Jyeshtha Purnima 2026: ज्येष्ठ पूर्णिमा 29 जून को, जानें पूजा विधि, मुहूर्त, मंत्र और उपाय

Published : Jun 28, 2026, 12:19 PM IST
Jyeshtha Purnima 2026 Date

सार

Jyeshtha Purnima 2026 Date: 29 जून, सोमवार को ज्येष्ठ मास की पूर्णिमा तिथि रहेगी। धर्म ग्रंथों में इस तिथि का विशेष महत्व बताया गया है। इस दिन पूजा और उपाय करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। 

Jyeshtha Purnima 2026 Shubh Muhurat: हिंदू पंचांग के अनुसार, 29 जून 2026, सोमवार को ज्येष्ठ मास के शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा तिथि है। इस दिन स्नान, दान, भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की पूजा के साथ-साथ चंद्रदेव की पूजा का विशेष महत्व है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा करने और दान-पुण्य करने से सुख-समृद्धि, मानसिक शांति और पुण्य की प्राप्ति होती है।

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ज्येष्ठ पूर्णिमा 2026 शुभ मुहूर्त

सुबह 07:28 से 09:09 तक
सुबह 09:09 से 10:49 तक
दोपहर 12:03 से 12:56 तक (अभिजीत मुहूर्त)
दोपहर 02:10 से 03:51 तक

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ज्येष्ठ पूर्णिमा पूजा विधि-मंत्र

- ज्येष्ठ पूर्णिमा की सुबह जल्दी उठकर किसी पवित्र नदी, सरोवर या घर पर गंगाजल मिले जल से स्नान करें।
- इसके बाद साफ वस्त्र पहनकर पूजा स्थल पर गंगा जल या गौमूत्र छिड़ककर उसे शुद्ध करें।
- शुभ मुहूर्त में पूजा शुरू करें। भगवान विष्णु और माता लक्ष्मी की प्रतिमा या चित्र स्थापित करें।
- भगवान के चित्र पर तिलक लगाएं, फूलों की माला पहनाएं। शुद्ध घी का दीपक भी लगाएं।
- रोली, चंदन, अबीर, गुलाल, चावल, फूल, तुलसी दल, धूप, दीप, नारियल आदि भगवान को अर्पित करें।
- इसके बाद भगवान को भोग लगाएं। पूर्णिमा व्रत कथा का पाठ करें और भगवान की आरती करें।
- रात में चंद्रमा को दूध मिले जल का अर्घ्य देना भी शुभ माना जाता है। इससे परिवार में सुख-समृद्धि बनी रहेगी।

ज्येष्ठ पूर्णिमा मंत्र

पूजा के दौरान श्रद्धापूर्वक इस मंत्र का जाप किया जा सकता है—

ऊं नमो भगवते वासुदेवाय नमः

ज्येष्ठ पूर्णिमा के उपाय

1. जरूरतमंद लोगों को अन्न, वस्त्र, जल और मौसमी फलों का दान करें।
2. पीपल या वट वृक्ष के नीचे दीपक जलाकर परिक्रमा करें।
3. भगवान विष्णु को पीले पुष्प और तुलसी दल अर्पित करें।
4. चंद्रमा को अर्घ्य देकर परिवार की सुख-समृद्धि की प्रार्थना करें।
5. पक्षियों और गौ सेवा के लिए अन्न या हरा चारा देना भी शुभ माना जाता है।


Disclaimer
इस आर्टिकल में जो जानकारी है, वो धर्म ग्रंथों, विद्वानों और ज्योतिषियों से ली गईं हैं। हम सिर्फ इस जानकारी को आप तक पहुंचाने का एक माध्यम हैं। यूजर्स इन जानकारियों को सिर्फ सूचना ही मानें।

 

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