Janmashtami Upay: जन्माष्टमी की रात को मोहरात्रि कहते हैं। धर्म ग्रंथों में इसका विशेष महत्व बताया गया है। इस रात्रि को अगर कुछ खास उपाय किए जाएं तो व्यक्ति की हर मनोकामना पूरी हो सकती है।

Janmashtami Ke Rashi Anusar Upay: इस साल जन्माष्टमी का पर्व 4 सितंबर, शुक्रवार को मनाया जाएगा। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म का यह पर्व रात में विशेष रूप से मनाया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, जन्माष्टमी की रात किए गए कुछ खास उपायों से जीवन में सुख-समृद्धि और धन लाभ के योग बन सकते हैं। मान्यता है कि इस रात राशि के अनुसार देवी लक्ष्मी के मंत्रों का जाप करने से आर्थिक परेशानियां दूर हो सकती हैं और धन-समृद्धि के रास्ते खुल सकते हैं। आगे जानिए किस राशि के जातकों को कौन-सा मंत्र जाप करना चाहिए।

जन्माष्टमी की रात कैसे करें लक्ष्मी मंत्रों का जाप?

- जन्माष्टमी की रात 12 बजे के बाद स्नान करके साफ कपड़े पहनें। इसके बाद स्वच्छ स्थान पर साफ आसन बिछाकर बैठें।
- अपने सामने देवी लक्ष्मी का चित्र स्थापित करें। शुद्ध घी का दीपक जलाएं और माता लक्ष्मी को फूल, वस्त्र, अबीर-गुलाल आदि अर्पित करें।
- मंत्र जाप के लिए कमल गट्टे की माला का इस्तेमाल करें। शुभ फल की कामना से कम से कम 11 माला मंत्र का जाप करें।
- मंत्र जाप के दौरान मन को शांत रखें और पूरी श्रद्धा के साथ देवी लक्ष्मी का ध्यान करें। ऐसा करने से आपको कभी धन की कमी नहीं होगी।

ये हैं राशि अनुसार लक्ष्मी मंत्रमेष राशि के लिए लक्ष्मी मंत्र

इस राशि के स्वामी मंगल माने जाते हैं। इस राशि के जातक जन्माष्टमी की रात 'ऊं ऐं क्लीं सौं:' मंत्र का जाप कर सकते हैं।

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वृषभ राशि के लिए लक्ष्मी मंत्र

इस राशि के स्वामी शुक्र हैं। इस राशि के लोगों के लिए 'ऊं ऐं क्लीं श्रीं' मंत्र का जाप शुभ माना जाता है।

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मिथुन राशि के लिए लक्ष्मी मंत्र

इस राशि के स्वामी बुध ग्रह हैं। इस राशि के जातक 'ऊं क्लीं ऐं सौं:' मंत्र का जाप कर सकते हैं।

कर्क राशि के लिए लक्ष्मी मंत्र

इस राशि के स्वामी चंद्रमा हैं। कर्क राशि वालों के लिए 'ऊं ऐं क्लीं श्रीं' मंत्र का जाप शुभ रहेगा।

सिंह राशि के लिए लक्ष्मी मंत्र

इस राशि के स्वामी सूर्यदेव हैं। इस राशि के लोग ऊं ह्रीं श्रीं सौं:' मंत्र का जाप कर सकते हैं। मान्यता है कि इससे धन लाभ के योग बनते हैं।

कन्या राशि के लिए लक्ष्मी मंत्र

इस राशि के स्वामी बुध ग्रह हैं। इस राशि के लोगों को 'ऊं श्रीं ऐं सौं:' मंत्र का जाप करना चाहिए।

तुला राशि के लिए लक्ष्मी मंत्र

इस राशि के स्वामी शुक्र हैं। इस राशि के जातक 'ऊं ह्रीं क्लीं श्रीं' मंत्र का जाप कर सकते हैं।

वृश्चिक राशि के लिए लक्ष्मी मंत्र

इस राशि के स्वामी मंगल माने जाते हैं। इस राशि के लोगों के लिए 'ऊं ऐं क्लीं सौं:' मंत्र का जाप शुभ माना जाता है।

धनु राशि के लिए लक्ष्मी मंत्र

इस राशि के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं। इस राशि के लोग ‘ऊं ह्रीं क्लीं सौं:' मंत्र का जाप कर सकते हैं।

मकर राशि के लिए लक्ष्मी मंत्र

इस राशि के स्वामी शनिदेव हैं। इस राशि के लोगों के लिए 'ऊं ऐं क्लीं ह्रीं श्रीं सौं:' मंत्र का जाप बताया गया है।

कुंभ राशि के लिए लक्ष्मी मंत्र

इस राशि के स्वामी भी शनिदेव हैं। इस राशि के लोग धन लाभ की कामना से 'ऊं ह्रीं ऐं क्लीं श्रीं' मंत्र का जाप कर सकते हैं।

मीन राशि के लिए लक्ष्मी मंत्र

इस राशि के स्वामी देवगुरु बृहस्पति हैं। इस राशि के लोगों के लिए 'ऊं ह्रीं क्लीं सौं:' मंत्र का जाप शुभ माना जाता है।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।