Mahadev Mantra In Hindi: भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए अनेक मंत्र बनाए गए हैं। इन मंत्रों का जाप यदि महाशिवरात्रि पर किया जाए तो हर मनोकामना पूरी हो सकती है। इन मंत्रों का जाप करना बहुत ही आसान है।

Shiv Ji Ka Mantra: इस बार महाशिवरात्रि का पर्व 15 फरवरी, रविवार को मनाया जाएगा। भगवान शिव की पूजा व उपाय आदि के लिए ये दिन बहुत ही शुभ माना गया है। इस दिन अगर महादेव के कुछ खास मंत्रों का जाप किया जाए तो बहुत सारी परेशानियों से बचा जा सकता है। इन मंत्रों का जाप रुद्राक्ष की माला से करना चाहिए। साथ ही विद्वानों से इस संबंध में सलाह ले सकते हैं। आगे जानिए भगवान शिव के 10 सबसे शक्तिशाली मंत्र, जिनका जाप आप महाशिवरात्रि पर कर सकते हैं…

1. मृत्युञ्जय महादेव मन्त्र

ऊं मृत्युञ्जय महादेव त्राहि मां शरणागतम्।
जन्म-मृत्यु-जरा-व्याधिपीडितं कर्मबन्धनैः॥

अर्थ- हे मृत्यु को जीतने वाले महादेव! मैं आपकी शरण में आया हूँ, मेरी रक्षा करें। मुझे जन्म, मृत्यु, वृद्धावस्था तथा रोग जैसे दुख देने वाले कर्मों के बन्धन से मुक्त करें।

2. शिव गायत्री मंत्र

ऊं तत्पुरुषाय विद्महे महादेवाय धीमहि तन्नो रुद्रः प्रचोदयात्॥
अर्थ - हम उस परम पुरुष, महादेव का ध्यान करते हैं, जो रुद्र रूप में हैं। वह रुद्र हमें प्रेरित करें।

3. महामृत्युंजय मंत्र

ऊं त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिं पुष्टिवर्धनम्।
उर्वारुकमिव बन्धनान् मृत्योर्मुक्षीय मामृतात्॥
अर्थ- हम भगवान शिव की पूजा करते हैं, जो त्रिनेत्रधारी हैं। ये ही हर श्वास में जीवन शक्ति का संचार करते हैं और पूरे जगत का पालन-पोषण करते हैं। ये हमें मृत्यु के बंधन से मुक्त कर अमरता प्रदान करें।

4. नीलकण्ठ महादेव मन्त्र

ऊं नमो नीलकण्ठाय।
अर्थ- हे देवों के देव महादेव! जिनका कण्ठ विष के प्रभाव से नील वर्ण हो चुका है, हे भगवान शिव! हम आपके चरण कमलों में बारम्बार नमन करते हैं।

5. द्वादश ज्योतिर्लिंग स्तोत्र

सौराष्ट्रे सोमनाथं च श्रीशैले मल्लिकार्जुनम्।
उज्जयिन्यां महाकालं ओंकारं ममलेश्वरम्॥
परल्यां वैद्यनाथं च डाकिन्यां भीमशङ्करम्।
सेतुबन्धे तु रामेशं नागेशं दारुकावने॥
वाराणस्यां तु विश्वेशं त्र्यम्बकं गौतमीतटे।
हिमालये तु केदारं घुश्मेशं च शिवालये॥
एतानि ज्योतिर्लिङ्गानि सायं प्रातः पठेन्नरः।
सप्तजन्मकृतं पापं स्मरणेन विनश्यति॥
अर्थ: सौराष्ट्र में सोमनाथ, श्रीशैल पर मल्लिकार्जुन, उज्जैन में महाकाल, ओंकारेश्वर में ममलेश्वर, परली में वैद्यनाथ, डाकिनी में भीमशंकर, सेतुबंध में रामेश्वर, दारुकावन में नागेश्वर, वाराणसी में विश्वेश्वर, गौतमी के तट पर त्र्यम्बकेश्वर, हिमालय में केदार और शिवालय में घुश्मेश्वर। जो व्यक्ति इन ज्योतिर्लिंगों का सुबह-शाम पाठ करता है, उसके सात जन्मों के पाप नष्ट हो जाते हैं।

6. प्रार्थना मंत्र

ऊं साङ्गाय सायुधाय साम्बसदाशिवाय नमः प्रार्थनां समर्पयामि।
अर्थ- हे साम्बसदाशिव, मैं आपको नमस्कार करता हूं। मेरी प्रार्थना स्वीकार कीजिए।

7. बिल्व पत्र चढ़ाने का मंत्र

दर्शनं बिल्वपत्रस्य स्पर्शनं पापनाशनम् |
अघोरपापसंहारं बिल्वपत्रं शिवार्पणम् ||
अर्थ- बिल्वपक्ष के दर्शन और स्पर्श करने से सभी पापों का नाश हो जाता है। अपने पापों को नष्ट करने के लिए ये बिल्व पत्र में भगवान शिव को अर्पण करता हूं।

8. प्रदक्षिणा मंत्र

ऊं साङ्गाय सायुधाय साम्बसदाशिवाय नमः प्रदक्षिणां समर्पयामि।
अर्थ- हे शिव, हे महादेव, मैं आपकी प्रदक्षिणा करता हूं, मेरी पूजा स्वीकार कीजिए।

9. अघोर मंत्र

सर्वेभ्यः सर्व सर्वेभ्यो नमस्तेऽस्तु रुद्र रूपेभ्यः।।
अर्थ - ऊं अघोर (जो अघोर नहीं हैं) को, और जो घोर हैं, उनसे भी घोरतर को, सभी को, सब कुछ, सबके लिए, रुद्र (भगवान शिव) के सभी रूपों को नमस्कार।

10. पारणा मंत्र

तिथीनामेव सर्वासामुपवासव्रतादिषु।
तिथ्यन्ते पारणं कुर्याद् विना शिवचतुर्दशीम्
अर्थ- हे शिव, मैंने आपका महाशिवरात्रि नामक महान व्रत किया है, पश्चात इसका पारणा करता हूं। मुझे अपनी शरण में लेकर उद्धार किजीए।

11. ध्यान मंत्र

करचरणकृतं वाक् कायजं कर्मजं वा श्रवणनयनजं वा मानसंवापराधं ।
विहितं विहितं वा सर्व मेतत् क्षमस्व जय जय करुणाब्धे श्री महादेव शम्भो ॥
अर्थ- अर्थ- सभी तनाव, अस्वीकृति, विफलता, अवसाद और अन्य नकारात्मक शक्तियों का सामना करने वाले शरीर, मन और आत्मा को शुद्ध करने के लिए सर्वोच्च एक को समर्पित करें।

12. लघु रुद्र मंत्र

ऊं नमो भवाय शर्वाय रुद्राय वरदाय च।
पशुनां पतये नित्यं उग्राय च कपर्दिने॥
अर्थ- सबकी उत्पत्ति करने वाले, सर्व संहारकारी, दुख दूर करने वाले, सभी जीवों के पालक, सदा उग्र रहने वाले, जटाजूटधारी भगवान शिव को मेरा नमस्कार है।

13. शिव मंत्र

मृत्युञ्जयाय रुद्राय नीलकन्ताय शंभवे
अमृतेषाय सर्वाय महादेवाय ते नमः
अर्थ- हे भगवान आपने मृत्यु पर विजय प्राप्त की है, आप ही ब्रह्मांड का निर्माण और विनाश करते हैं। आप नीलकंठ हैं क्योंकि आपने विष पीया है। हे महादेव हम आपको नमस्कार करते हैं।

14. बुद्धि के लिए शिव मंत्र

ऊं नमो भगवते दक्षिणामूर्तये मह्यं मेधा प्रयच्छ स्वाहा
अर्थ- हे भगवान दक्षिणामूर्ति, मैं आपको नमन करता हूँ, मुझे बुद्धि और विवेक प्रदान करें।

15. पंचाक्षर मंत्र

ऊं नमः शिवाय:
अर्थ- मैं भगवान शिव को नमन करता हूं।