
Janmashtami 2026: जन्माष्टमी के व्रत को लेकर लोगों के मन में कई तरह के सवाल रहते हैं। सबसे आम सवाल यह है कि क्या व्रत के दौरान चाय-कॉफी या दूध पी सकते हैं? इसके अलावा तंबाकू, बीड़ी-सिगरेट और पान जैसी चीजों को लेकर भी लोगों में असमंजस रहता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार जन्माष्टमी का व्रत रखते समय कुछ नियमों का पालन करना जरूरी माना गया है। उज्जैन के ज्योतिषाचार्य पं. नलिन शर्मा से जानिए व्रत के दौरान खान-पान के साथ कुछ अन्य चीजों का भी ध्यान रखना चाहिए…
व्रत में चाय और कॉफी पीने को लेकर लोगों में अक्सर भ्रम रहता है। कई लोग दिनभर भूखे रहने के दौरान थकान या सिरदर्द से राहत पाने के लिए चाय-कॉफी पी लेते हैं। हालांकि, धार्मिक व्रत के नियमों का पालन करने वाले लोगों को इससे बचना चाहिए। चाय और कॉफी में कैफीन पाया जाता है और इनका सेवन शरीर को उत्तेजित करता है। इसलिए व्रत में चाय-कॉफी पीना धार्मिक दृष्टि से ठीक नहीं है।
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नियमों के अनुसार व्रत में दूध का सेवन किया जा सकता है। व्रत के दौरान दूध, दही और कुछ अन्य दुग्ध पदार्थों का सेवन कई परंपराओं में किया जाता है। धार्मिक मान्यताओं में गाय के दूध को सात्विक माना गया है, इसलिए व्रत में गाय का दूध लेना शुभ माना जाता है। भैंस या बकरी का दूध पीना व्रत के दौरान वर्जित है। इस बात का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
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अगर आपने व्रत रखा है तो तंबाकू, बीड़ी, सिगरेट या किसी भी तरह के नशीले पदार्थ का सेवन नहीं करना चाहिए। तंबाकू और धूम्रपान स्वास्थ्य के लिए भी नुकसानदायक हैं और इन्हें धार्मिक व्रत के दौरान भी उचित नहीं माना जाता। व्रत के दौरान शरीर और मन को संयमित रखने पर जोर दिया जाता है। इसलिए जन्माष्टमी के दिन नशीली चीजों से पूरी तरह दूरी बनाना बेहतर है।
कुछ लोग पान को सामान्य खाद्य पदार्थ समझकर व्रत के दौरान इसका सेवन कर लेते हैं। हालांकि, व्रत रखने वाले व्यक्ति को पान से भी बचने की सलाह दी जाती है, खासकर तब जब उसमें तंबाकू, सुपारी या अन्य ऐसी चीजें मिली हों जो व्रत के नियमों के अनुकूल न हों। जन्माष्टमी का व्रत केवल भोजन छोड़ने तक सीमित नहीं माना जाता, बल्कि इसमें मन, वाणी और व्यवहार पर संयम रखने की भी परंपरा है। इसलिए इस दिन सात्विक जीवनशैली अपनाना बेहतर माना जाता है।
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