रा का पूच्छ काल रहेगा, इसलिए इस समय होलिका दहन करना शुभ रहेगा। इस समय किया गया होलिका दहन सभी तरह के शुभ फल देने वाला रहेगा। होलिका दहन की डेट और शुभ मुहूर्त जानने के लिए आपको स्थानीय विद्वानों की सलाह भी लेनी चाहिए।
Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।
धार्मिक परंपराओं, मंदिरों, त्योहारों, यात्रा स्थलों और आध्यात्मिक ज्ञान से जुड़ी खबरें पढ़ें। पूजा पद्धति, पौराणिक कथाएं और व्रत-त्योहार अपडेट्स के लिए Religion News in Hindi सेक्शन देखें — आस्था और संस्कृति पर सटीक और प्रेरक जानकारी।