
Janaki Jayanti 2026 Kab Hai: त्रेतायुग में देवी लक्ष्मी ने सीता के रूप में अवतार लिया था। इस अवतार में वे भगवान श्रीराम की पत्नी बनी थीं। देवी सीता से जुड़ी अनेक रोचक बातें वाल्मीकि रामायण सहित अनेक धर्म ग्रंथों में लिखी है। देवी सीता का जन्म फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को माना जाता है, इसलिए हर साल इस तिथि पर जानकी जयंती का पर्व मनाते हैं, इसे सीता अष्टमी भी कहा जाता है। इस दिन अगर कुछ उपाय किए जाएं तो बेड लक दूर हो सकता है। ये उपाय इस प्रकार हैं-
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1. सीता अष्टमी के दिन भगवान श्रीराम के साथ देवी सीता की विधि-विधान से पूजा करें। इससे आपकी हर कामना पूरी हो सकती है।
2. देवी सीता के मंत्रों का जाप करने से भी आपको किस्मत का पूरा-पूरा साथ मिलेगा।
3. अगर आपके आस-पास देवी सीता का कोई मंदिर है तो वहां जाकर सुहाग की सामग्री अर्पित करें बाद में इसे किसी ब्राह्मण स्त्री को दान कर दें।
4. अगर पति-पत्नी में रोज विवाद होते हैं तो जानकी जयंती के दिन दोनों साथ मिलकर देवी सीता का गाय के दूध से अभिषेक करें।
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5. इस दिन जरूरतमंदों को दान करने का विशेष महत्व है। इस उपाय से भी आपको शुभ फल मिल सकते हैं।
6. जानकी जयंती पर अपने आस-पास स्थित किसी मंदिर में केसरिया ध्वज लगवाएं। इससे आपको किस्मत का साथ मिलेगा।
7. देवी सीता की आरती 11 दीपकों से करें। इसके लिए गाय के शुद्ध घी का उपयोग करें।
8. अगर कोई विवाह योग्य कन्या मनपसंद जीवनसाथी चाहती है तो देवी सीता को केसरिया खीर का भोग लगाएं। साथ ही अपनी मन की बात भी कहें।
9. सीता अष्टमी के दिन छोटी कन्याओं को अपने घर भोजन पर बुलाएं और उन्हें उपहार आदि देकर विदा करें। इससे भी आपके घर में सुख-समृद्धि बनी रहेगी।
10. देवी सीता को प्रसन्न करने के लिए सीता स्तुति की रचना की गई है। शुभ फल पाने के लिए इसका पाठ भी जानकी जयंती पर करना चाहिए।
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