Janmashtami 2026 Muhurat: जन्माष्टमी की रात 45 मिनट के मुहूर्त में कैसे करें पूजा? जानें आसान विधि, मंत्र और भोग

Published : Sep 04, 2026, 05:10 PM IST
Janmashtami 2026 Muhurat

सार

Janmashtami 2026: 4 सितंबर, शुक्रवार को भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव पूरे देश में मनाया जा रहा है। जन्माष्टमी पर भगवान श्रीकृष्ण की पूजा रात में करने का विशेष महत्व है।

Janmashtami Mantra Puja Time: जन्माष्टमी हिंदुओं के प्रमुख त्योहारों में से एक है। हर साल ये त्योहार पूरे देश में बहुत ही धूम-धाम, उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। मान्यता है कि भगवान श्रीकृष्ण का जन्म अर्ध रात्रि में हुआ था। इसलिए रात के समय ही भगवान श्रीकृष्ण की विशेष पूजा की जाती है। आगे जानें इस बार पूजा का शुभ मुहूर्त कब से कब है और पूजा की विधि व मंत्रों की डिटेल…

जन्माष्टमी 2026 पूजा मुहूर्त

जन्माष्टमी पर रात में भगवान श्रीकृष्ण की पूजा का विशेष महत्व धर्म ग्रंथों में बताया गया है। बहुत से स्थानों पर विधिवत रूप से श्रीकृष्ण जन्म की रस्में भी निभाई जाती हैं। इस बार रात्रि में पूजा का शुभ मुहूर्त रात 11 बजकर 57 मिनिट से 12 बजकर 43 मिनिट तक रहेगा यानी भक्तों को पूजा के लिए 45 मिनिट का समय मिलेगा।

ये भी पढ़ें-
Janmashtami 2026 Parna Date-Time: कब और कैसे करें जन्माष्टमी व्रत का पारण? जानें पूरी विधि

इस विधि से करें जन्माष्टमी पूजा

- मुहूर्त शुरू होने से पहले सुंदर पालना सजाएं और उसमें लड्डू गोपाल की प्रतिमा स्थापित करें। शुभ मुहूर्त होने पर पूजा शुरू करें।
- सबसे पहले लड्डू गोपाल को तिलक लगाकर फूल, इत्र, अबीर-गुलाल, नारियल और फल अर्पित करें। घी का दीपक जलाएं।
- पूजा करते समय ऊं नमो भगवते वासुदेवाय मंत्र का जाप करें। इसके बाद कान्हा को भोग लगाएं और भोग में तुलसी की पत्ती जरूर रखें।

ये भी पढ़ें-
Janmashtami 2026: जन्माष्टमी की रात करें राशि अनुसार लक्ष्मी मंत्र का जाप, जीवन भर नहीं होगी पैसों की तंगी!

- परिवार के साथ भगवान श्रीकृष्ण की आरती करें और कान्हा को झूला झुलाएं। संभव हो तो कुछ देर भजन-कीर्तन भी करें।
- इस तरह आसान विधि से पूजा करके भी आप जन्माष्टमी व्रत का पूजा फल पा सकते हैं। व्रत के अगले दिन पारण जरूर करें

ये 5 चीजें भी जरूर चढ़ाएं

1. भगवान श्रीकृष्ण की पूजा में मोर पंख चढ़ाने से जीवन में सुख-शांति बनी रहती है।
2. कान्हा को बांसुरी भी अतिप्रिय है। जन्माष्टमी की रात कान्हा को बांसुरी अर्पित करना बहुत शुभ माना गया है।
3. वैसे तो आप श्रीकृष्ण को कोई भी भोग लगा सकते हैं लेकिन जन्माष्टमी पर माखन-मिश्री, पंजीरी और पंचामृत का भोग जरूर लगाएं।
4. अगर आप धन लाभ चाहते हैं तो भगवान श्रीकृष्ण की पूजा में दक्षिणावर्ती शंख भी चढ़ाएं।
5. भगवान श्रीकृष्ण का एक नाम पीतंबर धारी भी है, इसलिए पीले वस्त्र कान्हा को अर्पित करें।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

PREV

धार्मिक परंपराओं, मंदिरों, त्योहारों, यात्रा स्थलों और आध्यात्मिक ज्ञान से जुड़ी खबरें पढ़ें। पूजा पद्धति, पौराणिक कथाएं और व्रत-त्योहार अपडेट्स के लिए Religion News in Hindi सेक्शन देखें — आस्था और संस्कृति पर सटीक और प्रेरक जानकारी।

Read more Articles on

Recommended Stories

Janmashtami 2026 Parna Date-Time: कब और कैसे करें जन्माष्टमी व्रत का पारण? जानें पूरी विधि
Janmashtami 2026: जन्माष्टमी की रात करें राशि अनुसार लक्ष्मी मंत्र का जाप, जीवन भर नहीं होगी पैसों की तंगी!