
shivratri puja muhurat: फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी का महत्व अनेक धर्म ग्रंथों में बताया गया है क्योंकि इसी तिथि पर भगवान शिव पहली बार ज्योतिर्लिंग स्वरूप में प्रकट हुए थे। इसलिए हर साल इस तिथि पर महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाता है। इस बार ये पर्व 15 फरवरी, रविवार को मनाया जाएगा। इस दिन शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ती है। महाशिवरात्रि पर दिन के अलावा रात के चारों प्रहर में भी शिवजी की पूजा का विधान है। आगे जानिए महाशिवरात्रि 2026 के शुभ मुहूर्त की डिटेल…
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महाशिवरात्रि पर वैसे तो रात में शिवजी की पूजा का विधान है लेकिन दिन में भी महादेव की पूजा कर सकते हैं। 15 फरवरी को दिन भर पूजा के 5 शुभ मुहूर्त बन रहे हैं। इनमें से किसी भी मुहूर्त में आप शिवजी की पूजा कर सकते हैं-
सुबह 08:27 से 09:52 तक
सुबह 09:52 से 11:16 तक
दोपहर 12:18 से 01:03 तक
दोपहर 02:05 से 03:29 तक
शाम 06:18 से रात 07:54 तक
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महाशिवरात्रि पर रात के समय जो भक्त शिवजी की पूजा करता है, उसकी हर इच्छा पूरी होती है, ऐसा धर्म ग्रंथों में लिखा है। आमतौर पर साधु-संत ही महाशिवरात्रि पर रात्रि पूजन करते हैं। महाशिवरात्रि पर रात्रि पूजन के शुभ मुहूर्त इस प्रकार हैं-
प्रथम प्रहर पूजा मुहूर्त- शाम 06:11 से रात 09:23 तक
द्वितीय प्रहर पूजा मुहूर्त- रात 09:23 से 12:35 तक
तृतीय प्रहर पूजा मुहूर्त- रात 12:35 से 03:47 तक
चतुर्थ प्रहर पूजा मुहूर्त- तड़के 03:47 से सुबह 06:59 तक
महाशिवरात्रि की रात जो व्यक्ति चारों पहर की पूजा करने में असमर्थ है तो वह निशिता काल मुहूर्त में सिर्फ एक बार पूजा करके ही पूरी रात पूजा का शुभ फल प्राप्त कर सकते हैं। महाशिवरात्रि 2026 पर निशिता काल पूजा का शुभ मुहूर्त सिर्फ 51 मिनिट का रहेगा। इसकी डिटेल इस प्रकार है-
मध्य रात्रि 12:09 से 01:01 तक
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